Tuesday, June 15, 2021 12:18 PM

Exam : कालेजों में जुलाई के पहले हफ्ते में एग्जाम, कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी

कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी, एचपीयू करेगा परीक्षाओं से जुड़ी पूरी व्यवस्था

प्रतिमा चौहान – शिमला

लंबे समय से यूजी परीक्षा का इंतजार कर रहे एक लाख 35 हजार छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। जुलाई से यूजी फस्र्ट, सैंकेड, फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं करवाई जाएंगी। शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। बताया जा रहा है कि जुलाई के पहले हफ्तें में कालेज के फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। उसके बाद हालात को देखते हुए फस्र्ट व सेकेंड ईयर के छात्रों की भी लिखित परीक्षा होगी। सरकार ने शिक्षा विभाग व एचपीयू को परीक्षाओं को लेकर पूरी व्यवस्था करने के आदेश दिए है। मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में कोरोना महामारी के दृष्टिगत यूजीसी द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार स्नातक तथा शास्त्री के अंतिम वर्ष की परिक्षाएं जुलाई के पहले हफ्ते में आयोजित की जाएंगी।

मंत्रिमंडल ने अंतिम वर्ष की परीक्षाएं समाप्त होने पर स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परिक्षाएं आयोजित करने के भी आदेश जारी किए। अहम यह है कि अगस्त माह के प्रथम सप्ताह से शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक की कक्षाएं आरंभ करने का भी निर्णय लिया गया। अब यूजी छात्रों की डेटशीट एचपीयू अलग से एक व दो दिन में जारी करेगा। बता दें कि एचपीयू ने कालेज में पढऩे वाले फस्र्ट, सेकंेड व फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा करवाने को लेकर पहले से ही तैयार हो गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सरकार को प्रोपोजल भेजा था। इस प्रोपोजल में एचपीयू ने फस्र्ट, सेकेंड व थर्ड ईयर के छात्रों की परीक्षाओं को करवाने पर हामी भी भरी थी। (एचडीएम)

पेपर चैक करने अब स्कूल पहुंचेंगे शिक्षक

कैबिनेट में फैसला लिया गया कि पेपर चैक करने के लिए स्कूलों में शिक्षक पहुंचेंगे। यानी अब स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं चैक करने के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें आना ही होगा। स्कूल प्रिंसिपल विषय संबधित शिक्षक को बुलाने के लिए अधिकृत है। बता दें कि दसवीं के हिंदी का पेपर चैक करने का कार्य आजकल शुरू हुआ है। ऐसे में अब टैब्यूलेशन कमेटी में शामिल शिक्षक छात्रों का रिजल्ट ऑनलाइन बोर्ड के सॉफ्टवेयर पर अपडेट करेंगे, ताकि दसवीं का तुरंत रिजल्ट निकाला जा सके।