Saturday, January 23, 2021 04:05 PM

कमाई को तरसे पर्यटन कारोबारी

मौसम खुशगवार; कोरोना का पर्यटकों पर पहरा, रिवर राफ्टिंग-पैराग्लाइडिंग का धंधा चौपट

कोविड-19  ने मनाली कुल्लू के होटलियरों व साहसिक गतिविधियों से जुड़े लोगों का रोजगार चौपट कर दिया है। यदि किसी को दिन में काम भी मिलता है तो वह न के बराबर ही है। हालांकि आजकल बर्फबारी के बाद जिस तरह का मौसम का मिजाज बना हुआ है, उससे पर्यटकों को मौसम का अंदाज बेहद सुकून भरा लग रहा है। मनाली में आने वाले पर्यटक वहीं हैं, जो अपने वाहनों से आ रहे हैं। क्योंकि वोल्वों बसों के न चलने से जिस तरह का पर्यटक यहां पहुंचना चाहिए था वह नहीं पहुंच रहा है। आलम यह है कि देश में सभी राज्यों की सीमाएं खोल देने पर भी लोग एक-दूसरे क्षेत्र में भ्रमण करने से कतरा रहे हैं, जो कि स्वाभाविक है क्योंकि आजकल कोरोना महामारी जिस तरह से पॉजिटिव लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उससे सभी चिंतित हैं। विश्व में कोरोना के कहर  से अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस किया है।

हालांकि भारत वर्ष में अब इस वायरस को पनपते नौ महीने से ऊपर का समय हो गया है और कई जाने इस वायरस की चपेट में आकर लोगों को रूला रही हैं। पिछले 9 महीनों से देश के सभी पर्यटन स्थल तो खाली रहे, लेकिन पिछले दो महीनों से लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की छूट भारत सरकार ने दे दी है। इस छूट के चलते लोग अपने घरों से बाहर निकलने के लिए पर्यटन स्थलों की ओर रवाना होने लगे हैं। मनाली जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल में रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरज ग्राहकों के लिए आंखें बिछाए बैठे हैं, लेकिन ग्राहकों की बड़ी कमी अखर रही है। हिमालयन डेसटिनेशन पैराग्लाइडिंग के मालिक विवेक ठाकुर ने बताया कि जिस तरह से मौसम का मिजाज घाटी में है, वह पैराग्लाइडिंग के लिए बेहतर है क्योंकि मेहमान जब ग्लाइडर में हवा में गोते लगाते हैं तो उन्हें यहां पर चारों ओर बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों का दिलकश नजारा देखने को मिलता है।

आजकल जिस गति से पर्यटक मनाली में दस्तक दे रहा है उस तरह का माहौल पर्यटन व्यवसायियों को मिल रहा है जिस तरह की चाहत रहती है। 15 सिंतबर से पैराग्लाइडिंग व रीवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को हरी झंडी तो मिल गई हैं, लेकिन जिस तरह का पर्यटक चाहिए वह नहीं पहुंच रहा हैं। विवेक ने बताया कि मनाली से लेकर बजौरा तक पैराग्लाइडिंग व रीवर राफ्टिंग के काउंटर तो लगे हैं, लेकिन पर्यटकों की कमी से धंधा नहीं चमक रहा है।  मनाली में अभी पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा से छुट-पुट सैलानी आ रहे हैं, लेकिन पैराग्लाइडिंग व रिवर राफ्टिंग संचालक ग्राहक के लिए तरस रहा है। ऐसे  मौसम में पहले पर्यटकों को अपनी बारी का इंतजर करना पड़ता था, लेकिन आजकल ऑपरेटर ग्राहक के लिए आंखें बिछाए बैठे हैं।

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