Wednesday, November 25, 2020 09:33 PM

कोरोना ने यह क्या कर दिया, स्कूलों में स्टाफ संग ज्यादा टाइम नहीं बिता पाएंगे शिक्षक, पढ़ें पूरी खबर

एक साथ 22 शिक्षकों के पॉजीटिव आने के बाद सरकार व शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। राज्य सरकार ने गुरूवार को नए आदेश जारी कर प्रिसींपल को कहा है कि शिक्षक  सोशल डिस्टैंस को कायम रखे, वहीं स्कूल परिसर के अंदर स्टॉफ एक साथ न बैठे।   इसके साथ ही सरकार के आदेश है कि शिक्षक ज्यादा समय तक स्टॉफ रूम में भी सबके साथ समय व्यतीत न करें। अगर कोई बैठक भी होती है, तो उसमें भी दूरी बनाकर बैठे। राज्य सरकार की ओर से शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने कहा है कि स्कूल प्रीसिंपल की जि मेवारी है कि छात्र व शिक्षकों को गेट से अंदर तभी एंट्री दी जाएं, जब थर्मल स्कैनिंग हो। थर्मल स्कैनिंग के बाद भी नॉर्मल ट परेचर होने के बाद ही परिसर के अंदर छात्र व शिक्षकों को एंट्री दी जाएं। फिलहाल शिक्षकों को सरकार ने आदेश दिए है कि ज्यादा लोगों के संपर्क में न आए, ओर कोविड की सभी गाइडलाइन का पालन करें, ताकि छात्रों को स्कूलों में सुरक्षित पढ़ाया जा सकें। गौर हो कि सरकार ने भले ही 2 नवंबर से स्कूल कॉलेजों को खोल दिया हो, लेकिन सरकार व शिक्षा विभाग को अब डर सताने लगा है। स्कूल तो खोल दिए लेकिन अब छात्रों को इस संक्रमण से बचाना बड़ी चुनौती सरकार व शिक्षा विभाग के लिए है। फिलहाल अब स्कूलों में शैक्षणिक सत्र पूरे करने पर भी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

बताया जा रहा है कि सर्दिंयों में भी छुट्टियां नहीं होगी। ऐसे में दो नवंबर से खुलने जा रहे स्कूलों में जनवरी और फरवरी में भी नियमित कक्षाएं लगाने पर सरकार विचार कर रही है। जानकारी के अनुसार कोरोना संकट के चलते इस बार शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रखी जाएगी। साढ़े सात माह तक स्कूल बंद रहने के कारण अब शैक्षणिक सत्र को बढ़ाने की प्रक्त्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। संभावित है कि नवंबर या दिसंबर की कैबिनेट बैठक में इसे रखा जाएगा। पहली से 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं इस बार एक साथ पूरे प्रदेश में मार्च 2021 में लेने का फैसला लिया गया है। कोरोना के चलते इस साल मार्च से हिमाचल में स्कूल बंद हैं। बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को ऑनलाइन शिक्षण सामग्री व्हाट्सएप से भेजी जा रही है। ऑनलाइन फर्स्ट टर्म परीक्षाएं भी ली गईं। सेकेंड टर्म परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। ई पीटीएम भी विभाग दो बार कर चुका है। अब प्रदेश में पहले के मुकाबले हालात कुछ सामान्य हो रहे हैं।

दो नवंबर से सरकार ने नौवीं से 12वीं कक्षा की नियमित कक्षाएं लगाने का फैसला लिया है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने इस बार शीतकालीन स्कूलों में जनवरी और फरवरी की छुट्टियां नहीं देने का फैसला लिया है। इन दो माह में भी स्कूल खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस मामले को भी कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्च से स्कूल बंद होने के चलते टीचिंग डे प्रभावित हुए हैं। सिलेबस पूरा करने और बच्चों की पढ़ाई को गति देने के लिए सर्दियों की छुट्टियां नहीं दी जाएंगी। कोरोना के चलते पहले ही स्कूलों की छुट्टियां का कोटा पूरा कर लिया गया है।

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