Sunday, May 09, 2021 07:44 PM

Indian Premier League 2021: पंजाब किंग्स की राजस्थान रॉयल्स पर धांसू जीत

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

हिजड़ों से सामाजिक भेदभाव और उनके उत्पीड़न का मसला उठाने वाली एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि हिजड़ा समुदाय की समस्याओं को देखने के लिए कोर्ट सरकार को किन्नर वेलफेयर बोर्ड बनाने का आदेश दे। हिजड़ा मां एकसामाजिक संस्था ट्रस्ट नाम की संगठन की तरफ से दाखिल याचिका में हिजड़ा वर्ग से जुड़ी कई समस्याओं को उठाया गया है। याचिकाकर्ता संगठन ने कहा है कि स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी तमाम सुविधाएं हिजड़ों को आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं।

उनके शोषण और यौन उत्पीड़न की घटनाओं को पुलिस गंभीरता से नहीं लेती। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद हिजड़ों को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण नहीं दिया। मामला सोमवार को चीफ जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली बैंच के सामने लगा। चीफ जस्टिस ने माना कि विषय संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मामला निश्चित रूप से संवेदनशील है, लेकिन क्या संसद ने हिजड़ा वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए एक कानून नहीं बना दिया है? संगठन के वकील ने जवाब दिया कि संसद ने 2019 में दि ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) ऐक्ट बनाया है, लेकिन इसमें हिजड़ों के संरक्षण के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं। वकील ने कहा कि हिजड़ों से जुड़े मसलों को देखने के लिए हर राज्य में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड के गठन से बड़ी मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि विधानसभा को इस तरह के बोर्ड के गठन का कानून बनाने की शक्ति हासिल है। तमिलनाडु, असम और यूपी ने इस तरह के बोर्ड का गठन किया है। इस दलील के बाद कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी कर दिया।

147 परीक्षा केंद्रों में दसवीं और बारहवीं कक्षा के 10577 सरकारी स्कूलों के छात्र देंगे परीक्षा

कार्यालय संवाददाता—हमीरपुर हमीरपुर जिला में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही हैं। परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला के 147 परीक्षा केंद्रों में 10वीं व 12वीं कक्षा के करीब 10577 सरकारी स्कूलों के छात्र परीक्षा में भाग लेंगे। सुबह के सत्र में जहां दसवीं के छात्र परीक्षा देंगे। वहीं शाम के सत्र में बारहवीं कक्षा के छात्र कोरोना प्रोटोकाल के तहत परीक्षा में बैठेंगे। सभी परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में आयोजित की जा रही हैं। बता दें कि हमीरपुर जिला में दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के 4772 छात्र सुबह के सत्र में नौ से 12 बजे तक परीक्षा में बैठेंगे।

वहीं 12वीं कक्षा में 5805 सरकारी स्कूलों के छात्र शाम के सत्र में दो से पांच बजे तक परीक्षा देंगे। मंगलवार सुबह दसवीं के छात्र जहां हिंदी की परीक्षा देंगे वहीं शाम के सत्र में 12वीं के छात्र इंग्लिश की परीक्षा में बैठेंगे। हालांकि शिक्षा विभाग से प्राइवेट स्कूलों के छात्रों का आंकड़ा नहीं मिल पाया है। दसवीं व बारहवीं कक्षा में कितने कितने छात्र बैठेंगे इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। गौर रहे कि हमीरपुर जिला में 95 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में, 32 हाई स्कूलों में और 20 प्राइवेट स्कूलों में परीक्षा को लेकर सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा जिला में छह सावित्री बाई फुले के नाम के सेंटर बनाए गए हैं। इनमें सभी स्टाफ महिलाओं का होगा। परीक्षाओं पर नजर बनाए रखने के लिए फ्लाइंग टीमों का भी गठन कर दिया गया है। इनमें एक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक, तो दूसरी उच्च शिक्षा उपनिदेशक की टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी, ताकि कोई भी छात्र नकल का सहारा ना ले सके। इसके अलावा इंस्पेक्शन विंग हमीरपुर की टीम भी छात्रों पर अलग से चैक रखेगी, ताकि कोई भी छात्र नकल का सहारा न ले सके। इसके अलावा हमीरपुर जिला में दो छात्र कोरोना पॉजिटिव होने के चलते परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। इनमें एक छात्र बिझड़ी स्कूल का है, तो दूसरा रैल स्कूल का बताया जा रहा है।

यहां-यहां होंगी महिला शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डिडवीं टिक्कर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झिरालड़ी, पट्टा, कोट, टिप्पर इन सभी स्कूलों में पूरा स्टाफ महिला टीचरों का होगा।

