Tuesday, December 07, 2021 06:07 AM

हमीरपुर में आज नहीं थमेंगे एचआरटीसी के पहिए

कार्यालय संवाददाता—हमीरपुर

एचआरटीसी कर्मचारियों ने सोमवार को होने वाली प्रदेश व्यापी हड़ताल परिवहन सचिव के आश्वासन के बाद स्थगित कर दी है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों की हड़ताल पर स्वयं संज्ञान लिया है। ऐसे में सोमवार को प्रदेश भर में एचआरटीसी की बसें चलती रहेगी और कर्मचारी काम छोड़ों आंदोलन में नहीं जाएंगे। हिमाचल पथ परिवहन संयुक्त समन्वय समीति ने हड़ताल सोमवार को दोपहर बाद को निगम प्रबंधन के साथ जेसीसी पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के आश्वासन पर भी स्थगित की है। समीति उपाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर व सचिव खमेंद्र गुप्ता ने बताया कि सोमवार को निगम के कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित कर दी है। ऐसे में हमीरपुर में हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति हड़ताल का असर नहीं रहेगा रविवार शाम साफ हो गई है। निगम की मानें तो सोमवार को उनके सभी लोकल व लांग रूट्स चलेंगे। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि अधिकतर लोग निगम की बसों में सफर करते हैं। ऐसे में अगर सोमवार सुबह निगम की बसें रूटों पर नहीं आईं, तो उन्हें खासी दिक्कतें झेलनी पड़ सकता था।

बता दें कि हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने प्रदेश भर में 18 अक्तूबर को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था, लेकिन हमीरपुर डिपो सोमवार को सभी रूट पर बसें चलाने का दावा कर रहा था। निगम की मानें तो हमीरपुर डिपो में रोजाना 125 रूटों पर बसें लोकल व लांग रूटों पर दौड़ रही है। सोमवार को भी 125 रूटों का रोस्टर जारी कर दिया गया है। फिलहाल हड़ताल को लेकर ऊपर से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में सोमवार को सभी रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। जबकि दूसरी तरफ परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति हड़ताल पर जाने का दावा कर रही थी लेकिन हड़ताल पर जाने से मना कर दिया है। पहले लोग असमंजस की स्थिति में फंस गए थे कि हड़ताल होगी या नहीं। कई लोग सुबह से ही हड़ताल के बारे में पूछ रहे हैं, उन्हें भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में अगर निगम के सभी लोकल रूट्स 105 और लांग रूट्स 20 सोमवार को बंद रहते तो लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल व कालेज छात्रों को आती। क्योंकि वे पास के चक्कर में निगम की बसों में ही ज्यादा सफर करते हैं। यही नहीं अगर निगम की बसें बंद होती तो उन्हें बसों की कमी के चलते कार्यालय स्थलों तक समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता।