Friday, November 27, 2020 04:56 PM

हमीरपुर में स्क्रब टायफस का हमला

पिस्सू के काटने के बाद इलाज को अस्पताल पहुंच रहे लोग

जिला में स्क्रब टायफस ने पांव पसार दिए हैं। आए दिन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर में स्क्रब टायफस के मरीज पहुंच रहे हैं। इस कारण मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। बता दें कि स्क्रब टायफस रोग एक पिस्सू के काटने से होता है। अकसर यह पिस्सू घास वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में घास काटने के दौरान इस पिस्सू के काटने से कई लोग स्क्रब टायफस की चपेट में आ गए हैं। पहले तो इसके काटने से कुछ खास हरकत महसूस नहीं होता, लेकिन बाद में बुखार आता है। अकसर बरसात के मौसम व इसके बाद घास कटाई के दौरान लोग अधिक बीमार पड़ते हैं।

 इसका कारण पिस्सू के काटने के उपरांत हुआ स्क्रब टायफस ही रहता है। स्क्रब टायफस एक ‘ओरिएंटिया सुत्सुगामुशी’ नाम के एक बैक्टीरिया के काटने से होता है। यह ज्वर संबंधी स्थितियों से जुड़ा संक्रामक रोग है। इस रोग का कारण बनने वाला बैक्टीरिया एक प्रकार का सूक्ष्म कीट होता है। स्क्रब टायफस फीवर आमतौर पर उन लोगों को होता है, जो झाडि़यों वाले क्षेत्रों के आस-पास रहते हैं। स्क्रब टायफस में मुख्य रूप से बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, पसीना आना, मांसपेशियों में दर्द होना, आंख में संक्रमण, त्वचा पर चकते होना जैसे लक्षण होते हैं। इस स्थिति की समय पर जांच जरूरी होती है। इसकी रोकथाम करने के लिए कुछ सामान्य उपाय किए जाते हैं। जैसे घर से बाहर जाते समय जूते पहनना, पूरी बाजू वाली शर्ट और पूरी लंबाई की पेंट पहनना इत्यादि।

The post हमीरपुर में स्क्रब टायफस का हमला appeared first on Divya Himachal.