Thursday, March 04, 2021 02:30 PM

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक का मानना, कोच शास्त्री को भी मिले जीत का क्रेडिट

नई दिल्ली। मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड पर अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भारत की तरफ से बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में सर्वाथिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रहे। उन्होंने इस दौरान तीन टेस्ट मैचों में कुल 13 विकेट अपने नाम किए। उनके इस प्रदर्शन के बाद टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने उनकी जमकर तारीफ की है और उन्हें आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज की खोज बताया है। शास्त्री ने कहा कि इस दौरे पर उसने काफी कुछ झेला। अपने पिता को खोया, नस्लीय टिप्पणी का शिकार हुआ, इसके बावजूद अपने खेल को प्रभावित नहीं होने दिया और टीम को ऐतिहासिक सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई।

मुंबई। आस्ट्रेलिया का दौरा किसी भी क्रिकेट टीम के लिए मुश्किलों भरा रहता है। तेज और उछाल वाली विकेट पर खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। इस गीच कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने जिस तरह से टीम इंडिया को संभाला, उसे आसानी से नहीं भुलाया जा सकता। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा, रहाणे ने मेलबोर्न में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शतक लगाया और आगे बढ़कर टीम की अगवाई की। एक कप्तान के लिए इस तरह रन बनाना जरूरी होता है। जिस तरह से उन्होंने मुश्किल समय में टीम की अगवाई की वह अनुकरणीय था।

 उनकी शांतचित का टीम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। बतौर कप्तान उन्होंने अच्छी रणनीति अपनाई। एमसीजी टेस्ट के पहले दिन रविचंद्रन अश्विन से गेंदबाजी कराना प्रशंसनीय है। उन्होंने अश्विन को स्वतंत्र होकर गेंदबाजी की अनुमति दी। बैटिंग ऑर्डर में ऋषभ पंत को हनुमा विहारी से आगे भेजना मास्टर स्ट्रोक था। टीम की अगवाई करने का तरीका हर कप्तान का अलग होता है। मुश्किल समय में कप्तान का शांतचित रहना अहम होता है। जब कैच ड्रॉप हुए, फील्डर्स से गलती हुई या जब गेंदबाज या बल्लेबाज फेल हुए। बतौर कप्तान मैंने इस तरह की क्वालिटी अजिंक्य रहाणे में देखी।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिस अंदाज में आस्ट्रेलिया में खेल और जज्बा दिखाया, उसकी तारीफ हर कोई कर रहा है। इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने कहा कि कि विराट कोहली को टेस्ट कप्तानी से हटाने के बारे में सोचना गलत है। दासगुप्ता ने कहा, कभी-कभी ऐसा होता है कि लीडर आगे बढ़कर खड़े होते हैं। यही आस्ट्रेलिया में हुआ। अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा ने आगे बढ़कर टीम का जज्बा दिखाया, लेकिन यह कहना कि विराट को हटाना चाहिए तो यह गलत होगा। विराट कोहली वही खिलाड़ी हैं, जिसके नेतृत्व में दो साल पहले भारत ने आस्ट्रेलिया की मेजबानी में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का इतिहास रचा था।

 विराट की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 बनी। मुझे लगता है कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड सीरीज का परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन केवल तीन मैचों के बाद ही कह देना कि विराट को हटा देना चाहिए, मेरी समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा, आप गलती मत करिए, यह वही टीम है, जिसे विराट कोहली 2015 से बना रहे हैं। ऐसा नहीं है कि विराट जैसा कप्तान मैंने नहीं देखा, लेकिन उन्होंने ही इस टीम के तेज गेंदबाजों को बढ़ावा दिया। आज के दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धाक जमानी है, तो आपके पास एक ऐसा बॉलिंग अटैक होना चाहिए, जो टेस्ट मैच में 20 विकेट लेने की काबिलीयत रखता हो। विराट ने ऐसा ही किया और तेज गेंदबाजों को प्रॉयरिटी लिस्ट में ऊपर किया।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

आस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में धांसू जीत दर्ज करने वाले कप्तान अजिंक्य रहाणे की जमकर तारीफ हो रही है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने बीसीसीआई से रहाणे को टेस्ट में पूर्ण रूप से कप्तान बनाए जाने का पुरजोर समर्थन किया था। उनके अलावा रिकी पांटिंग और शेन वॉर्न ने भी रहाणे की कप्तानी की तारीफ की थी। अब इस लिस्ट में एक नया नाम बिशन सिंह बेदी के रूप में जुड़ गया है। पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने अजिंक्य रहाणे को विराट कोहली की जगह टेस्ट में कप्तान बनाए जाने की वकालत की है। मशहूर बेदी ने कहा, मैं रहाणे की कप्तानी का कायल हो गया हूं।

