Sunday, May 09, 2021 08:08 PM

खाद के दाम बढ़ाना... किसानों-बागबानों पर प्रहार

कीटनाशकों की सबसिडी समाप्त करने के बाद अब 700 रुपए तक उर्वरकों की कीमत बढ़ाने का किया विरोध

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर खादों की कीमत में हुई इजाफे ने जिला कुल्लू के किसानों-बागबानों को टेंशन में डाल दिया है। कोरोना संक्रमण के संकट के बीच पहले से ही आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे घाटी कि किसानों-बागबानों को अब खाद के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। लिहाजा, किसानों-बागबानों ने बढ़ी हुई कीमतों पर नाराजगी जाहिर की है और सरकार से इस दिशा में मदद की आस जताई है। बता दें कि जिला में कृषि-बागबानी सीजन आरंभ हो चुका है और आने वाले दिनो में बड़े स्तर पर खाद की जरूरत किसानों-बागबानों को है, लेकिन इसी बीच कई खादों की कीमतें बढ़ गई हंै।

इससे पहले प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के नाम पर दवाइयों पर मिलने वाली सबसिडी को समाप्त कर दिया है और ये दवाइयां भी महंगी दरों पर अब मिल रही हैं। इफ्को ने जरूरी खादों की कीमत में छह से सात सौ रुपए तक की वृद्धि की है। जानकारी के अनुसार डीएपी खाद की कीमत 1200 से बढ़कर 1900 रुपए बैग, 10:26:26 खाद 1175 से 1775, 12:32:16 खाद 1185 से 1800 रूपए तथा 20:20:00:13 खाद 925 से बढ़कर 1350 रुपए प्रति बैग हो गई है। जिला कुल्लू के किसान बागबान संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार सरकार किसानों-बागबानों के हितों से खिलवाड़ कर रही है और किसानों-बागबानों के हितों की सरकार कोई परवाह नहीं कर रही है। इनके अनुसार उर्वरको में एकाएक 700 रुपए की वृद्धि किसानों-बागबानों की आर्थिकी पर एक बड़ा प्रहार है। किसानों-बागबानों को पहले ही उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलता, ऊपर से उन्हें उर्वरको, कीटनाशकों, फफंूदनाशक व अन्य आवश्यक उपकरणों गत्ते के बक्से आदि महंगी दरों पर मिलने से किसान-बागबान कृषि के प्रति हतोत्साहित होंगे, जो चिंता का विषय है।