Sunday, May 09, 2021 06:13 PM

कर्मचारियों की समस्याएं हल करे सरकार

वन विभाग के कर्मचारियों ने फायर वाचर की सहायता से शांत की लपटें

निजी संवाददाता—शाहतलाई वन परिक्षेत्र झंडूता के अंर्तगत आने वाली बीट तलाई के जंगल चलैली में विगत रात्रि आठ बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। जंगल में लगी आग की भनक लगी तो वन खंड अधिकारी ज्ञान चंद, झबोला बीट वनरक्षक शुभम ठाकुर, रमेश चंद, फायर वाचर व स्थानीय लोगों के सरहानीय प्रयासों से आग पर काबू पा लिया लेकिन दो घंटे के हवा के झोंकों से बुझी हुई आग ने एक बार फिर आग की चिंंगारी नेे चंद मिनटों विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि स्थानीय लोग तो अपने घरों को जा चुके थे मगर वन विभाग के कर्मचारियों ने फायर वाचर की सहायता से ही करीब दो घंटे पश्चात आग पर नियंत्रण कर लिया।

इतना ही नहीं बल्कि वन विभाग के कर्मचारी पूरी रात सड़क के किनारे गश्त करते रहे ताकि कोई अज्ञात व्यक्ति कहीं सुलगती हुई बीड़ी सिगरेट न फेंक दे क्योंकि श्रद्धालु रात भर पैदल चलते रहते हैं। जब इस संदर्भ में वन परिक्षेत्र अधिकारी झंडूता अशोक शर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जंगल चलैली में आग लगा दी। हालांकि विभाग के कर्मचारी, फायर वाचर व स्थानीय लोगों की सहायता से आग पर नियंत्रण कर लिया। उन्होंने बताया कि करीब एक हेक्टेयर जंगल जला है जिसमें ज्यादातर सूखी खरपतवार व झीड़ की पत्तियां ही जली हंै। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जंगलों के नजदीक लोग अपनी घासनियों में आग न लगाएं।

प्रदेश सर्व कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की दोटूक; कहा, पेंशनर्ज की मांगें पूरी नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन

कार्यालय संवाददाता- बिलासपुर हिमाचल प्रदेश सर्वकर्मचारी पेंशनर्ज श्रमिक युवा बेरोजगार संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश सरकार ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी 90 दिन के भीतर कर्मचारियों व पेंशनर्स की मांगों को पूरा नहीं किया तो सरकार के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। बिलासपुर में मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल दास वर्मा ने कहा कि करीब तीन साल से कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार ने कोई भी उचित कदम नहीं उठाए। जिसके चलते कर्मचारियों, पेंशनरों में सरकार के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी उत्पीडऩ के मामले भी नहीं सुलझाए तो वे न्यायालय जाने से परहेज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश मेंं भाजपा की सरकार बने हुए साढ़े तीन वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन कर्मचारियों व पेंशनर्ज की मांगें जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले कर्मचारियों व पेंशनर के साथ जो वादे किए थे। वह आज तक पूरे नहीं हो पाए है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 4-9-14 का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार से कर्मचारियों व पेंशनर्स की मांगों पर सही ढंग से माना होता तो शायद भाजपा को पालमपुर, सोलन, धर्मशााल में हुए नगर निगम चुनावों में हार नहीं होती। वहीं, मंडी में कर्मचारी नेता ने सही तरीके से काम किया है जिसके चलते वहां पर भाजपा को जीत हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले चुनावों में स्वयं भाजपा के पक्ष में काम कर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम की लड़ाई लडऩे वाले कर्मचारी अगर उनसे संपर्क करे तो वह उनकी लड़ाई में भी साथ देने को तैयार है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों व पेंशनर्ज से चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने की मांग की है अन्यथा आंदोलन शुरू किया जाए। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।