Sunday, July 25, 2021 07:39 AM

हवाई की पानी योजना हवा-हवाई

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू जिला कुल्लू की कलैहली पंचायत में शनिवार को 313 लोगों की कोविड टेस्टिंग की गई। गनीमत यह रही कि सभी लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पंचायत के साथ मिलकर लोगों का कोरोना टेस्ट किया। लोगों को इस दौरान कोविड से बचाव के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की पीएचसी न्यूल की प्रभारी डा. उषा शर्मा व उनकी टीम ने लोगों के टेस्ट किए। पंचायत प्रधान फूला देवी सहित अन्य प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहे।

पंचायत प्रधान फूला देवी ने बताया कि कोविड.-19 के खतरे को कम करने के लिए पंचायत के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर जाकर टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा किया है। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को जागरूक भी किया और सरकार के निर्देशों की पालना करने को भी कहा। कलैहली पंचायत प्रधान फूला देवी ने बताया कि उन सभी लोगों के टेस्ट किए गए हैं। जिन्हें बुखार, जुखाम या दूसरे प्रकार के लक्षण है तो वही अन्य लोगों के कोरोना टेस्ट भी लिए गए हैं।

कलैहली-तलपीणी-पलालंग में सैकड़ों लोगों की हुई कोविड टेस्टिंग, दो सप्ताह तक चलेगा अभियान स्टाफ रिपोर्टर-भुंतर जिला कुल्लू के जरी खंड ने विभिन्न पंचायतों में जाकर कोरोना जांच की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। विभाग ने दो सप्ताह तक कोविड टेस्टिंग को लेकर शेड्यूल जारी किया है और इस बारे में संबंधित डाक्टरों व अन्य कर्मियों को भी निर्देश दिए हैं। लिहाजा, कोरोना पर काबू पाने के लिए विभाग अब फील्ड में पूरी तरह से उतरने के मूड में हैं। इसी कड़ी में जिला कुल्लू की पंचायतों में शनिवार को भी कोरोना टेस्ट लिए गए। जानकारी के अनुसार शनिवार को कलैहली के अलावा तलपीणी, खजियारी, कश्लाधी, टिपर व पलालंग में कोविड टेस्टिंग की गई। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को जागरूक भी किया और सरकार के निर्देशों की पालना करने को भी कहा। कलैहली पंचायत प्रधान फूला देवी ने बताया कि उन सभी लोगों के टेस्ट किए गए हैं, जिन्हें बुखार, जुखाम या दूसरे प्रकार के लक्षण हैं तो साथ ही अन्य लोगों के टेस्ट भी लिए गए हैं। दूसरी ओर जरी की खंड स्वास्थ्य अधिकारी डा. सपना शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के खतरे को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्थानों पर जाकर टेस्ट की प्रक्रिया तेज कर दी है।

उन्होंने बताया कि इसके तहत 13 जून रविवार को पिपलागे में डा. पारूल वैद्य व जां-एक, जां-दो, धरमौर व छिंजरा में डॉ अमल ठाकुर की अगवाई में टेस्टिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त 14 जून को खणी पांधे में डा. नम्रता विद्यार्थी, शमशी में डा. प्रेम लाल, भोसा में डा. पारुल वैद्य, 15 जून को डिंग-डिंगी माशना में डा. नम्रता विद्यार्थी, मौहल में डा. प्रेम लाल, शियाह बिहाली में डा. पारुल वैद्य, 16 जून को कसोल में डा. अमन ठाकुर, लोट में डा. नम्रता विद्यार्थी, 17 को खानी व भूमतीर में, 18 को रुआड़-गड़सा, व दली, 19 जून को बागीसेरी, बजौरा व भुट्टी-रोपड़ी में, 20 जून को ओसन व छलाल कटागला में तथा 21 जून को पियाशनी में डा. पारुल, न्यूल में ऊषा शर्मा व ग्रामंग दो में डा. नम्रता विद्यार्थी की अगवाई में सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बारे में सभी कर्मियों व फील्ड स्टाफ को सूचना दी गई है।

कलैहली में 344 सैंपल लिए जिला कुल्लू की कलैहली पंचायत में शनिवार को कोविड टेस्टिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 344 लोगों के सैंपल लिए। इस दौरान कोविड से बचाव के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। पीएचसी न्यूल की प्रभारी डा. उषा शर्मा व उनकी टीम ने लोगों के टेस्ट किए। पंचायत प्रधान फूला देवी सहित अन्य प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहे।

