Sunday, November 29, 2020 07:34 AM

लॉकडाउन के बाद 20 करोड़ का कारोबार, बिरोजा व तारपीन फैक्टरी से हर दिन निकल रही चार-पांच गाडिय़ां

बिलासपुर की बिरोजा एवं तारपीन फैक्टरी में पहले मेंटेनेस वर्क और फिर लॉकडाउन के कारण बंद रही प्रोडक्शन अब रेगुलर हो गई है। मैनपावर की कमी की वजह से अभी फिलहाल फैक्टरी को दो ही शिफ्टों में चलाया जा रहा है। डंप किया हुआ अधिकतर बिरोजा निकल चुका है, जबकि हर दिन चार-पांच गाडिय़ां भेजी जा रही हैं। कारोबार पटरी पर आने से लॉकडाउन के बाद अभी तक 15 से 20 करोड़ का कारोबार हो चुका है। फैक्टरी प्रबंधन को इस वित्त वर्ष तक बेहतर कारोबार की उम्मीद है।

फैक्टरी के महाप्रबंधक सुकल्प शर्मा ने बताया कि इस समय फैक्टरी आठ-आठ घंटे की दो शिफ्टों में कुल 16 घंटे चलाई जा रही है। फैक्टरी लॉकडाउन में बंद रही, जिसकी वजह से करोड़ों की कीमत के बिरोजा की काफी स्टोरेज हो गई थी और डंप माल के विक्रय का संकट पैदा हो गया था, लेकिन अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही धीरे-धीरे बिरोजा निकलना भी शुरू हुआ और अभी तक स्टोर में डंप अधिकतर बिरोजा उठ चुका है।

उन्होंने बताया कि इस समय लगभग तीस हजार क्विंटल कच्चा बिरोजा उपलब्ध है, जिसे प्रोसेस किया जा रहा है। फैक्टरी में कार्यरत दो में से एक प्लांट पर कच्चा और दूसरे पर पक्का बिरोजा प्रोसेस किया जाता है। हालांकि मैनपावर की दिक्कत है, जिसकी वजह से फैक्टरी को दो ही शिफ्टों में चलाना पड़ रहा है। मैनपावर के लिए आलाधिकारियों को लिखा गया है। उन्होंने बताया कि अस्किल्ड लेबर के 20 पद सृजित किए गए हैं, जिन्हें भरने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बाबत वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अजय श्रीवास्तव ने पिछले दिन फैक्टरी के विजिट के दौरान निर्देश जारी कर दिए हैं।

जैसे ही मैनपावर उपलब्ध होगी तो फैक्टरी को तीन शिफ्टों में चलाया जाएगा और इससे प्रोडक्शन में इजाफा होगा। प्रोडक्शन बढ़ेगी तो निश्चित रूप से वन विकास निगम की आय में भी इजाफा होगा। सुकल्प शर्मा के अनुसार अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद दो शिफ्टों में फैक्टरी रेगुलर चल रही है और हर दिन सोलह घंटे काम हो रहा है। कोशिश रहेगी कि आगामी 31 मार्च तक फैक्टरी में जमा सारा कच्चा बिरोजा प्रोसेस किया जाए, ताकि बैलेंस न रहे।

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