Tuesday, April 13, 2021 09:18 AM

पारंपरिक व्यंजनों से महका लोसर

टीम मंडी-कुल्लू

भर्ती निदेशक एम राजाराजन ने कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए सेना की खुली भर्ती का आयोजन पहली मार्च से 12 मार्च 2021 तक सीएच सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर मैदान में किया जाएगा। यह भर्ती जिला मंडी, कुल्लू और लाहुल-स्पीति जिलों के नवयुवकों के लिए सैनिक सामान्य ड्यूटी जीडी सैनिक लिपिक/ स्टोर कीपर तकनीकी और हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के नवयुवकों के लिए सैनिक तकनीकी, सैनिक तकनीकी एविएशन, सैनिक तकनीकी गोला बारूद परीक्षक और सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहयोग पदों के लिए की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने 20 सितंबर 2020 तक अपना पंजीकरण किया था, केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को भर्ती में भाग लेने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने भर्ती में भाग लेने वाले सभी उम्मीदवारों को सुचित किया है कि वे अपना एडमिट कार्ड अपनी आईडी से डाउनलोड करें। उम्मीदवारों को जिला एवं तहसील वाइज पहली मार्च से 12 मार्च 2021 के बीच आमंत्रित किया जाएगा। एडमिट कार्ड में दी गई भर्ती की तिथि एवं समय के अनुसार उम्मीदवारों को भर्ती के लिए पहुंचना होगा। भर्ती निदेशक ने कहा कि भर्ती स्थल में प्रवेश के दौरान दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। इनमें एडमिट कार्ड, डोमिसाइल प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, 10वीं,12वीं की मार्क्स शीट, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जो ओपन स्कूल, एनआईओएस उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र प्रधानाचार्य से हस्ताक्षरित होना चाहिए।  इसके अलावा आधार कार्ड, एफेडेविट जिसका फार्मेट जेआई, अधिसूचना के एपेन्डिक्स बी में दिया गया है। इंडेमनिटि बांड जिसका फार्मेट 29 जनवरी 2021 की अधिसूचना के एपेन्डिक्स डी में दिया गया है। नो रिस्क प्रमाण पत्र जिसका फार्मेट एपेन्डिक्स एफ  में दिया गया है,  साथ लाने होंगे।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एसके पराशर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता एवं सदस्य सचिव अरुण कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि कुल्लू जिला में कुल एक लाख 19 हजार 131 घरों में नल से जल योजना को पहुंचाने का कार्य जोरों पर है। अभी तक कुल 69423 घरों को नल से जल की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में वर्ष 2024 तक नल से जल प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हिमाचल सरकार ने इस लक्ष्य को जुलाई, 2022 तक हासिल करने की कार्यनीति तैयार की है।

सदस्य सचिव अरुण शर्मा ने बैठक में 13 विभिन्न योजनाओं को पारित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इन योजनाओं से 8550 घरों को नल से जल प्रदान करने का प्रावधान है। जिला जल एवं स्वच्छता समिति ने इन योजनाओं के निर्माण के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए तथा विभाग द्वारा प्रस्तुत वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई जिस पर अध्यक्ष ने संतोष जाहिर किया। बैठक में जल शक्ति मंडल-दो के अधिशाषी अभियंता रविंद्र शर्मा, उपनिदेशक शिक्षा सीता राम बंसल, मंजवीर सिंह उपनिदेशक कृषि, वन विभाग से वंदना ठाकुर, चिकित्सा अधिकारी नरेश व खनन अधिकारी सुरेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

कार्यालय संवाददाता — कुल्लू अटल टनल रोहतांग का कमाल देखें। प्राचीन पर्वों से दूर रहे लाहुलवासियों को दशकों बाद त्योहारों और संस्कृति के पास लाया। पूरा लाहुल गदगद हो उठा है। उत्सवों में पुरुषों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। संस्कृति को संजोए रखने के लिए यह अच्छा संकेत है। बता दें कि सिस्सु के प्रेम चंद कटोच और सुरेंद्र कटोच भी दो दशक से भी ज्यादा समय बाद अपने प्राचीनतम त्योहार को मनाने के लिए यहां पहुंचे हैं। सिस्सु निवासी राजेश कटोच का कहना है कि अटल टनल रोहतांग जहां लाहुलवासियों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पिता प्रेम चंद कटोच 1999 के बाद पुणा पर्व में शरीक हुए हैं।

लगभग 22 सालों बाद अटल टनल की वजह से अपने उत्सव में भाग लेने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में पुलिस विभाग से डीएसपी रिटायर्ड हुए और कुल्लू में रहते हैं। इसके बाद भी उनकी पुणा में आने की तमना रहती थी, लेकिन रोहतांग में गिरी बर्फ आने नहीं देती थी। उनका कहना है कि उनके चाचा सुरेंद्र कटोच 24 सालों बाद पुणा में भाग लेकर बुधवार को आराध्य देवता राजा घेपन की भविष्यवाणी सुनेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अटल टनल रोहतांग ने लाहुल की तस्वीर को बदल दिया है, जहां भरकम ठंड के बीच देश के सबसे लंबे स्नो फेस्टिल में लाहुल की संस्कृति को बढ़ावा देने का मौका पहली बार मिला।

कयोटा में स्नो फेस्टिवल, स्थानीय लोगों ने लगाई पकवानों की प्रदर्शनी, विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी चला दौर

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू स्नो फेस्टिवल के तहत लोसर पंचायत कयाटो गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर नायब तहसीलदार विद्या सिंह नेगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों की ओर से पेश किया गया। स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि नायब सिंह नेगी ने कहा कि स्नो फेस्टिवल को त्योहारों का त्योहार की तरह मनाया जा रहा है। इस त्योहार में पारंपरिक पद्धति को आगे लेकर जाना है। हमारा उद्देेश्य अपनी संस्कृति को पर्यटन से जोडऩा है, ताकि लोगों की आर्थिकी मजबूत हो सके।

लोगों की आय में वृद्धि हो सके। हमें अपनी संस्कृति से दूर नहीं भागना है, बल्कि इसका प्रचार-प्रसार करके अपना रोजगार पैदा करना है। लाहुल-स्पीति में बड़ी धूमधाम से इस फेस्टिवल को मनाया जा रहा है। स्पीति में बड़ी पुरानी सभ्यता के साक्ष्य मिले हंै। हिमालय क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति काफी समृद्ध है। मुख्यातिथि ने सभी कलाकारों को बेहतर प्रस्तुति पेश करने पर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बर्फ से मिट्टी का घर छौरतेन, आइबेक्स, मुर्गों के अंडों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में पारंपरिक पत्थर के बरतनों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इन बरतनों का इस्तेमाल आज भी लोग करते आ रहे हैं। पारंपरिक व्यंजनों की बड़ी प्रर्दशनी लगाई गई थी। कयाटो गांव में हस्तलिखित बौध ग्रंथ भी देखने को मिले। याक को भी सजा कर प्रदर्शित किया गया था। इस मौके पर की मोनेस्ट्री के मुख्य लामा छेरिंग दोरजे, स्नो फेस्टिवल कमेटी के सदस्य प्रेम चंद, नवांगए, मुनसेलिंग स्कूल के प्रधानाचार्य छेरिंग बौध, ग्राम पंचायत लोसर रिचेंन डोलमा, बीडीसी सदस्य नमज्ञाल लामो सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।