Friday, September 24, 2021 06:16 AM

इस साल भी 100 करोड़ कमाएगी सरकार, कोरोना के चलते सबसिडी में करेगी कटौती

कोरोना महामारी के चलते बिजली सबसिडी में करेगी कटौती, पिछली दरें ही होंगी लागू

विशेष संवाददाता-शिमला

कोरोना काल में अपनी वित्तीय स्थिति को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने जो कदम उठाए थे उससे उसे मुनाफा हुआ था। पिछले साल जून महीने में सरकार ने बिजली बोर्ड को उपभोक्ताओं के नाम से दी जाने वाले सबसिडी में कुछ कटौती की थी। यह केवल वित्तीय हालातों को ठीक करने के लिए किया गया, जिसकी मार ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले बड़े उपभोक्ताओं पर पड़ी। इससे सरकार ने 100 करोड़ रुपए की कमाई की है, जिससे लाभ सरकार को मिला। यह राशि वरना सरकार को देनी पड़ती जिसकी बचत हो गई। बताया जाता है कि वही प्रावधान जो पिछले साल कोरोना काल में किया गया था वह इस साल भी है। इस साल भी पूरी सबसिडी सरकार अदा नहीं करेगी और इसीलिए सरकार को इस साल भी 100 करोड़ या इससे कुछ ज्यादा राशि की बचत हो जाएगी।

राज्य सरकार ने 470 करोड़ रुपए की राशि सबसिडी के रूप में बिजली बोर्ड को देने की बात कही है। बजट में इसकी घोषणा की गई है, जिसमें से लगभग 100 करोड़ रुपए की बचत होगी और अब सरकार को 370 करोड़ रुपए के आसपास की राशि ही बिजली बोर्ड को देय होगी। पिछले साल के फार्मूले से ही यह पैसा दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार राज्य बिजली बोर्ड को कुछ राशि इस साल की एवज में सरकार ने जारी भी कर दी है, ताकि उसका काम चल सके। 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जारी की गई है। समय-समय पर यह पैसा दिया जाता है, जिससे यहां बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली हासिल हो सके। प्रदेश में सबसिडी के बाद घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली एक रुपए प्रति यूनिट की दर से मिलती है, जो दरें पिछले साल तय की गई थीं वही दरें इस साल भी रखी है, जिसमें नियामक आयोग ने कोई बढ़ोतरी नहीं की। ऐसे में सरकार को उसी तर्ज पर लगभग 100 करोड़ रुपए की बचत का लाभ मिल पाएगा। प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है। हलांकि इस बार उत्पादन थोड़ा दे से सुधरा है, परंतु हालात भी सुधर चुके हैं। दूसरे राज्यों को भी बिजली की बिक्री की जा रही है।