बीएमओ ने किया आह्वान, नादौन में कोरोना के बढ़ रहे मामलों से पनपा खौफ

कार्यालय संवाददाता—नादौन नादौन क्षेत्र में आए दिन करोना के मामलों हो रही बढ़ोतरी के कारण स्थानीय लोग चिंतित है। स्थानीय लोगों आशीष, सुभाष, कुलदीप, रविंद्र युवराज, रमेश, अजय, सुषमा, सुलोचना सहित अन्य लोगों ने बताया कि नादौन क्षेत्र में हर रोज कोरोना मामलों में हो रही बढ़ोतरी के कारण लोगों के मन में थोड़ा भय है कि कहीं मामले और भी ज्यादा गति से न बढें, जिससे आम आदमी को कोई समस्या हो। क्योंकि आम लोगों पर अभी तक पिछले लॉकडाउन की वजह से हुए कर्जों के कारण उनकी की हालात सुधर भी पाई नहीं कि कहीं दोबारा से फिर कोई नई मुसीबत न पड़े। लोगों ने बताया कि प्रशासन अपनी और से कोविड-19 से लडऩे के लिए काफी बेहतर प्रयास कर रहा है लेकिन इन प्रयासों को थोड़ी और भी गति देने की जरूरत है। क्योंकि कुछ जगहों पर किसी परिवार में कोई सदस्य पॉजिटिव आया है तो उस परिवार के बाकी सदस्यों नियमों की अवहेलना कर रहे हैं और वे लोग अपने अपने काम पर बाजार में घूमते नजर आ रहे हैं।

हालांकि ऐसे कुछ ही लोग हैं। इस समस्या से लोगों के मन में थोड़ा डर है कि कहीं स्थिति पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो हालात कहीं बिगड़ जाए। लोगों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है की समय रहते इस महामारी से बचने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाने की जरूरत हो वे उठाए जाएं जिससे इस भयानक बीमारी से बचा जा सके और लोग अपना जीवन अपने परिवार सहित खुशी से बिता सके। इस संबंध में एसडीम विजय धीमान ने बताया कि लोग करोना नियमों का ठीक ढंग से पालन करें। अगर नियमों का उल्लंघन करता हुआ कोई पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं बीएमओ डा. अशोक कौशल ने बताया कि विभाग पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का इस कठिन घड़ी में सहयोग दें। उन्होंने बताया कि मास्क, उचित दूरी का पालन करें तथा 45 वर्ष ऊपर आयु के लोग वैक्सीन लगवाएं।

दो मंजिलों में होगा कोरोना पीडि़तों का इलाज, पुरानी बिल्डिंग में बनेगा कोविड सेंटर

स्टाफ रिपोर्टर—हमीरपुर जिला में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के बाद अब जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में सामान्य मरीजों को भर्ती करने पर अब रोक लगा दी गई है। कारण साफ है कि कोरोना संक्रमितों की संख्या के आगे कोविड अस्पताल का परिसर कम पड़ गया है। यही कारण है कि अब जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के पुराने भवन की ऊपरी दो मंजिलों को भी कोविड मरीजों के लिए लिया गया है। इसी के चलते आयुर्वेदिक अस्पताल की ओपीडी भी बंद कर दी गई है। यहां पर पुरानी बिल्डिंग में भी कोविड सेंटर बनाने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं पर भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ध्यान देने में जुटा है मेडिकल कालेज हमीरपुर में भी कोविड-19 वार्ड बनाया जा रहा है।

हमीरपुर जिला में कोरोना के मामले लगातार बढऩे के बाद अब जिला प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। उपायुक्त हमीरपुर देवाश्वेता बनिक ने बताया कि व्यवस्थाओं में विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कालेज हमीरपुर में भी एक कोविड-19 वार्ड बनाया जाएगा। इसके साथ ही जिला भर में सैंपलिंग को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के लिए नियमों का पालन करें तथा लक्षण महसूस होने पर खुद ही सैंपल जांच के लिए दें। गौरतलब है कि हमीरपुर जिला में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब अस्पतालों में बेड की क्षमता को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रबंध करने में जुट गया है। जिला कोविड.19 हैल्थ सेंटर बनाए गए आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में 40 वार्ड की क्षमता है और यहां पर सभी बेड फुल हो गए हैं। व्यवस्थाओं में विस्तार के लिए अब स्वास्थ्य महकमा और जिला प्रशासन ने अन्य विकल्प तलाश करना भी शुरू कर दिया है।

एजेंसियां— मुंबई

आईपीएल 2021 सीजन का चौथा मैच पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जिसे पंजाब किंग्स ने चार रन से जीत लिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब टीम ने 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 221 रन बनाए और जवाब में खेलने उतरी राजस्थान रॉयल्स टीम को 217/7 रन पर समेट मुकाबला जीत लिया। राजस्थान के लिए संजू सेमसन ने सर्वाधिक 119 रन बनाए। इससे पहले पंजाब के लिए कप्तान लोकेश राहुल ने 50 गेंदों पर 91 रन और ऑलराउंडर दीपक हुड्डा ने 28 गेंदों पर 64 रन की पारी खेली।

राजस्थान के लिए डेब्यूटांट चेतन सकारिया ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए। वहीं, क्रिस मॉरिस को दो विकेट मिले। कप्तान लोकेश राहुल 50 गेंदों पर 91 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें चेतन सकारिया ने राहुल तेवतिया के हाथों कैच कराया। वहीं, हुड्डा ने ताबड़तोड़ पारी खेली। वह 28 गेंदों पर 64 रन बनाकर आउट हुए। राहुल ने आईपीएल में अपनी 22वीं फिफ्टी लगाई। सबसे ज्यादा अद्र्धशतक के मामले में उन्होंने पूर्व आस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वॉटसन को पीछे छोड़ दिया है। वॉटसन ने 145 मैच में 21 फिफ्टी के साथ 3874 रन बनाए। क्रिस गेल 28 गेंदों पर 40 रन बनाकर आउट हुए।