Tuesday, December 07, 2021 05:35 AM

Himachal Upchunav : हम नहीं करते अप्पर-लोअर हिमाचल की राजनीति

मंडी में सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले, चंबा से सिरमौर, ऊना से किन्नौर तक प्रदेश एक

दिव्य हिमाचल ब्यूरो – मंडी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को मंडी विधानसभा क्षेत्र के बरयारा में चुनावी जनसभा की और देर सायं मंडी में संवादददाताओं के साथ कई अहम खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने लोगों से भाजपा प्रत्याशी खुशाल ठाकुर के लिए वोट मांगे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, हमने राजनीतिक गंदगी को खत्म करने की कोशिश की है। हमने हरी टोपी, लाल टोपी, अप्पर हिमाचल-लोअर हिमाचल जैसी चर्चाओंं को विराम लगा दिया। बदले की भावना वाली राजनीति को हमने रोका। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने अपने भाषण में एक नहीं, अनेक बार कहा कि वह चुनाव नहीं लडऩा चाहती थीं, उन्हें इसमें धकेला गया है।

ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उन्होंने खुद किया है, लेकिन कांग्रेस की एक नेता मंडी में आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हैं कि नारी को कमजोर नहीं मानना चाहिए। सीएम ने कहा कि लोकसभा के लिए मजबूर नहीं, मजबूत कैंडीडेट चाहिए, जो खुशाल ठाकुर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग जमानत पर चले हुए हैं, लेकिन बातें बड़ी-बड़ी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के मित्रों ने मंडी में नॉमिनेशन के दिन जनसभा में बहुत बातें कही। हमने तो अपनी तरफ से अच्छी शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी।मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि चंबा से सिरमौर तक, ऊना से किन्नौर तक पूरा हिमाचल एक है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास हुआ है। कोरोना काल में भी हमने विकास को रुकने नहीं दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को वोट देने की अपील की।

कैबिनेट में जगह नहीं, पार्टी का काम करें अनिल शर्मा

मंडी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि सदर विधायक आज भी भाजपा के विधायक हैं। उन्हें पार्टी ने चुनाव प्रचार में काम करने के लिए कहा है। अनिल शर्मा ने अपनी कुछ बातें भाजपा प्रदेश प्रभारी के साथ भी रखी हैं लेकिन अब मंत्रिमंडल में जगह रिक्त नहीं है। पार्टी ने कहा है कि वह चुनाव प्रचार में भाजपा के लिए काम करें

कांग्रेस से ज्यादा मैंने किया वीरभद्र सिंह का सम्मान

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है वीरभद्र सिंह का जितना सम्मान उन्होंने किया, उतना कभी कांग्रेस नेताओं ने भी नहीं किया है। उन्होंने कभी भी प्रतिभा सिंह का अपमान नहीं किया। एक महिला होने के नाते और वीरभद्र सिंह की पत्नी होने के नाते वह उनका पूरा सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हेलिकॉप्टर का प्रयोग केवल वही नहीं कर रहे हैं। इससे पहले के मुख्यमंत्री भी हेलिकॉप्टर का प्रयोग करते रहे हैं, लेकिन अब जब वह इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हर चुनाव में महंगाई, बेरोजगारी स्थायी मुद्दे होते हैं। इस समय देश में बेशक महंगाई है, लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार महंगाई दूर करने में लगी हुई है। प्रदेश में भी महंगाई को कम करने के लिए राज्य सरकार ने भी प्रयास किए हैं। सरसों के तेल पर लोगों को सरकार ने सबसिडी तक दी है।

रिकॉर्ड लीड मिलनी चाहिए

मुख्यमंत्री ने मंडी से पूर्व सांसद स्व. रामस्वरूप शर्मा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि रामस्वरूप जी की कमी एक कार्यकर्ता और एक साथी के रूप में हमेशा महसूस होती है। मंडी को छोटी काशी कहते-कहते उन्होंने जिला को एक अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की। अब उनके सपने को ब्रिगेडियर खुशाल पूरा करेंगे। इसके लिए उपचुनाव में ब्रिगेडियर को रिकॉर्ड मतों की लीड दिलानी होगी।

