काम के दौरान ब्रेक जरूरी

यदि आप सारा दिन कम्प्यूटर के सामने बैठकर लगातार काम करते हैं या किसी कॉल सेंटर में पूरा दिन फोन पर बात करते हैं, तो जरा ब्रेक लीजिए। लगातार बैठकर काम करते रहना, शरीर पर भारी पड़ सकता है। कम्प्यूटर के अधिकाधिक इस्तेमाल से कलाइयों और हाथों पर दबाव के कारण कारपल टनल सिंड्रोम बीमारी बढ़ती जा रही है।

इसमें शुरुआत में दर्द होता है, हाथों में झनझनाहट होती है और हाथ सुन्न होने लगते हैं। अंगुलियों को मोड़ने या मुट्ठी बंद करने में परेशानी होती है। वहीं, बैठने का तरीका यदि सही नहीं है तो कंधे, गर्दन और पीठ को नुकसान हो सकता है। लंबे समय तक कम्प्यूटर के सामने बैठे रहने से आंखों के स्नायुओं में जल्दी थकान होने लगती है। लगातार स्क्रीन की ओर देखते रहने से पलकों का झपकना भी कम हो जाता है। इसके चलते नजर कमजोर होना, सिर दर्द और चक्कर जैसी समस्याएं घेर सकती हैं।

बिना किसी से बातचीत किए लगातार कई घंटों तक कम्प्यूटर पर काम करते रहने पर थकान और तनाव के कारण एपैथी सिंड्रोम होने का डर है। इसमें भूख न लगना, चिड़चिड़ापन और नींद न आने की दिक्कतें घेर लेती हैं। काम करते समय सहज रहना आवश्यक है। इस दिशा में पहला कदम है आफिस के 5 मुख्य नियमों को जानना।

शरीर को ढीला छोड़ कर धीरे-धीरे लंबी सांस लीजिए। कार्य को सरल बनाएं। एक समय में एक ही काम करें। काम शांतिपूर्वक और एकाग्र हो कर करें। छोटी-छोटी बातों को लेकर तनावग्रस्त न हों। आवश्यकतानुसार बीच-बीच में विश्राम करें।

छोटे कदम, बड़ी राहत

देर तक आफिस में काम करने के कारण हो सकता है शारीरिक व्यायाम के लिए समय ही न बचता हो। ऐसे में शारीरिक व्यायाम के अन्य विकल्प खोजने आवश्यक हैं। किसी प्रोजेक्ट पर सहयोगी के साथ विचार-विमर्श करना है, तो यह काम बैठकर करने के बजाय चलते हुए कर सकते हैं। टेलीफोन पर खड़े होकर बात कीजिए। आफिस में किसी से बात करनी हो, तो फोन के बजाय उसके पास जाकर बात करें। लिफ्ट के बजाय सीढि़यों का इस्तेमाल करें।

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