Saturday, August 08, 2020 06:00 AM

होटलियर्ज ने मांगा आर्थिक पैकेज

मनाली – कोविड-19 के चलते वर्तमान हालात पर्यटकों के आगमन के अनुकूल नहीं हैं। हालांकि प्रदेश सरकार तथा प्रशासन द्वारा कोविड-19 से बचाव हेतु उचित प्रबंध किए गए हैं, जो प्रशंसनीय है, लेकिन इस महामारी के चलते पर्यटन व्यवसाय विशेष तौर से होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मनाली होटलियर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूपराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लिखी पाती  में यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि मार्च 2020 से बंद पड़े होटलों के चलते होटल मालिकों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिससे होटल स्टाफ, बिजली बिल, हाउस टैक्स, पाल्यूशन फ्री, नवीनीकरण शुल्क, पानी बिल सहित अन्य खर्चे पूरे करना असंभव हो गया है।  उन्होंने  प्रदेश सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि बिजली बिल के डिमांड चार्ज और ब्याज में स्कीम के तहत दी गई राहत का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने  कहा कि कोविड-19 पर उन्मूलन के लिए किए जा रहे हरसंभव प्रयासों के बावजूद इस महामारी प्रभावितों के तेजी से बढने पर मनाली के होटलियर्ज और पंचायतें काफी चिंतित हैं।  मनाली में अधिकतर पर्यटक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात तथा महाराष्ट्र आदि राज्यों तथा विदेशों से आते हैं। यह राज्य कोरोना से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि वायु तथा रेलवे सेवा को भी खतरे को देखते हुए लंवित रखा गया है। कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए मनाली होटलियर्ज एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से होटलों को हालात सामान्य होने तक न खोलने का निर्णय लिया है। मनाली में 2000 के करीब होटल, गैस्ट हाउस, होम स्टे आदि हैं, जिनमें 90 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। अगर वर्तमान परिस्थितयों में  इन स्थलों को पर्यटन के लिए खोला गया तो यह सीधे कोरोना को नियोता देने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि हालात पर्यटन व्यवसाय के अनुकूल होते ही सभी होटल मालिक खुशी से अपने होटल खोलने के पक्ष में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कोविड-19 के कारण आर्थिक तौर पर टूट चुके होटलियर्ज को अर्थिक पैकेज प्रदान कर राहत दी जाए ताकि होटल इंडट्री फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सके।

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