Friday, November 27, 2020 04:55 PM

चंबा में श्रमिक विरोधी कानून पर गरजे मजदूर

 भारतीय मजदूर संघ ने डीसी के माध्यम से पीएम को भेजा ज्ञापन, जमकर की नारेबाजी

 चंबा-भारतीय मजदूर संघ की चंबा जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को श्रम कानून में श्रमिक विरोधी संशोधनों को रदद करने की मांग को उपायुक्त डीसी राणा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार को ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान डीसी आफिस के बाहर महासंघ के पदाधिकारियों व आशा वर्करों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। प्रतिनिधिमंडल की अगवाई भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान रमेश राणा ने की।

संघ की और से प्रधानमंत्री व केंद्रीय श्रम मंत्री को प्रेषित ज्ञापन में अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने, ठेका मजदूरी में बिचौलिए समाप्त करना, पुरानी पेंशन बहाली, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर्ज व सहायिकाओं, मिड-डे मील वर्कर्ज व सिलाई अध्यापिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने के साथ न्यूनतम 18 हजार रुपए मासिक मानदेय का भुगतान आदि मांगों के अलावा श्रम कानून में श्रमिक विरोधी संशोधनों को तुरंत प्रभाव से रद्द का आग्रह किया है।

भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री सरवन कुमार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा कानूनों को मजबूत करने की बजाय शिथिल किया गया है। केंद्र सरकार ने ट्रेड यूनियन की मांगों को दरकिनार करते हुए अनेक श्रम विरोधी संशोधन किए हैं। इससे श्रमिकों के हितों का हनन हुआ है। उन्होंने कहा कि महासंघ की मांग है कि श्रम संहिता में श्रमिकों को प्रभावित करने वाले संशोधन व प्रावधानों को अविलंब दुरूस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि महासंघ ने हमेशा मजदूर हितों की रक्षा ाव सुरक्षा को पहला ध्येय माना है। उन्होंने केंद्र सरकार से महासंघ के साथ टकराव की स्थिति टालने के लिए जल्द मांग पर सकारात्मक कार्रवाई अमल में लाने को कहा है। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष खैंखो राम व  पदाधिकारियों के अलावा भारी संख्या में आशा वर्कर्ज भी मौजूद रहीं।

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