Sunday, March 07, 2021 04:34 PM

साइंस में हिमाचल का डंका; बिलासपुर की बेटी को इंडियन जियोफिजिकल रिसर्च लैबोरेट्री यूनियन हैदराबाद से सम्मान

डा. शुभ्रा को जेजी नेगी पुरस्कार

स्टाफ रिपोर्टर — घुमारवीं

बिलासपुर के घुमारवीं की रहने वाली डा. शुभ्रा शर्मा को यंग सांइटिस्ट के रूप में जेजी नेगी सांइटिस्ट अवार्ड से नवाजा गया है। यह न सिर्फ जिला, बल्कि प्रदेश के लिए भी गौरव की बात है। अवार्ड डा. शुभ्रा को इंडियन जियोफिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी यूनियन हैदराबाद की ओर से दिया है। डा. शुभ्रा ने हिमालय ग्लेशियर पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को समझने की दिशा में अद्वितीय शोध कार्य किया है, जिस कारण उन्हें इस अवार्ड से नवाजा गया है। वर्तमान में बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी वाराणसी (यूपी) में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी सेवाएं दे रही डा. शुभ्रा घुमारवीं से संबंध रखने वाले सेवानिवृत निदेशक शिक्षा विभाग डा. ओपी शर्मा व सेवानिवृत्त प्रिंसीपल नीलम शर्मा की बेटी है। पिता के नौकरी काल में शुभ्रा की प्रारंभिक शिक्षा मंडी व शिमला आदि स्थानों में हुई। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से जियोग्राफी विषय में मास्टर की डिग्री हासिल की, जबकि पीएचडी की उपाधि वाडिया इंस्टीच्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून से प्राप्त की। इसके बाद डा. शुभ्रा ने फिजिकल रिचर्स लैबोरेटरी अहमदाबाद से पोस्ट डाक्टरल की फैलोशिप हासिल की। बतौर इंस्पायर फैकल्टी उन्होंने दो साल शिक्षिका और बतौर वैज्ञानिक काम किया। बचपन से ही शुरुआती दौर में शुभ्रा का मन जिज्ञासु रहा है। प्रकृति का रहस्य व विशेषकर हिमालय कैसे बनाए ग्लेशियर का निर्माण कैसे होता है, हिमालयी परिदृश्य पर नदियां आदि पर शोध करने उनके रहस्यों को खोजना शुभ्रा को अच्छा लगता है। शुभ्रा ने अपने उपलब्धियों का श्रेय अपने मार्गदर्शक रहे नवीन जुआल, एसपी सती और वाईटी सुंदरीयाल व माता-पिता को दिया है। बहरहाल डा. शुभ्रा शर्मा पृथ्वी के रहस्यों को खोजकर महत्त्वपूर्ण जानकारियां जुटाना चाहती हैं। वहीं खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने भी घुमारवीं की इस बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

ओजस को साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड

निजी संवाददाता — सोलन

सोलन जिला से संबंध रखने वाले 15 वर्षीय ओजस शर्मा को इंडिया इंटरनेशनल साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड-2020 से सम्मानित किया गया है। इस प्रतियोगिता का आयोजन नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया था, जिसमें ओजस सहित देश भर के 13 विद्यार्थियों को इस पुरस्कार से नवाजा गया है। ओजस ने बताया कि 30 दिसंबर को डा. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता हे। इस कार्यक्रम में पर भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक, इसरो के पूर्व वैज्ञानिक, डा. भारतभाई चनियारा, पीआरएल अहमदाबाद के डा. प्रभाकर शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बता दें कि लेखन के क्षेत्र में सोलन शहर के रहने वाले ओजस शर्मा एक उभरता नाम हैं। ओजस को लेखन के क्षेत्र में काफी रूचि है व उन्हें पुस्तके पढ़ना बहुत पसंद हैं।

ओजस ने क्लीयरिंग दि कॉस्मिक मिसेस नामक किताब लिखी है। ओजस फिलहाल  सैनिक स्कूल सुजानपुर में शिक्षा ले रहे है। ओजस की माता सरिता शर्मा और पिता रामानंद शर्मा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व हैं। आज जब ज्यादातर छात्र मोबाइल से घिरे रहते हैं, ऐसे दौर में उनके बेटे ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो सराहनीय है। ओजस ने बताया कि वह अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को देते हैं, जिन्होंने उन्हें इस पुस्तक को लिखने के लिए प्रोत्साहित किया।