Saturday, November 27, 2021 11:49 PM

Kisan Andolan: हिमाचल सरकार की वादा खिलाफी के विरोध मेें 20 संगठनों का मंडी में प्रदर्शन

मंडी। भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच की विशाल रैली बीआर कौंडल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा के किसानों ने भाग लिया। रैली सुबह 12 बजे सेरी मंच मंडी से चलकर जिलाधीश कार्यालय तक निकाली गई, जिसमें राज्य के 20 संगठनों के किसानों ने हिस्सा लिया। किसान संगठनों अपना मांगपत्र जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिया। रैली में किसानों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ खूब प्रदर्शन करते हुए रोष निकाला। रैली को संबोधित करते हुए अध्यक्ष बीआर कौंडल ने कहा कि राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण 2013 कानून को हिमाचल में लागू करने में आनाकानी कर रही है और एक के बाद दूसरी कमेटी बना कर फैसले पर अमल को लगातार टालमटोल करती जा रही है, जबकि केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजाए पुनर्वास व पुनस्र्थापना को यथावत लागू करने को राजी है, लेकिन हिमाचल की जयराम सरकार अभी तक किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं दे रही है और अत्याधिक कीमती जमीन किसानों से कौडिय़ों के भाव लेकर उन्हें बर्बाद करने पर तुली है। जबकि अन्य राज्यों उत्तराखंडए बिहार व झारखंड आदि में चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। इसलिए सरकार से मांग करते हैं कि भूमि अधिग्रहण 2013 कानून को अतिशीघ्र लागू किया जाए अन्यथा हिमाचल के किसान सरकार को सबक सिखाने पर मजबूर हो जायेंगे। इन जिलों से आए प्रतिनिधियों ने किया संबोधित रैली को कांगड़ा जिला के सह संयोजक राजेश पठानिया ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मौजूदा बाज़ार भाव तय करने में विसंगतियों को दूर कर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए। जमीन के सर्कल रेट भी उसके अनुसार तय किये जायें तथा कम किये गए सर्कल रेट वापिस लिए जायें। कुल्लू जिला के सह संयोजक नरेश कुकू व प्रेम सिंह ठाकुर ने मांग करते हुए कहा कि प्रस्तावित सड़क अटल टनल के बाहर परियोजना से प्रभावित मकानों, जमीन व बगीचे आदि को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाये और वर्तमान संपर्क मार्ग को बहाल किया जाए। स्थानीय जनता, दुकानदारों के इज़मेंट राइट्स दिए जाये व टोल प्लाज़ा में राहत दी जाए। बिलासपुर जिला से मदन शर्मा ने मांग उठाई कि सरकार राष्ट्रीय उच्च मार्ग रोड़ प्लान के अनुसार भूमि अधिग्रहण करे और उसमें कोई बदलाव न किया जाये। मिट्टी डंपिंग के स्थान तय किये जायें व पहाड़ की तरफ स्टेप कटिंग की जाये और सक्षम अधिकारी द्वारा अधिग्रहित भूमि की निशानदेही कर पक्की बुरजियां लगाई जाएं। रैली को शिमला जिला से जयशिव, सोलन जिला से नवीन मेहता, कोटली मंडी के अध्यक्ष प्रशांत मोहन व सरकाघाट धर्मपुर के संयोजक मान सिंह ने भी संबोधित किया। विधायक राकेश सिंघा बोले किसान बागबानों में सरकार के प्रति रोष रैली को किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डा. कुलदीप तंवर ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि नए मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए स्थान का चयन तकनीकी आधार पर सोशल इम्पैक्ट सर्वे के पश्चात ही किया जाए। गैर कृषि भूमि व जहां पर न्यूनतम विस्थापन हो ऐसी साइट फ ोरलेन, रेलवे या एयरपोर्ट को वरीयता दी जाए। भारतीय किसान यूनियन टिकैत से रॉकी सोहल व भारतीय किसान संघ से सूरज ठाकुर ने किसानों कि मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों कि रक्षा करे। फ ल उत्पादक संघ के अध्यक्ष एवं विधायक ठियोग राकेश सिंघा व संयुक्त किसान मंच के संयोजक संजय चौहान ने जोर देकर कहा कि पूरे प्रदेश के किसान.बागवान नाराज चल रहे हैं और किसान व बागवानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन्होंने ने सरकार को दो टुक कह दिया है कि अगर वह किसानों व बागवानों की मांगों पर शीघ्र गौर नहीं करेगी तो आने वाले दिनों में किसानों को लामबंद करते हुए इस सरकार को चलता करेंगे। बड़ा आंदोलन करेंगे किसान रैली के संयोजक जोगिंद्र वालिया ने कहा ने कहा कि उपरोक्त प्रदर्शन को सफ ल बनाने हेतु अलग.अलग फ ोरलेन संघर्ष समितियों के प्रयास से किसानों का यह आंदोलन पूरे राज्य स्तर में फ ैल चूका है। राज्य स्तर के अन्य किसान व दूसरे संगठन बड़ा आंदोलन करेंगे। रैली में इनके अलावा हिमाचल किसान सभा से कुशाल भारद्वाज, हिमालयन नीति अभियान से गुमान सिंह, किसान सभा से केके कौशल, नौजवान सभा से मोहिंद्र राणा, सुरेश सरवाल, महिला समिति से डा. वीना वैद्य, नागचला से भूप सिंह, बैहना से दीवान सिंह, जड़ोल से अमर सिंह व राजकुमार वर्मा, नौलखा डडोर से कासिम अंजुम, छबील चंद, जितेंद्र, विजय अबरोल, गुरिया राम नायक, भूपेंद्र वालिया, कुल्लू से हेमंत सोंखला व नगवाई से बंसी लाल ने हिस्सा लिया।