Saturday, November 27, 2021 10:17 PM

पराशर की कंपनी में 382 युवाओं को रोजगार

कैप्टन संजय बोले, साल के अंत तक पांच सौ युवाओं को रोजगार देने का रखा टारगेट

स्टाफ रिपोर्टर- गरली बेशक कोरोना काल शुरू होने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में भारी कमी दर्ज हुई है, लेकिन जसवां-परागपुर सहित प्रदेश के लिए राहत की बात यह रही कि कैप्टन संजय की कंपनी ने इसी विपरित समयाविध में में रोजगार सृजन को लेकर शानदार प्रदर्शन किया है। जिन युवाओं का रोजगार छिन गया था, उनकी काबियलित को पहचानते हुए संजय ने रोजगार उपलब्ध करवाया। प्रदेश की पहली शिपिंग कंपनी वीआर मेरीटाइम सर्विसेस प्रा. लिमिटेड ने जसवां-परागपुर और चिंतपूर्णी के अपने तीन कार्यालयों में 82 युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। इस कंपनी के जहाजों पर इस समय ऑन बोर्ड एक सौ से ज्यादा हिमाचली कार्यरत हैं। बड़़ी बात यह भी है कि एक ही जहाज पर छह हिमाचली सीफरर्स भी अपनी सेवाएं प्रदान करने जा रहे है। कंपनी हिमाचल में स्थापित होने के बाद प्रदेश के कुल 382 युवाओं को रोजगार प्रदान कर चुकी है।

कैप्टन संजय ने इस वर्ष के अंत तक कुल पांच सौ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है और जिस तरह से उनकी कंपनी युवाओं को मर्चेंट नेवी और अपने कार्यालयों में नौकरी प्रदान कर रही है, उससे साफ दिखता है कि पराशर आसानी से तय किए आंकड़े को पार कर जाएंगे। निश्चित तौर पर ऐसा सब संभव हुआ है कि कंपनी के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर के विजन के कारणए जहां उन्होंने युवाओं की प्रतिभा को तराशने और प्रशिक्षित करने के लिए निरंतर देश भर से विशेषज्ञों की टीम के साथ बेबीनार का आयोजन किया तो अब ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क कम्प्यूटर और इंग्लिश लर्निंग सेंटर भी खोले जा रहे हैं। इसके अलावा पिछले समय से पराशर शिक्षण संस्थानों में कैरियर काउंसलिंग का भी आयोजन करते रहे हैं। बड़ी बात यह भी है कि देश की अन्य नामी मेरीटाइम कंपनियों के लिए भी पराशर ट्रेंड सेटर बन चुके हैं। कुछ कंपनियां अगले वर्ष तक जसवां-परागपुर और आसपास के क्षेत्रों में अपने कार्यालय खोलने के लिए विचार कर रही हैं। अगर ऐसा होता है तो निस्संदेह इस क्षेत्र में समुद्र के रास्ते रोजगार की अपार संभावनाएं होंगी।