Sunday, May 09, 2021 06:12 PM

हिमाचल में बढ़ी प्रॉपर्टी की डिमांड, हिमुडा ने बेची 17 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी

दूसरे राज्यों में रह रहे लोग पहाड़ों पर चाहते हैं अपना आशियाना

प्लॉट-फ्लैट की तलाश में खरीददार, परिजनों-दोस्तों से कर रहे संपर्क

कोरोना के बीच हिमुडा ने बेची 17 करोड़ की प्रॉपर्टी

शकील कुरैशी- शिमला

दूसरे राज्यों में रहने वाले हिमाचली वहां के गंभीर हालातों के बीच हिमाचल लौट रहे हैं। वह चाहते हैं कि उनको यहां पर कोई अच्छा सा प्लॉट या फिर फ्लैट मिल जाए, जिसकी खरीदकर कर वह अपना नया आशियाना यहां पर बसा लें। ऐसे लोग लगातार हिमाचल में रहने वाले अपने साथियों व परिजनों से संपर्क में हैं । ऐसे में कोरोना काल के बीच प्रदेश सरकार की एजेंसी हिमुडा ने भी अपनी संपत्ति को बेचा है। बताया जाता है कि जिस संपत्ति को पिछले डेढ़ दो साल से वह नहीं बेच पा रहे थे वह झटके में निकल गई। तभी अगले महीने तक एक बार और नीलामी करने की सोची गई है, क्योंकि अभी भी हिमुडा के पास करीब 60 करोड़ रुपए की संपत्ति बची हुई है। सूत्रों के अनुसार हिमुडा ने लॉटरी सिस्टम से अपने 49 यूनिट को बेच दिया है, जिसके बाद वह और नीलामी करवाने की सोच रहा है।

कहां, कितने प्लाट बिके

चंबा में चार प्लॉट्स व एक हाउस बिक चुका है। वहीं, नालागढ़ में एक फ्लैट लॉटरी सिस्टम के तहत बेचा गया है। हमीरपुर में 11 प्लॉट्स इस बार बेचे गए हैं, जो भी बिक नहीं रहे थे। देहरा में भी संपत्ति यूं ही पड़ी हुई थी, जहां पर चार प्लॉट्स इस बार बेचे गए हैं। इसी तरह से शिमला जिला के रामपुर में नौ प्लॉट्स की बिक्री लॉटरी सिस्टम से हुई है। सोलन के बसाल में सात प्लॉट्स व तीन फ्लैट की बिक्री हुई है। कुल्लू में दो हाउस हिमुडा ने बेचे हैं। ऊना में भी दो हाउस व चार प्लॉट्स की बिक्री हुई। परवाणू में एक फ्लैट की बिक्री की गई है।

हिमुडा के पास 60 करोड़ की प्रापर्टी

अभी 60 करोड़ रुपए की संपत्ति हिमुडा के पास पड़ी है, जिसको बेचने के लिए अब नए सिरे से कवायद शुरू की जाएगी। यह संपत्ति धर्मशाला, चंबा, सोलन, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, देहरा व शिमला में है। शिमला के जाठियादेवी में टाउनशिप की योजना थी, जो पूरी नहीं हो पा रही है। यहां पर भी प्लॉट्स काटकर बेचने की योजना है वहीं, धर्मशाला में आवासीय कालोनी का निर्माण करने की मंजूरी भी हिमुडा को मिल चुकी है। सोलन, ऊना व सिरमौर में कुछ विवादित जमीनें हैं, जिनको बेचने में खासी दिक्कतें हो रही हैं क्योंकि यहां पर सड़क से काफी दूर जमीन ले ली गई।