कारगिल युद्ध पर बयान, सैनिकों का अपमान

दिव्य हिमाचल ब्यूरो – रिकांगपिओ

मंडी लोकसभा चुनाव प्रचार को धार देने के लिए किन्नौर पहुंचे जलशक्ति व राजस्व मंत्री एवं मंडी भाजपा चुनाव प्रभारी ठाकुर महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याक्षी द्वारा कारगिल युद्ध को एक सामान्य युद्ध बताना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके इस बयान से सेना से संबंध रखने वाले सभी व्यक्ति आहत हैं। उन्होंने कहा कि करगिल के उस अघोषित युद्ध में जहां देश के सैकड़ों सैनिकों ने देश के लिए प्राण न्योछावर किए, वहीं वर्तमान में भाजपा प्रत्याक्षी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने भी युद्ध के दौरान दुश्मन सैनिकों को खदेडऩे में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में लोगों की लंबित मांग नौतोड़ सहित एफआरए पर जल्द स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस पग उठा रही है, ताकि नौतोड़ व एफआरए के माध्यम से लोगों को भूमि का मालिकाना हक मिल सके।

इसी तरह जिला किन्नौर में सिंचाई सुविधा को और सुदृढ़ करने लिए विभाग के अधिकारियों से आदेश दिए गए हैं कि सिंचाई के बड़े प्रोजेक्ट तैयार कर सरकार के समक्ष लाएं, ताकि लोगों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। केंद्र की ओर 50 करोड़ की राशि सीए स्टोर के अलावा जिला में सेब की नई प्रजाति व नई तकनीक विकसित करने के लिए मिली है। इस अवसर पर प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी, जिला भाजपा अध्यक्ष संजीव हारा व मीडिया प्रभारी सुशील मेहता भी मौजूद थे।

कांग्रेस में ही रहेंगे आश्रय भाजपा नहीं छोडेंग़े अनिल

अमन अग्रिहोत्री – मंडी

पं. सुखराम परिवार की राजनीतिक डगर को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। भाजपा विधायक अनिल शर्मा और उनके पुत्र कांग्रेस प्रदेश सचिव एवं मंडी चुनाव के पर्यवेक्षक आश्रय शर्मा के एक ही राजनीतिक दल में साथ चलने बात आगे खिसक गई है। अब फिलहाल न तो आश्रय शर्मा कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल होंगे और न ही अनिल शर्मा भाजपा को छोड़ कर कांग्रेस में जाएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदर विधानसभा क्षेत्र में अनिल शर्मा के प्रभाव वाली चार जगहों रत्ती पुल, बग्गी तुंगल, बरयारा और पंडोह पर जनसभाओं को संबोधित किया, लेकिन इनमें से एक भी कार्यक्रम में अनिल शर्मा शामिल नहीं हुए। रविवार को अनिल शर्मा अपने घर पर ही रहे और दूसरी तरफ आश्रय शर्मा ने रविवार से कांग्रेस प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है।

तीन दिन पहले भी अनिल शर्मा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना से भी एक गुप्त बैठक हुई थी। इस बैठक में अनिल शर्मा ने अपना पक्ष भाजपा नेताओं के समक्ष रखा और कहा कि सदर का मान-सम्मान वापस मिलता है, तो वह फिर से सक्रिय होकर भाजपा के लिए काम करेंगे। अनिल शर्मा की मानें, तो वह पार्टी के संदेश का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल होने और उनकी रखी गई बात का कोई जबाब नहीं मिला है। भाजपा छोडऩे के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह भाजपा से त्यागपत्र नहीं देंगे। हालांकि अभी भी भविष्य के लिए विकल्प खुले हैं। बता दें कि अनिल शर्मा फिर से अपना मंत्री पद वापस चाहते हैं, ताकि मंडी सदर के काम करवा सकें। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने भाजपा प्रभारी से भी यही मांग रखी थी कि वह जनसभाओं में जनता के सामने इस बात ऐलान करें, लेकिन हाईकमान व पार्टी के अंदर इसको लेकर सहमति नहीं बनी। इस बात की भी चर्चा है कि दूसरे विकल्प में अनिल शर्मा ने आश्रय के लिए भाजपा टिकट की भी बात रखी थी, लेकिन इस पर भी भाजपा हाईकमान ने सहमति नहीं जताई है। हालांकि इस बात से अनिल ने इनकार किया है। (एचडीएम)

एक ही दल में नहीं रहेंगे

टिकटों के ऐलान के समय भी अनिल शर्मा मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि उनके समर्थक चाहते हैं कि वह और आश्रय अब एक ही दल में रहें। इसके बाद इस बात की अटकलें शुरू हुई थीं कि अब आश्रयकांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं।