Tuesday, October 27, 2020 05:47 PM

Himachal में बिरोजा और तारपीन के रेट तय, पांच से दस रुपए तक बढ़ोतरी, पिछले साल के मुकाबले थोड़े कम

हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम ने बिरोजा और तारपीन के रेट निर्धारित कर दिए हैं। सरकार द्वारा बनाई गई प्राइसिंग कमेटी की बैठक में रेट निर्धारण के फैसले के बाद नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। इसके तहत बिरोजा के रेट में 5 से 10 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है, जबकि तारपीन के रेट पिछले साल के मुकाबले थोड़े कम हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर रेट का निर्धारण किया जाता है। अब बिरोजा व तारपीन की खेप फैक्टरियों से उठ रही है और हर दिन गाडि़यां बाहरी राज्यों के लिए रवाना हो रही हैं। यदि आगामी समय में इस प्रक्रिया में प्रोग्रेस रहती है, तो इस साल बेहतर कारोबार होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

जानकारी के मुताबिक वन विकास निगम ने बिलासपुर और नाहन दोनों फैक्टरियों के प्रबंधन को बिरोजा और तारपीन के निर्धारित किए गए रेट की नोटिफिकेशन जारी कर दी है, जिसके तहत इस बार बिरोजा के दामों में ग्रेड के हिसाब से पांच से दस रुपए तक बढ़ोतरी की गई है, तो वहीं तारपीन के रेट अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ध्यान में रखते हुए तय किए गए हैं। बिलासपुर बिरोजा फैक्टरी की बात की जाए, तो पिछले साल तारपीन के रेट 120 से 122 रुपए प्रति लीटर तय थे, जबकि इस बार 112 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

 बिरोजा एवं तारपीन फैक्टरी बिलासपुर में हायर ग्रेड के तहत एक्स-ग्रेड के बिरोजे का रेट 81.00 रूपए रुपए प्रतिकिलोग्राम, डब्ल्यू-डब्ल्यू ग्रेड 78.00 रुपए, डब्ल्यू-जी ग्रेड 76 रुपए, एन-ग्रेड 74 रुपए, जबकि मीडियम में एम-ग्रेड 72 रुपए, ‘के’ ग्रेड 70 रुपए, एच-ग्रेड 68 रुपए, लो ग्रेड के तहत डी-ग्रेड का रेट 66 रुपए और बी ग्रेड का रेट 60 रुपए प्रतिकिलोग्राम की दर से तय किया गया है। रेट तय होने के बाद बिरोजा और तारपीन तेल को मार्केट मिल रही है। यहां बता दें कि बिलासपुर फैक्टरी के स्टोर में स्टाफ रखने के लिए बहुत अधिक क्षमता नहीं है, जिस कारण यदि किसी कारणवश बिरोजा व तारपीन का स्टॉक बढ़ जाए, तो स्टोरेज की दिक्कत पेश आती है।  बहरहाल, अब बिरोजा एवं तारपीन को स्टॉक तेजी से उठ रहा है।  पिछले हफ्ते ही बिलासपुर फैक्टरी में सवा लाख लीटर स्टॉक में से 76000 लीटर तारपीन तेल का बिक्रय हुआ है।

बिलासपुर फैक्टरी का सालाना कारोबार 40-50 करोड़

बिलासपुर की बिरोजा फैक्टरी में हर दिन तीन से चार हजार लीटर तारपीन तेल की प्रोडक्शन की जा रही है, जबकि 150 से 200 क्विंटल बिरोजा का उत्पादन हो रहा है। फैक्टरी बिरोजा का सालाना 40 हजार क्विंटल प्रोडक्शन कर रही है। प्रबंधन की मानें तो फैक्टरी का सालाना कारोबार 40 से 50 करोड़ तक हो जाता है।

The post Himachal में बिरोजा और तारपीन के रेट तय, पांच से दस रुपए तक बढ़ोतरी, पिछले साल के मुकाबले थोड़े कम appeared first on Divya Himachal.