Tuesday, June 15, 2021 12:47 PM

जल्द गूगल पर भूकंप की जानकारी, एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नया अपडेट

बीबीएन में चारों निर्माता कंपनियों के बाहर 24 घंटे जवान तैनात, उद्योगों के बिजली फीडरों पर भी पैनी नजर

विपिन शर्मा-बीबीएन

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच देशभर में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के बीच जहां हिमाचल के ऑक्सीजन निर्माता संयंत्र निरंतर उत्पादन बढ़ाने में जुट गए है। वहीं, इन संयंत्रों की सुरक्षा व ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी कड़ी में औद्योगिक क्षेत्र बद्दी व बरोटीवाला स्थित ऑक्सीजन निर्माता चारों सयंत्रों के बाहर पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस कर्मी दिन-रात इन संयंत्रों के बाहर तैनात रहेंगे। बता दें कि इन चारों संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 100 टैंकर, ट्रक व पिकअप हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के लिए ऑक्सीजन लेकर निकलते हैं। पुलिस इन संयंत्रों से ऑक्सीजन भर कर निकल रहे वाहनों को सुरक्षा घेरे के बीच रवाना कर रही है। इसके अलावा इन संयंत्रों को जिन बिजली के फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। पुलिस जवान उन इलाकों में भी निरंतर गशत कर रहे है।

यहां उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बीबीएन क्षेत्र में इनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स, हिमालय गैसिज, इंडो गैसिज एंड अलाइड इंडस्ट्रीज तथा शिवालिक गैसिज में ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। उत्तर भारत के सबसे बड़े तरल ऑक्सीजन निर्माता सयंत्र इनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स में प्रतिदिन 120 टन तरल ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है, जबकि हिमालय गैसिज में प्रतिदिन 3000 क्यूबिक मीटर, इंडो गैसिज एंड अलाइड इंडस्ट्रीज में प्रतिदिन 4800 क्यूबिक मीटर तथा शिवालिक गैसिज में प्रतिदिन 3600 क्यूबिक मीटर गैस ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के एक अनुरोध के बाद हिमाचल के तरल ऑक्सीजन के कोटा को 15 मीट्रिक टन (मीट्रिक टन) से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन कर दिया है। राज्य में एक तरल ऑक्सीजन निर्माता के अतिरिक्त आठ निजी उत्पादक भी राज्य को मेडिकल ऑक्सीजन मुहैया करा रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में ऑक्सीजन निर्माण के लिए कालाअंब, कांगड़ा, बरोटीवाला और कुल्लू में चार नए लाइसेंस दिए गए हैं।

100 टैंकर-ट्रक-पिकअप से सप्लाई

एसपी बददी रोहित मालपानी ने बताया कि बीबीएन में स्थित चार ऑक्सीजन संयंत्रों से ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति व 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इन संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 100 टैंकर, ट्रक व पिकअप बीबीएन से प्रदेश के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों के लिए सप्लाई लेकर जाते है। इन संयंत्रों को जिन फीडर से बिजली आपूर्ति की जाती है, उन पर भी जवान गश्त कर रहे हैं।

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय भी अलर्ट

पुलिस जिला प्रशासन ने भी सुरक्षित परिवहन के निर्देशों की अनुपालना सनिश्चित करते हुए चारों संयंत्रों के बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी है। यही नहीं, पुलिस कर्मी आईनॉक्स कपंनी के 132 केवी फीडर की रखवाली के लिए निरंतर गश्त कर रहे है। इस जरूरत को देखते हुए केंद्रीय विद्युत मंत्रालय भी ऑक्सीजन संयंत्रों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो इस संदर्भ में निरंतर निगरानी व समीक्षा कर रहा है।

पिछले सप्ताह लगातार आए भूकंप के कारण लोग काफी डर गए हैं। टेक्नोलॉजी चाहे अब तक कितनी भी एडवांस हो गई है, लेकिन भूकंप के बारे में अभी भी सटीक जानकारी मिल पाना बहुत ही मुश्किल है। हालांकि गूगल ने अब कहा है कि वह भूकंप के बारे में अलर्ट करने वाला फीचर कुछ देशों के लिए जारी करने वाली है। इस फीचर को सबसे पहले एंड्रॉयड यूजर्स के लिए लाया जाएगा। खास बात यह है कि यूजर्स को भूकंप के अलर्ट को ऑफ करने का भी विकल्प मिलेगा। गूगल ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि भारत और अन्य देशों के लिए भूकंप अलर्ट करने वाला यह नया फीचर कब तक जारी किया जा सकता है।