Sunday, November 29, 2020 04:24 PM

कैसे बचें प्रदूषण से

हर साल पहले फसलों को जलाने और फिर दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर  में हवा की गुणवत्ता जीवित प्राणियों के लिए खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है। पिछले साल इसी समय हवा का स्तर इतना गिर गया था कि पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने भारतीय राजधानी दिल्ली में पब्लिक हैल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी थी…

साल का वो समय एक बार फिर आ गया जब दिल्ली और उसके आसपास का इलाका भयानक प्रदूषण की चपेट में आ जाता है। हर साल पहले फसलों को जलाने और फिर दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता जीवित प्राणियों के लिए खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है। पिछले साल इसी समय हवा का स्तर इतना गिर गया था कि पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने भारतीय राजधानी दिल्ली में पब्लिक हैल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी थी।

हालांकि, साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन का एक फायदा ये हुआ कि राजधानी की हवा बिलकुल साफ और सांस लेने लायक हो गई। जो आसमान धुएं और स्मॉग से भरा होता था, वो नीला दिखने लगा और चिडि़यों की चहचहाट भी सुनने को मिलने लगी। लेकिन जैसे-जैसे सड़कों पर ट्रेफिक बढ़ना शुरू हुआ है, कारखाने फिर खुल गए हैं, फसलों का जलाना भी शुरू हो गया है, वैसे ही दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण भयानक स्थिति की ओर बढ़ रहा है। पिछले साल दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के कारण दिल्ली के सभी स्कूल 5 नवंबर तक बंद कर दिए थे। जिसके बाद दिल्ली की सड़कों पर ज्यादातर लोग मास्क पहने नजर आने लगे थे। हालांकि मास्क तो लोग अब भी पहन रहे हैं, लेकिन इससे या फिर घर पर ही रहने से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग या फिर पुरुष प्रदूषण से पूरी तरह नहीं बच सकते। इसलिए पहले यह जानकारी होना बहुत जरूरी है कि बढ़ते हुए प्रदूषण से किस तरह बचा जा सकता है और प्रदूषण के कारण बीमार होने की संभावना से बचने के लिए या कैसे अपनी इम्युनिटी बढ़ाई जा सकती है।

जितना हो सके घर के अंदर ही रहें। इस दौरान घर से बाहर एक्सरसाइज न करें। आप घर पर या फिर जिम में वर्कआउट कर सकते हैं। बिना मास्क पहने घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर का तापमान कम है या फिर ठंडी हवाएं चल रही हैं, तो कोशिश करें कि बाहर न जाएं। कूड़े, घास, लकड़ी और प्लास्टिक को न जलाएं। अपने खान-पान में भी जरूर बदलाव करें।

एक संतुलित और स्वस्थ डाइट आपकी इम्युनिटी को बढ़ाती है और हवा में पाए जाने वाले टॉक्सिंज से शरीर को लड़ने के लिए मजबूत बनाती है। अपने खाने में ऐसी चीजें शामिल करें जो पोषक तत्त्वों से भरपूर और एंटीइंफ्लेमेंटरी हों, साथ ही डिटॉक्स में मदद करें और इम्यून पावर को बढ़ाएं। खासकर खाने में विटामिन सी को जरूर शामिल करें। आंवला, अमरूद, नींबू, संतरे आदि में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है। यहां तक कि विटामिन ई भी एंटीऑक्सीडेंट्स का बड़ा स्रोत है। ये आपको सूरजमुखी के बीजों, बादाम, एवाकाडो, मूंगफली, पाइन नट्स, ब्राजील नट्स में मिलेगा। कोई भी खाना जो श्वसन अंगों को ठीक कर सकता है या आराम दे सकता है, उसे सप्ताह में कम से कम एक बार इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ग्रीन टी, हर्बल चाय (अदरक, काली मिर्च, लौंग, तुलसी), हल्दी दूध और अन्य प्राकृतिक एंटी एलर्जी खाद्य पदार्थ मददगार साबित हो सकते हैं।

कैसे करें बचाव

प्रदूषण के सबसे प्रभावी समाधानों में से एक पौधे हैं, लेकिन दुख की बात है कि हम में से कई लोग स्कूल में पढ़ाए गए विज्ञान के पाठों को भूल गए हैं। अपने घर में छोटे-छोटे एलोवेरा या स्पाइडर प्लांट के पौधे लगाएं। ये आपके घर की हवा को काफी हद तक तरोताजा रखेंगे। जब भी घर से बाहर जाएं मास्क जरूर पहनें। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा।

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