कामगार कल्याण बोर्ड से मिलने वाला वजीफा फंसा, कामगारों के बच्चों को नहीं मिली स्कॉलरशिप

लॉकडाउन में ठप रही डाक सेवाएं,  डाक से जाते हैं डाक्युमेंट

वर्ष 2019 के वजीफे का 2020 में भी इंतजार ही कर रहे कई लाभार्थी

कामगार कल्याण बोर्ड की तरफ से सालाना मिलता है हजारों का वजीफा

 हमीरपुर-हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सनिर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की तरफ से पंजीकृत कई कामगारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए मिलने वाला सालाना वजीफा नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2019 की स्कॉलरशिप के रुपयों का आज तक पंजीकृत कामगारों के बच्चे इंतजार कर रहे हैं। सालाना हजारों रुपए की स्कॉलरशिप बोर्ड के माध्यम से इन्हें दी जाती है, ताकि कामगारों के बच्चों की पढ़ाई किसी भी रूप में प्रभावित न हो। न सिर्फ स्कूली शिक्षा, बल्कि व्यवसायिक शिक्षा तक वजीफे का प्रावधान है। वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत हो गई है। स्कॉलरशिप का पैसा हमीरपुर में कई कामगारों के बच्चों को नहीं मिल पाया है। वर्ष 2020 भी समाप्ति की तरफ बढ़ रहा है।

ऐसे में दो साल का पैसा पेंडिंग हो जाएगा। कामगारों की माने तो इन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत डाक्युमेंट संबंधित विभाग के पास जमा करवा दिए हैं। अभी तक वजीफे  का पैसा रिलीज नहीं किया गया है।

बता दें कि कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत कामगारों की बेटियों के लिए अलग व बेटों के लिए अलग स्कालरशिप की राशि का प्रावधान है। पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक बेटियों के लिए सालाना सात हजार तथा बेटों के लिए तीन हजार की राशि दी जाती है। नवमीं से जमा दो कक्षा तक बेटियों को दस हजार तथा बेटों को छह हजार की स्कॉलरशिप का प्रावधान है।

कला स्नातक, बीएससी, बीकॉम, बीबीए या इसके बराबर के लिए छात्राओं को 15 हजार व छात्रों को 10 हजार रुपए सालाना वजीफा दिया जाता है। स्नकोत्तर के लिए बेटियों को 20 हजार व बेटों को 15 हजार की राशि मिलती है। डिप्लोमा के लिए सालाना बेटियों को 20 व बेटों को 15 हजार की राशि तय है।

व्यसायिक कोर्स के लिए भी बेटियों को सालाना 35 हजार व बेटों को 25 हजार रुपए का वजीफा दिया जाता है। इन दिनों कई लाभार्थियों को स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिल पा रहा है। कारण यह भी बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते डाक सेवाएं बंद हो गई थीं, जिस कारण करीब सात महीने डाक नहीं भेजी जा सकी। वहीं यह बात भी सामने आई है कि वजीफे के डाक्यूमेंट डाक के माध्यम से ही कामगार कल्याण बोर्ड के मुख्य कार्यालय भेजे जाते हैं।

कामगार कल्याण बोर्ड हमीरपुर के लेबर इंस्पेक्टर राम शर्मा ने बताया कि जो आवेदन आए थे उन्हें बोर्ड को भेज दिया गया है। लॉकडाउन में डाक सेवाएं बंद थीं। जिन कामगारों के बच्चों को पैसा रिलीज नहीं हुआ है, वे कार्यालय आकर निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करें। किसी एक व्यक्ति के हाथों भी अन्य अपने डाक्यूमेंट भिजवा सकते हैं। समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

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