Saturday, January 23, 2021 03:20 AM

बड़ा कोविड अस्पताल बनकर उभरा आईजीएसमी, 200 बिस्तर कोरोना संक्रमितों के लिए

शिमला –आईजीएसमी हिमाचल का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल बनकर सामने आया है। आईजीएसमी में कोविड मरीजों के लिए 200 बिस्तर रिजर्व किए गए हैं। इसके अलावा आईसीयू बेड की कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है। आईजीएमसी प्रशासन की मानें, तो जरूरत पड़ने पर इन बिस्तरों की कैपेसिटी को बढ़ाकर 500 भी किया जा सकता है। खास बात यह है कि आईजीएमसी को सरकार ने कोविड अस्पताल नहीं बनाया है। बावजूद इसके यहां पर कोरोना के उन गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिन्हें विभिन्न मेडिकल कालेजों से रैफर किया जा रहा है। आईजीएसमी के आईसीयू वार्ड में कोविड के सीरियस मरीजों के लिए 82 बिस्तर लगाए गए हैं, लेकिन इनमें 30 नए बिस्तरों को जोड़ा गया है। ऐसे में अब आईसीयू में 112 बिस्तर मरीजों के लिए हो गए हैं।

इसके अलावा थोड़े कम सीरियस मरीजों के लिए 30 बिस्तर थे, जिन्हें भी बढ़ाकर 100 कर दिया गया है। कम सीरियस मरीजों के लिए जहां पहले 30 बिस्तर थे, उनमे ं150 को जोड़ा गया है। इसके अलावा कोविड मरीजों के लिए उपचार में लगे हैल्थ वर्कर्ज के लिए 20 बिस्तर रिजर्व रखे गए हैं। खास बात यह है कि सभी बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, तो उसे ऑक्सीजन चढ़ाई जा सकती है। आईजीएसमी अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डा. राहुल गुप्ता का कहना है कि कोविड मरीजों के लिए 200 बिस्तर कर दिए गए है और सभी को ऑक्सीजन से जोड़ा गया है। जरूरत पड़ने पर इन्हें 500 भी किया जा सकता है। आईजीएसमी कि ओर से मरीजों के उपचार में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। (एचडीएम)

अस्पताल में रोज रैफर हो रहे दस से 15 रोगी

आईजीएसमी में रोजाना 10 से 15 मरीज सीरियस हालत में पहुंचते हैं। लोग अस्पताल में आने में देरी कर देते हैं, जिससे उन्हें बचा पाना मुश्किल हो जाता है। अगर डॉक्टर के पास समय रहते मरीज पहुंच जाएं, तो उन्हें बचाया जा सकता है। आईजीएसमी में अभी तक 930 मरीज कोविड के आ चुके हैं।

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