तीन साल में दस फीसदी काम पूरा नहीं कर पा रहा महकमा, गांव में पानी को हाहाकार स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर जिला कुल्लू के हवाई-शियाह के ग्रामीणों का पानी जलशक्ति विभाग और कार्य एजेंसियों की सुस्ती कारण गड़सा में फंस गया है। यहां के लिए करीब दो दशक पहले से उठाऊ जल योजना के तहत पानी उठाने का सपना दिखाया जा रहा है, लेकिन अभी तक यह नलकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरी ओर ग्रामीणों को पानी की बंूद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। लिहाजा, इस सुस्ती पर अब लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बता दें कि घाटी के लिए हवाई शियाह-मंझली पेयजल योजना का कार्य साल 2014 में आरंभ हुआ था। हालांकि योजना का खाका 2006-07 से बन रहा था, लेकिन 2021 आने पर भी स्कीम राम भरोसे है। करोड़ों रुपए की इस योजना का 90 फीसदी कार्य साल 2018 में ही हो चुका था। फरवरी, 2019 में स्थानीय विधायक ने जब इसका ब्यौरा मांगा था तो उस दौरान विभाग की ओर से यह जवाब दिया गया था कि कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन बचा हुआ दस फीसदी कार्य तीन अढ़ाई साल में भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार काम को लेकर जलशक्ति और बिजली बोर्ड के बीच ही सालों तक आपसी गुथमगुत्थी होती रही और एक-दूसरे पर काम को अधूरा होने के आरोप लगाते रहे। जानकारी के अनुसार बिजली बोर्ड ने ट्रांसफार्मर व मशीनों को लगाने सहित अपना कार्य पूरा कर लिया है और पानी छोडऩे को तैयार है, लेकिन जल शक्ति विभाग का कार्य अभी अधूरा बचा है।

जानकारी के अनुसार टैंकों व मेन पाइपलाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन टैंक से घर-घर के लिए बिछने वाली आधा इंच की पाइपलाइन का कार्य अधूरा बचा हुआ है। इस कारण से पानी की सप्लाई आरंभ नहीं हो पा रही है। काम को लेकर लेट लतीफी पर लोग अब विभाग सहित कार्य एजेंसी से खफा हंै तो सरकार से भी नाराजगी बढऩे लगी है। लोगों का कहना है कि अगर दस फीसदी काम करने में सालों लग रहे हैं तो यह चिंताजनक है। लोगों ने अब विभाग व सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर जल्द से जल्द इस योजना को आरंभ नहीं किया गया तो विभाग का घेराव किया जाएगा। वहीं, सरकार को भी इसका जवाब चुनावों में दिया जाएगा। उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता रविंद्र कुमार शर्मा के अनुसार योजना का कुछ ही कार्य बचा है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पानी को बहाल कर दिया जाएगा। उधर, सुरेंद्र शौरी, विधायक, बंजार ने कहा कि योजना का कार्य अंतिम चरण में है और जलशक्ति विभाग को जल्द काम निपटाने को कहा गया है, ताकि लोगों की समस्या दूर हो सके।

रुना से जुंडवा सड़क पर आवाजाही बंद

स्टाफ रिपोर्टर — आनी पीडब्ल्यूडी के दलाश सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले रुना से जुंडवा सड़क मार्ग को चकाचक करने का कार्य इन दिनों जोरों पर है। जुंडवा से रुना की ओर शुक्रवार से टायरिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसके चलते 18 तक इस सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को बंद करने के आदेश दलाश सब-डिवीजन के एसडीओ के आग्रह पर एसडीएम आनी चेत सिंह ने जारी कर दिए हैं। आदेशों के अनुसार अब वाया निगाली कैंची होकर वाहनों की आवाजाही होगी। पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई हिमांशु कटोच का कहना है कि यह टायरिंग कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का विभाग का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड के तहत कुछ सालों पहले बनकर तैयार हुई रुना से जुंडवा तक साढ़े पांच किलोमीटर लंबी इस सड़क में दूसरी स्टेज का काम चला हुआ है, जिसमें तीन करोड़ 26 लाख रुपए की कुल लागत से नालियां बनाने, कलवर्ट डालने, डब्ल्यू बीम रेलिंग लगाने, सुरक्षा दीवारें और डंगे लगाने और सड़क को पक्का करने आदि कार्य किए जा रहे हैं, जो 15 दिनों के भीतर पूरा कर दिए जाएंगे। आपको बता दें कि इस सड़क के बनने के बाद आनी से दलाश के बीच की दूरी घटकर करीब 13 किलोमीटर रह गई है, जबकि वाया चवाई होकर दलाश 28 किलोमीटर है, जबकि आनी बशता सड़क मार्ग होकर वाया निगाली कैंची दलाश की दूरी करीब 22 किलोमीटर है।