Friday, September 24, 2021 06:23 AM

एचआरटीसी कर्मचारियों ने लगाए नारे

एडी व आरटीओ शिमला के खिलाफ हमीरपुर में मुर्दाबाद, प्रदेश सरकार के खिलाफ भी जमकर निकाला गुब्बार

कार्यालय संवाददाता-हमीरपुर आरएम शिमला के तबादले और अपनी मांगों को लेकर एचआरटीसी कर्मचारियों ने शनिवार को बस अड्डा हमीरपुर पूरी तरह से बंद रखा। बस अड्डा प्रदेश सरकार मुर्दाबाद और एडी शिमला व आरटीओ शिमला मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। निगम के विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी बस अड्डा में आरएम शिमला के तबादले को रद्द करने को लेकर अड़े रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरएम के तबादला आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। बता दें कि हमीरपुर बस अड्डा शनिवार सुबह 10 बजे हड़ताल के चलते बंद कर दिया गया। अड्डे में खड़ी सभी प्राइवेट बसों को बाहर निकाल दिया गया है। उसके बाद अड्डे के आउटडोर व इनडोर गेट पर एचआरटीसी ने अपनी बसें तिरछी करके लगा दी, ताकि कोई भी बस न अंदर आ सके और ना ही अंदर से बाहर जा सके। एचआरटीसी के सभी यूनियनों के कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार मुर्दाबाद, एडी शिमला व आरटीओ शिमला मुर्दाबाद और गो बैक के नारों से बस अड्डा गंूज उठा। एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि आरएम शिमला का जिस तरह से तबादला किया गया है वे काफी हैरान करने वाला है।

अगर सरकार में निगम के अधिकारियों का बिना पक्ष जाने तबादला कर दिया जाएगा, तो निगम के चालक-परिचालक और दूसरे कर्मचारी क्या करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें वर्ष 2006 का 38 फीसदी एरियर, 31 महीने का अतिरिक्त रात्रि भत्ता, पिछला 4-9-14 एरियर और अतिरिक्त देय भत्ते समय पर नहीं दिए जा रहे हैं। निगम कर्मचारियों का ही करीब एक अरब भत्ते लटके हुए हैं, जिन्हें समय पर नहीं दिया जा रहा है। निगम कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा है कि जब तक आरएम शिमला के तबादला आदेश रद्द नहीं होते, उनकी हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। हालांकि प्राइवेट बसें और एचआरटीसी बसें अड्डे से बाहर से ही दिन भर रूटों पर दौड़ती नजर आई। ऐसे में यात्रियों को जरूर परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हेंं पता नहीं चल रहा था कि कौन सी बस कब चलेगी और कहां से बस लेनी है। ऐसे में यात्री निगम हड़ताल के चलते पूरा दिन परेशान नजर आए। खबर लिखे जाने तक बस अड्डा हमीरपुर शाम सात बजे तक भी बंद पड़ा हुआ था।

यात्रियों को हुई भारी परेशानी हमीरपुर बस अड्डा को निगम कर्मचारियों ने जैसे ही हड़ताल के चलते बंद कर दिया, तो सुबह 10 बजे के बाद जो भी बसें हमीरपुर आ रही थी, उनकी सवारियों को अस्पताल चौक, नादौन चौक, अणु चौक इत्यादि पर उतारने के पुलिस ने फरमान जारी कर दिए। फिर क्या था सवारियों को पुलिस की सख्ती के चलते बीच रास्ते ही उतरना पड़ा। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। कई यात्री तो बस ऑपरेटरों से ही उलझ पड़े। उनका कहना था कि उन्होंने बस अड्डा हमीरपुर तक का किराया दिया है, तो वे बीच रास्ते क्यों उतरें। काफी समझाने के उपरांत ही यात्री बसों से उतरने को राजी हुए। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती धूप में एक किलोमीटर तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों वाली महिलाओं और सामान इत्यादि लेकर जा रहे यात्रियों को झेलनी पड़ी।