Tuesday, November 30, 2021 08:15 AM

कुल्लू में गोमाता की पूजा

गोपूजन त्योहार के मौके पर लोगों ने गउओं की उतारी आरती स्टाफ रिपोर्टर-भुंतर जिला कुल्लू में बुधवार को गोपूजन त्योहार पर ग्रामीण अंचल में गोमाता की खूब खातिरदारी की गई। गोपूजन त्योहार जिला में विधिपूर्वक मनाया गया। गोमाता की आरती उतारी गई और भोजन करने से पहले पशुपालकों ने भोजन गो माता को खिलाया और ताजा घास भी परोसा। गउओं के अलावा दूसरे पशुओं को भी इस मौके पर पूजा गया। हालांकि जिला के कई स्थानों पर सड़कों पर लावारिस गउएं भी नजर आर्इं जो उनके हाल पर ही छोड़ दी गई हैं। लिहाजा, गोपूजन पर कहीं गो माता की खातिरदारी होती रही तो कहीं सड़कों पर तिनके-तिनके को मोहताज दिखी। जिला भर में कभी कामधेनु कहलाई जाने वाली गाय अब सड़कों पर लावारिस होकर घास के तिनके-तिनके को तरस रही है और यह सरकार के साथ बुद्धिजीवियों के लिए चिंता का सबब बना है।

लावारिस होती गउएं गोपूजन की औपचारिकताओं पर भी प्रश्नचिंह लगा रही हैं। गउओं को लावारिस छोडऩे वालों पर कार्रवाई के लिए सरकार के प्रयासों में भी कोई दम और रुचि नजर नहीं आ रही है। आलम अब यह हो गया है कि लावारिस शहरों में छोड़ी जाने वाली पूजनीय गाय माता के कारण जाम की स्थिति भीड़ वाली सड़कों पर हो रही है और कई वाहन चालक दुर्घटनाओं के भी शिकार इससे हो चुके हैं। जिला के देवी-देवता कारदार संघ के प्रधान जयचंद ठाकुर कहते हैं कि जो व्यक्ति गाय को लावारिस छोड़ता है, उसके घर से लक्ष्मी भी रूठकर चली जाती है। वह कहते हैं कि प्रयोग के बाद सड़कों पर गाय को छोडऩा ब्रह्म हत्या के समान है और जो इस कृत्य को करता है, वह ब्रह्म हत्या का दोषी है।