Sunday, January 24, 2021 04:55 AM

जल जीवन मिशन गड़बडि़यों का पिटारा

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने जयराम सरकार पर साधा निशाना

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री एवं श्रीनयना देवी विधानसभा के विधायक रामलाल ठाकुर ने हिमाचल में जल शक्ति मिशन को लेकर हो रही गड़बडि़यों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मिशन के लिए बनाई गई योजना सही ढंग से क्रियान्वित नहीं हो पा रही है और उसका लाभ आमजन को कम मिल रहा है, जबकि भाजपा राजनीतिक तौर पर इसका ज्यादा लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के तहत कहीं पर 50 हजार, कहीं एक लाख, डेढ़ लाख व मंडी में तो तीन लाख रुपए में प्रति नल का कार्य निजी कंपनियों को दिया गया है।

इन कंपनियों में पंजाब इरिगेशन और यूनिपरो शामिल हैं। ये निजी कंपनियां अपनी कार्य की परफॉर्मेंस को सही करने के लिए प्रदेश के जल शक्ति विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ  के कार्यालय में आधी अधूरी रिपोर्ट दाखिल करके सरकारी पैसों को मोटी चपत लगा रही है। जल जीवन मिशन के लिए जारी किए गए पैसे से ही बिना काम अलॉट किए 10 से 15 करोड़ रुपए तक के रेस्ट हाउस केवल जिला मंडी में ही बनाए जा रहे हैं और ये रेस्ट हाउस ऐसी जगह पर बनाए गए हैं, जहां पर उनका कोई औचित्य नहीं है। इससे भी एक तो जनता के पैसों की बर्बादी की गई और दूसरे सरकारी पैसों को मोटी चपत लगी है।

रामलाल ठाकुर ने कहा कि जो साक्ष्य सामने आए हैं, वहां पर जल शक्ति विभाग के अधिकारी भी इन निजी कंपनियों के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। बिलासपुर के जल शक्ति विभाग के सदर डिवीजन में तो हद ऐसी हो गई है कि एक ही कंपनी को साढ़े 15 करोड़ में श्रीनयना देवी विधानसभा क्षेत्र और साढ़े 17 करोड़ का काम सदर विधानसभा क्षेत्र को आबंटित किया गया है, जबकि यह काम बिलासपुर के ही छोटे-छोटे ठेकेदारों को दिया जा सकता था, जिससे लोकल ठेकेदारों को रोजगार और काम मिल सकता था।

 जो इस योजना के लिए अनियमितताएं निजी कंपनियों द्वारा बरती जा रही हैं, वे भी नहीं होती, लेकिन सरकार और जन शक्ति विभाग ने यह सारा तांता सिर्फ  वित्तीय गड़बडि़यों को रचने के लिए ही किया है। रामलाल ठाकुर ने कहा कि सरकार यह तो तय कर ले कि जो आमजन को पानी के कनेक्शन देने हैं, उनमें पानी का सोर्स क्या है। पानी उन लोगों को कहां से उठाया जाएगा। प्रदेश सरकार हर जिला के जिलाधीशों के साथ सिंचाई व जल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को बिठाकर प्रेसवार्ताएं तो जल शक्ति मिशन के लेकर करवा रही है, लेकिन यह नहीं बताया जा रहा है कि पानी का सोर्स क्या होगा और जो पानी के कनेक्शन पहले से दिए गए थे, उनका डाटा बैंक भी क्यों तैयार नहीं करवाया जा रहा है।

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