Friday, February 26, 2021 02:55 AM

ऊना में धांधली पर कांग्रेस का प्रदर्शन

भेडू महादेव, संधोल, बथेरी, उटप व गवेला पंचायतों में आज व 23 को वोटिंग

शकील कुरैशी — शिमला

राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के हो रहे चुनाव में पांच जगहों पर री-पोलिंग करवाने का निर्णय लिया है। री-पोलिंग से जुड़े आदेश बुधवार को चुनाव आयोग ने कर दिए हैं। संबंधित जिलाधीशों को कहा गया है कि वे सही तरह से दोबारा यहां पर चुनाव करवाएंगे, जिसकी तारीख आयोग ने 21 व 23 जनवरी तय की है। इन पांच जगहा ेंपर पोलिंग में लगे अधिकारियों की गलती भारी पड़ी है, जिसके चलते यहां चुनाव दोबारा से करवाना होगा। ये मामले थुरल के भेडू महादेव ब्लॉक के वार्ड नंबर तीन में तथा ग्राम पंचायत संधोल में सामने आए हैं। इनमें अधिकारियों की गलती मानी गई है, जिसमें उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है। कार्रवाई के बारे में जिलाधीशों से आयोग ने रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद एक्शन होगा। जो दिलचस्प मामले सामने आए हैं, उनमें  भेडू महादेव के वार्ड नंबर तीन में एआरओ सुषमा नाम में उलझ गया। ग्राम पंचायत थुरल के अधीन आने वाले इस वार्ड में दो महिला प्रत्याशी थीं, जिनका नाम सुषमा था और इसी नाम में एआरओ गलती कर बैठे, जिसके चलते वहां शिकायत हुई है और अब चुनाव आयोग ने वहां चुनाव दोबारा से करवाने को कहा है।

 इस पर आदेश जारी कर दिए गए हैं। पंचायत समिति का यह चुनाव 21 जनवरी को होगा। वहीं, ग्राम पंचायत संधोल के वार्ड नंबर 5 में बैलेट पेपर पर वोटर का ही नाम लिख दिया गया था। इतना ही नहीं, इसमें दिलचस्प पहलू है कि जिस पोलिंग ऑफिसर ने यह कारनामा किया, वह 17 जनवरी के चुनाव में भी ऐसा ही करके आया है, मगर वहां पर किसी ने भी इसकी शिकायत नहीं की। बैलेट पेपर पर प्रत्याशी का नाम होता है, लेकिन पोलिंग अफसर ने मतदाताओं के नाम अंकित कर दिए। यहां पर भी 21 को चुनाव होगा, वहीं संधोल से पूर्व वह गवेला पंचायत में भी यही कारनामा करके आया था, जिस पर उसने बाद में बताया। ऐसे में संधोल व गवेला में भी दोबारा से चुनाव करवाया जाएगा, जोकि 21 जनवरी को रखा गया है। मंडी की बथेरी पंचायत में  उपप्रधान का चुनाव 23 जनवरी को रखा गया है, वहीं नादौन की उटप पंचायत के वार्ड नंबर तीन में 21 जनवरी को दोबारा से पोलिंग होगी। राज्य चुनाव आयोग के निर्वाचन अधिकारी संजीव महाजन ने इसकी पुष्टि की है। (एचडीएम)

इंदौरा ब्लॉक की बसंतपुर पंचायत में हुए प्रकरण की रिपोर्ट तलब

हिमाचल के चुनाव आयेग ने इंदौरा ब्लॉक की बसंतपुर पंचायत में हुए मामले पर भी रिपोर्ट तलब की है। वहां पर एसडीएम तक को लोगों ने नतीजों वाली रात को बंधक बना लिया था। यहां प्रधान पद के लिए हुए चुनाव पर विवाद चल रहा है, जिस पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब की है।

