Thursday, March 04, 2021 02:23 PM

अजिंक्य में कैप्टेंसी की हर खूबी

मुंबई। आस्ट्रेलिया का दौरा किसी भी क्रिकेट टीम के लिए मुश्किलों भरा रहता है। तेज और उछाल वाली विकेट पर खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। इस गीच कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने जिस तरह से टीम इंडिया को संभाला, उसे आसानी से नहीं भुलाया जा सकता। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा, रहाणे ने मेलबोर्न में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शतक लगाया और आगे बढ़कर टीम की अगवाई की। एक कप्तान के लिए इस तरह रन बनाना जरूरी होता है। जिस तरह से उन्होंने मुश्किल समय में टीम की अगवाई की वह अनुकरणीय था।

 उनकी शांतचित का टीम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। बतौर कप्तान उन्होंने अच्छी रणनीति अपनाई। एमसीजी टेस्ट के पहले दिन रविचंद्रन अश्विन से गेंदबाजी कराना प्रशंसनीय है। उन्होंने अश्विन को स्वतंत्र होकर गेंदबाजी की अनुमति दी। बैटिंग ऑर्डर में ऋषभ पंत को हनुमा विहारी से आगे भेजना मास्टर स्ट्रोक था। टीम की अगवाई करने का तरीका हर कप्तान का अलग होता है। मुश्किल समय में कप्तान का शांतचित रहना अहम होता है। जब कैच ड्रॉप हुए, फील्डर्स से गलती हुई या जब गेंदबाज या बल्लेबाज फेल हुए। बतौर कप्तान मैंने इस तरह की क्वालिटी अजिंक्य रहाणे में देखी।