उन्होंने मुझे टाइगर पटौदी की याद दिला दी। उन्होंने जिस तरह घायल टीम का नेतृत्व किया और जीत दिलाई वह शानदार रहा। उन्होंने अपने पूर्व साथी दिवंगत टाइगर पटौदी से रहाणे की तुलना करते हुए कहा, वह पटौदी ही थे, जो क्रिकेट टीम में भारतीयता लेकर आए। आस्ट्रेलिया में रहाणे ने जिस तरह से कप्तानी की, वह पटौदी के काफी करीब दिखे। उनके अंदर गेंदबाजी में बदलाव और फील्डिंग सजाने की कला पटौदी की तरह दिखी। उन्होंने कहा कि मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन उनकी कप्तानी में गलती नहीं ढूंढ सका।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बंगलूर ने इस साल टूर्नामेंट के लिए खिलाडि़यों की नीलामी से पहले बड़ा बदलाव करते हुए टीम से दस खिलाडि़यों को रिलीज कर दिया। जिन दस खिलाडि़यों को आरसीबी ने रिलीज किया है। टीम द्वारा रिटेन किए गए खिलाडि़यों में कप्तान विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स का नाम शामिल है। टीम से इतने खिलाडि़यों को रिलीज करने पर टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और दिल्ली से वर्तमान सांसद गौतम गंभीर ने फ्रेंचाइजी और कप्तान विराट कोहली पर सवाल उठाए हैं। गंभीर ने कहा, इतने सारे खिलाडि़यों को रिलीज करने से रिटेन किए गए खिलाडि़यों के मन में यह डर रहेगा कि अगर उन्होंने सही से प्रदर्शन नहीं किया तो अगले सीजन में उनकी भी छुट्टी हो सकती है। इस दौरान गंभीर ने विराट कोहली पर सवाल उठाते हुए कहा कि, आठ साल से आपने एक भी ट्रॉफी नहीं जीती, यह लंबा समय है। मुझे बताइए कौन ऐसा कप्तान है। कप्तान को छोड़ दीजिए, किसी एक खिलाड़ी का नाम बताइए, जो आठ साल से बिना कोई खिताब जीते खेल रहा हो।

नगर संवाददाता— धर्मशाला

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टी-20 टूर्नामेंट के लिए लीग मैच संपन्न होने के बाद हिमाचल सहित चार टीमों ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बना ली है। गुजरात के सरदार बल्लवभाई पटेल क्रिकेट स्टेडियम अहमदाबाद में खेले जाने वाले यह क्वार्टर फाइनल मैच 26 और 27 जनवरी को खेले जाएंगे। 26 जनवरी को पहले क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक और पंजाब के बीच मुकाबला होगा। यह मैच दिन में 12 बजे से शुरू होगा। वहीं इसी दिन शाम सात बजे से हिमाचल की तमिलनाडु के साथ भिडं़त होगी। अगले दिन 27 जनवरी को भी दो क्वार्टर फाइनल मैच खेले जाऐंगे।

 इनमें पहला मैच दिन में हरियाणा और बड़ोदा के बीच होगा, जबकि दूसरे क्वार्टर फाइनल मैच में शाम को बिहार और राजस्थान आमने-सामने होंगे। गौरतलब है कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हिमाचल की टीम 11 साल के बाद लीग चरण से सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही है। यह दूसरा मौका है, जब हिमाचल की टीम ने नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है। इससे पूर्व पिछली बार 2009-10 के सीजन में हिमाचल की टीम ने मध्य प्रदेश के इंदौर में खेली गई ट्रॉफी में प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में जीत दर्ज की थी, लेकिन क्वार्टर फाइनल में हिमाचल की टीम को तमिलनाडु के हाथों पराजय झेलनी पड़ी थी। 26 और 27 जनवरी को क्वार्टर फाइनल मैच के बाद सेमीफाइनल मैच 29 और फाइनल मैच 31 जनवरी को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

इंग्लैंड के पूर्व स्पिन गेंदबाज ग्रीम स्वान ने भारत और इंग्लैंड के बीच पांच फरवरी से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के पहले बड़ा बयान दिया है। स्वान ने कहा कि अगर इंग्लैंड की टीम भारत को टेस्ट सीरीज में हरा देती है तो यह उनके लिए एशेज जीतने से भी बड़ी उपलब्धि होगी। ग्रीम स्वान ने कहा, इंग्लैंड हमेशा कहता है कि एशेज सीरीज होने वाली है। आस्ट्रेलिया अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं है। कभी वे होते थे, काफी आगे। अब ऐसा नहीं है, लेकिन हमारे अंदर इसे लेकर जुनून है। हमें एशेज सीरीज से आगे बढ़ना होगा।

 मुझे लगता है कि अभी भारत को भारत में हराना इससे कहीं बड़ी उपलब्धि है। 2012 में उन पर हमारी जीत के बाद से वे भारत में लगभग अजेय हैं। इंग्लैंड की टीम ने भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है, जिसका पहला मैच पांच फरवरी से खेला जाएगा। पूर्व स्पिन गेंदबाज ने इंग्लैंड के खिलाडि़यों को अतीत की गलतियों से सीखने और केविन पीटरसन की तरह स्पिन का सामना करने को कहा, जिसकी बदौलत इंग्लैंड 2012 में भारत में टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहा था।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

आस्ट्रेलिया के सरजमीं पर मिली ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया के कई खिलाडि़यों की जमकर चर्चा हो रही है। मोहम्मद सिराज, ऋषभ पंत लेकर वॉशिंटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर को इस जीत का हीरो बताया जा रहा है। एडिलेड टेस्ट मैच गंवाने के बाद अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया और लगातार दूसरी बार बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। इसी बीच, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक का मानना है कि आस्ट्रेलिया में मिली जीत में हेड कोच रवि शस्त्री का भी बड़ा योगदान रहा है और उनको भी श्रेय दिया जाना चाहिए।

 इंजमाम उल हक ने कहा, एक फैक्टर जिसका लोग जिक्र नहीं कर रहे हैं, वह हैं रवि शास्त्री। उन्होंने टीम डायरेक्टर के तौर पर शुरू किया था और हेड कोच बनकर वापसी की। उनके पास जो अनुभव और गेम की समझ है मुझे लगता है उसने टीम इंडिया और खिलाडि़यों की काफी मदद की।