Thursday, March 04, 2021 03:43 PM

कोहली के नेतृत्व में नंबर-1 बना भारत

मुंबई। आस्ट्रेलिया का दौरा किसी भी क्रिकेट टीम के लिए मुश्किलों भरा रहता है। तेज और उछाल वाली विकेट पर खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। इस गीच कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने जिस तरह से टीम इंडिया को संभाला, उसे आसानी से नहीं भुलाया जा सकता। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा, रहाणे ने मेलबोर्न में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शतक लगाया और आगे बढ़कर टीम की अगवाई की। एक कप्तान के लिए इस तरह रन बनाना जरूरी होता है। जिस तरह से उन्होंने मुश्किल समय में टीम की अगवाई की वह अनुकरणीय था।

 उनकी शांतचित का टीम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। बतौर कप्तान उन्होंने अच्छी रणनीति अपनाई। एमसीजी टेस्ट के पहले दिन रविचंद्रन अश्विन से गेंदबाजी कराना प्रशंसनीय है। उन्होंने अश्विन को स्वतंत्र होकर गेंदबाजी की अनुमति दी। बैटिंग ऑर्डर में ऋषभ पंत को हनुमा विहारी से आगे भेजना मास्टर स्ट्रोक था। टीम की अगवाई करने का तरीका हर कप्तान का अलग होता है। मुश्किल समय में कप्तान का शांतचित रहना अहम होता है। जब कैच ड्रॉप हुए, फील्डर्स से गलती हुई या जब गेंदबाज या बल्लेबाज फेल हुए। बतौर कप्तान मैंने इस तरह की क्वालिटी अजिंक्य रहाणे में देखी।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिस अंदाज में आस्ट्रेलिया में खेल और जज्बा दिखाया, उसकी तारीफ हर कोई कर रहा है। इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने कहा कि कि विराट कोहली को टेस्ट कप्तानी से हटाने के बारे में सोचना गलत है। दासगुप्ता ने कहा, कभी-कभी ऐसा होता है कि लीडर आगे बढ़कर खड़े होते हैं। यही आस्ट्रेलिया में हुआ। अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा ने आगे बढ़कर टीम का जज्बा दिखाया, लेकिन यह कहना कि विराट को हटाना चाहिए तो यह गलत होगा। विराट कोहली वही खिलाड़ी हैं, जिसके नेतृत्व में दो साल पहले भारत ने आस्ट्रेलिया की मेजबानी में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का इतिहास रचा था।

 विराट की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 बनी। मुझे लगता है कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड सीरीज का परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन केवल तीन मैचों के बाद ही कह देना कि विराट को हटा देना चाहिए, मेरी समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा, आप गलती मत करिए, यह वही टीम है, जिसे विराट कोहली 2015 से बना रहे हैं। ऐसा नहीं है कि विराट जैसा कप्तान मैंने नहीं देखा, लेकिन उन्होंने ही इस टीम के तेज गेंदबाजों को बढ़ावा दिया। आज के दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धाक जमानी है, तो आपके पास एक ऐसा बॉलिंग अटैक होना चाहिए, जो टेस्ट मैच में 20 विकेट लेने की काबिलीयत रखता हो। विराट ने ऐसा ही किया और तेज गेंदबाजों को प्रॉयरिटी लिस्ट में ऊपर किया।