Sunday, November 29, 2020 04:27 PM

गुडि़या की मां की अपील बनी जनांदोलन

एडवोकेट देवेन भट्ट ने धर्मशाला में जनता के सामने फिर रखी न्याय दिलाने की मांग

प्रदेश को हिला देने वाले गुडि़या प्रकरण की हिमाचल हाई कोर्ट में पुनः पैरवी करने वाले तीन अधिवक्ताओं में से एक अधिवक्ता देवेन भट्ट ने पीडि़त परिवार को इन्साफ दिलाने के लिए प्रदेश भर में मुहिम चला रखी है। इसी कड़ी में देवेन भट्ट ने शनिवार को अपने साथियों संदीप ढींगरा, चंचल कटोच, बलराज परिहार, और रजत धीमान के साथ मिलकर धर्मशाला बाजार में कोटखाई गैंगरेप को लेकर गुडि़या की माता की अपील को लोगों के सम्मुख रखा। वर्ष 2017 में घटित गुडि़या प्रकरण ने न केवल पूरे प्रदेश को शर्मसार किया था, बल्कि हर माता-पिता को अपनी बेटियों के लिए और ज्यादा फिक्रमंद कर दिया था। हालांकि इस मामले में उच्च न्यायालय ने खुद संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिए थे।

स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए थे। हालांकि इस मामले की जिस तरह जांच की गई, उससे गुडि़या के माता-पिता संतुष्ट नहीं हुए थे। परिजनों को मलाल है कि उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। इस केस में अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में फिर से जांच की याचिका दायर की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट शिमला में गुडि़या केस में पुनः जांच के लिए याचिका दायर करने को कहा। सर्वोच्च न्यायलय के निर्देशानुसार अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह चौहान, देवेन भट्ट व आशीष जमालटा ने केस की फिर से जांच के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अधिवक्ता देवेन भट्ट ने बताया कि गुडि़या की माता की अपील को लोगों तक पहुंचाने का उन्होंने बीड़ा उठाया है। इस केस में सभी गुनहगारों को फिर जांच के माध्यम से कड़ी सजा दिलाना उनका व साथी अधिवक्ताओं का एकमात्र उद्देश्य है। वे चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और पीडि़त परिवार को न्याय मिले, जिससे भविष्य में कोई ऐसी घटना को अंजाम देने की हिमाकत न कर सके।

शांता कुमार ने भी दोषियों के लिए मांगी कड़ी सजा

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी इस मामले की स्पष्ट जांच करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आरोपियों को सजा मिले और परिजनों को न्याय मिले। अब इस मामले पर गंभीरता न दिखाई तो आने वाले दिनों में यह फिर से जनांदोलन बन सकता है।

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