निजी संवाददाता—भोरंज

उपमंडल भोरंज में पंचायत चुनाव बड़े ही रोचक हो रहे हैं। कई जगह भाई-भाई में मुकाबला हो रहा है, तो कई जगह देवरानी व जेठानी में कड़े मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। विकास खंड भोरंज में दूसरे चरण के चुनावों में ग्राम पंचायत करहा के वार्ड नंबर पांच में वार्ड सदस्य का बड़ा रोचक मुकाबला देखने को मिला। वार्ड पांच से देवरानी और जेठानी चुनावी मैदान में थीं। दोनों ही परिवार कुछ समय पहले एक साथ रहते थे, लेकिन पारिवारिक कारणों से दोनों अलग-अलग हो गए, जिससे परिवारिक लड़ाई ने दोनों परिवारों को चुनावी मैदान में पहुंचा दिया। जेठानी पुष्पा देवी और देवरानी कमलेश कुमारी में यह मुकाबला हुआ, जिसमें कड़ी टक्कर हुई। लोगों ने देवरानी के पक्ष में 60 वोट और जेठानी को 44 वोट डाले। इससे देवरानी को 16 वोट से हार का सामना करना पड़ा। ग्राम पंचायत करहा के सभी पांच वार्डों की निगाह चुझाणी वार्ड नंबर पांच पर टिकी हुई थीं। लोग भी इस वार्ड से वार्ड सदस्य के चुनाव को लेकर खासे उत्साहित थे।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—हमीरपुर

विकास खंड नादौन की उटप पंचायत के बाद अब विकास खंड भोरंज की ग्राम पंचायत पट्टा में भी बैलेट पेपर पर मतदाता का नाम अंकित होने का मामला सामने आया है। पंचायत से उपप्रधान पद के प्रत्याशी रहे मुकेश कुमार ने इसकी ऑनलाइन शिकायत करने की बात कही है। इस बारे में एसडीएम भोरंज और रिटर्निंग अधिकारी डा. राकेश शर्मा की मानें, तो जब भी ऐसे वोट कभी डाले जाते हैं, तो एक्ट में प्रावधान है कि काउंटिंग के समय उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि बैलेट पेपर पर स्टेंप के अलावा किसी भी तरह का निशान नहीं लगाया जा सकता। यदि ऐसा होता है, तो उस वोट को काउंट ही नहीं किया जाता। जानकारी के मुताबिक पट्टा पंचायत से उपप्रधान का चुनाव हारे मुकेश कुमार ने लिखित शिकायत में कहा है कि 17 जनवरी को उनकी पंचायत में मतदान हुआ था। काउंटिंग के समय पाया गया कि कुछ बैलेट पेपर पर मतदाताओं के नाम भी अंकित किए गए थे। मतदान एक गुप्त प्रक्रिया है। इस तरह नाम अंकित होने से, तो गुप्त मतदान का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता, क्योंकि सबको पता लग जाता है कि किसने किसे वोट डाला है। उन्होंने अंदेशा जताया कि जब वहां ड्यूटी पर सरकारी मुलाजिम होते हैं, तो इस तरह के वाकया कैसे सामने आते हैं।

जिला में कई जगह मतगणना पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—ऊना

पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में मतगणना को लेकर कई स्थानों पर रोष के स्वर उठे हैं। कांग्रेस पार्टी ने सत्ताधारी दल भाजपा पर सत्ता के दबाव में मतगणना को प्रभावित करने के आरोप दागे हैं। पंचायती राज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव के तहत कुटलैहड़ विस क्षेत्र के तहत नारी पंचायत में पंचायत प्रधान पद की मतगणना में भाजपा समर्थित प्रधान को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को नारी गांव में प्रदर्शन किया, वहीं ऊना विस क्षेत्र के मजारा गांव में पंचायत प्रधान पद की मतगणना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को हराने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा को ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा व कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विवेक शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि जयराम सरकार सत्ता का प्रभाव दिखाकर पंचायतों के चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि नारी गांव में कांग्रेस प्रत्याशी को पहले 10 मतों से हरा दिया गया, वहीं रि-काउंटिंग को अवैध मतों को भाजपा के पक्ष में गिनकर एक तरफा चुनाव नतीजा घोषित कर दिया गया।  पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ रहे कुलदीप चंद व उनके महिलाओं सहित पारिवारिक सदस्यों पर पुलिस ने डंडे बरसाकर बर्बरता दिखाई। मतगणना में कथित धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने नारी गांव में धरना-प्रदर्शन भी किया। करीब चार घंटे तक बाबा डेरा-टक्का मार्ग को जाम कर दिया गया, जिसे बाद में एसडीएम ऊना डा. सुरेश जसवाल व तहसीलदार विजय राय ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर खुलवाया।