Friday, October 23, 2020 04:36 AM

आठ हजार की रेत 27000 में

गगरेट में खनन माफिया रोजाना प्रदेश सरकार को लगा रहा लाखों रुपए का चूना

खनन विभाग की रहस्यमय चुप्पी से बेशक खनन माफिया के वारे-न्यारे कर दिए हैं लेकिन कोरोना काल में जहां प्रदेश सरकार के आय के साधन सीमित हुए हैं वहीं खनन माफिया भी रोजाना प्रदेश सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा रहा है। इस धंधे में मोटी कमाई का ही सबब है कि खनन माफिया रात के अंधेरे में स्वां नदी का सीना छलनी कर रहा है लेकिन उसे रोकने वाला कोई नहीं। आठ हजार रुपए में यहां भरा जाने वाला नौ सौ फुट रेत का टिप्पर प्रदेश की सीमा पार करते ही सत्ताइस हजार रुपए कीमत का हो जा रहा है।

इस गौरखधंधे से प्रदेश सरकार को ही चूना नहीं लग रहा है बल्कि अवैज्ञानिक तरीके से सोमभद्रा नदी में हो रहे खनन से प्राकृतिक संतुलन को भी खतरा पैदा हो गया है। खनन का यह धंधा जिला ऊना में अब शुरू नहीं हुआ है बल्कि अरसे से ये धंधा फल-फूल रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि सरकार बदलते ही किरदार बदल जाते हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार में जहां भाजपा जोर-शोर के साथ सत्ता की मिलीभगत से अवैध खनन का मुद्दा उठाती रही वहीं अब विरोध जताने वालों की कतार में कांग्रेस नेता हैं। यहां तक कि खनन माफिया से मिलीभगत के आरोप सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं पर भी लगाए जा चुके हैं लेकिन खनन का ये खेल बंद नहीं हो पाया है।

सोमभद्रा नदी के रेत की डिमांड पंजाब में किस कद्र है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां का रेत पंजाब के सीमावर्ती जिला फिरोजपुर तक सप्लाई हो रहा है। ये खेल भी बड़े ही सुनियोजित तरीके से खेला जा रहा है। नौ सौ फुट टिप्पर को नौ मीट्रिक टन का एम-फार्म दिया जाता है ताकि अगर रास्ते में कहीं पुलिस जांच करना चाहे तो पुलिस की आंखों में धूल झोंककर टिप्पर आसानी से निकाले जा सकें जबकि इन टिप्परों में सत्ताइस-सत्ताइस मीट्रिक टन रेत लदा होता है। यहां इन टिप्परों को करीब साढ़े ग्यारह सौ रुपये प्रति सौ फुट के हिसाब से रेत दिया जाता है और होशियारपुर पहुंचते ही इस रेत की कीमत तीन हजार रुपये प्रति सौ फुट हो जाती है और पंजाब में खुले बाजार में ये रेत चार हजार रुपये प्रति सौ फुट तक उपलब्ध है। हालांकि पहले ये टिप्पर पंडोगा से होते हुए

होशियारपुर चले जाते थे लेकिन अब पंजाब में भारसेतु स्थापित कर दिए जाने से ये टिप्पर वाया गगरेट भेजे जा रहे हैं। आखिर खनन विभाग की नींद क्यों नहीं टूट रही है ये समझ से परे है जबकि पुलिस ने अपना दायित्व समझते हुए इन टिप्परों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अगर समय रहते इन पर अंकुश न लगा तो सोमभद्रा नदी का हश्र तो बुरा होगा ही बल्कि जिला ऊना में भूमिगत जलस्तर गिर जाने से पानी की बूंद-बूंद को भी तरसना पड़ सकता है।

पेखूबेला में खड़े ट्रक से मारी बाइक

ऊना। ऊना थाना क्षेत्र के तहत पेखूबेला में बाइक सवार सड़क किनारे खड़े ट्रक के साथ टकरा जाने से घायल हुए है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज करवाकर जांच आरंभ कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में ट्रक चालक ने बताया कि वह मोगा से अपने ट्रक में रेत भरवाने नंगड़ा आया था। इसने पेखुबेला में डीजल भरवाने के लिए अपना ट्रक पेट्रोल पंप पेखूबेला में खड़ा किया था। इस दौरान पेखूबेला की तरफ से आए तेज रफ्तार बाइक चालक ने खडे़ ट्रक में टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइक सवार घायल हो गए। एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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