Tuesday, November 30, 2021 07:42 AM

भगवान रघुनाथ जी का रथ खींचने को उमड़ी भीड़

रथ खींच कमाया पुण्य, रथ यात्रा के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से मैदान के चारों तरफ बैठे लोग

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू गुरुवार को संपन्न हुए अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के अंतिन दिन भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिली। भारी संख्या में अंतिम दिन भगवान रघुनाथ जी की शोभायात्रा में पहुंचे भक्तों ने भी रथ को खींचकर पुण्य कमाया। यही नहीं, यहां भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने शांतिपूर्वक तरीके से रथयात्रा को देखने का भी लुत्फ उठाया। बता दें कि यह पहला मौका था, जब लोगों ने भारी संख्या में पहले दिन की भांति की अंतिन दिन भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और रथ यात्रा संपन्न होने तक लोग मैदानों में बैठे रहे। पिछले दो साल से कोविड-19 के चलते दशहरे का स्वरूप अलग तरीके से देखने को मिल रहा है। किसी भी तरह का कोराबार न होने के चलते हालांकि दो साल से दशहरे से रौनक गायब है, लेकिन इस साल जिलाभर के देवी-देवताओं को निमंत्रण प्रशासन की और से भेजा गया था, जहां पर नजराना न भी देने की बात हुई थी। बावजूद इसके जिलाभर के अनेक देवी-देवताओं ने दशहरे में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। पहली बार दशहरे में 285 देवी-देवता पहुंचे और सात दिनों तक ढालपुर के मैदान स्वर्ग में तबदील हो गया।

पहली बार रामपुर से डोडरा क्वार से भी माता चामुंडा ने अपनी उपस्थिति भरी, जहां पर माता के दर्शन करने के लिए भी स्थानीय लोग उनके शिविर में माता का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे। सात दिवसीय दशरहा उत्सव यहां लंका दहन के बाद संपन्न होते ही ढालपुर के मैदानों में भी सन्नाटा पसर गया। नम आंखों से भक्तों ने देवी-देवताओं को विदाई दी और सालभर बेहतर गुजरे। इसकी मनोकामना की। देवी-देवताओं के अपने देवालयों को लौटते ही समूचे शहर से रौनक गायब होते ही लोग भी मायूस दिखे। इधर, अंतिम दिन उमड़ी लोगों की भीड़ देवताओं के इस महाकुंभ में जिस तरह से उमड़ी। इससे साफ है कि लोग दशहरे में देवी-देवताओं के आगमन पर काफी खुश नजर आते हैं। क्योंकि साल बाद लोगों को एक ही जगह पर समस्त देवी-देवताओं के दर्शन करना का मौका मिल पाता है। बरहाल, दशहरा संपन्न होते ही ढालपुर के मैदान देवताओं के लौटते ही सूने पड़ गए हैं। भगवान रघुनाथ जी भी सात दिनों बाद गुरुवार को अपने स्थायी मंदिर सुलतानपुर में विराजमान हो गए हैं। वहीं, सात दिनों बाद घर लौटने पर सुलतानरपुर वासियों ने भी भगवान रघुनाथ जी का मंदिर पहुंचे पर भव्य स्वागत किया।