Friday, August 07, 2020 06:43 PM

दूसरे पक्ष ने बेबुनियाद बताए आरोप

सोलन-रामशहर थाना के मनलोगकलां क्षेत्र में वन कटाई को लेकर चल रहे विवाद के बीच दूसरे पक्ष ने भी अपना बयान जारी किया है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचारधीन शिकायतकर्ता के आरोपों को दरकिनार करते हुए दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद एवं झूठे हैं। उनका कहना है कि 22 जून को जब वह अपनी गाड़ी लेने जा रहा था तो शिकायतकर्ता और उसका बेटा अपनी गाड़ी से उतर कर रॉड और पेंचकस लेकर उस पर हमला करने लगे तो वह अपनी जान बचाने को खेत में कूद गया। उनका कहना है कि वह  निहत्था था अपने बचाव के लिए खेत से डंडा लिया और उन दोनों से अपनी रक्षा की तथा लोगों को आवाजें लगाई। तब आसपास के लोग आए और बचाव किया। उनका कहना है कि उन्होंने पेड़ अपनी मिलकीयत में काटे थे। वन विभाग और राजस्व विभाग  मौके पर पहुंच कर निशानदेही कर रहे हैं। दूसरी तरफ वन विभाग उप अरण्यपाल, नालागढ़ वन मंडल नालागढ़ ने कहा कि वन परिक्षेत्र अधिकारी को 17 जून को ग्राम मनलोगकलां में तुनी के पेड़ काटने की सूचना दूरभाष पर मिली थी। इसी सूचना के आधार पर 18 जून को बीट गार्ड चीलड बीट और वन खंड अधिकारी दीगल ने मौका का दौरा किया और जांच में पाया गया जो पेड़ काटे गए हैं वे आरोपी की निजी भूमि पर प्रतीत हो रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारियों ने आरोपित के ब्यान कलमबद्ध कर मौका पर पड़ी तुनी की लकड़ी को कब्जे में लिया गया। इसके बाद राजस्व विभाग को भी सूचित किया गया और जहां पर पेड़ काटे गए वहां की निशानदेही बार कार्रवाई अमल में लाने को कहा गया। वन विभाग का कहना है कि जिस भूमि से तुनी के पेड़ काटे गए है वन विभाग कि भूमि यानी आरक्षित वन नहीं है और न ही वन भूमि है। संबंधित वन रक्षक व वन खंउ अधिकारी के ब्यान के अनुसार उन्होंने शिकायतकर्ता के बारे में कोई सूचना किसी को भी नहीं दी है। विभाग का कहना है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा निशानदेही देने के उपरांत वन विभाग द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

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