Sunday, October 25, 2020 02:10 AM

लोगों को बताए रैबीज के लक्षण

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू जिला में मनाया विश्व रैबीज दिवस

कुल्लू-क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. अतुल गुप्ता की अध्यक्षता में विश्व रैबीज दिवस मनाया, जिसमें उन्होंने इस वर्ष का थीम है ऐड रैबीज सहयोग टीकाकरण बताया।  यह 14 वां विश्व रैबीज दिवस है। डा. गुप्ता ने बताया कि रैबीज किसी भी जानवरों की लार के माध्यम जानवरों से मानव शरीर में रैबीज का संक्रमण होता है। रैबीज के लक्षणों के बारे में स्वास्थ्य शिक्षिका निर्मला महंत ने बताया कि रैबीज होने पर संक्रंमित व्यक्ति पानी से डरने लगता है। बेचैनी दर्द, शेर के प्रति असहिष्णुता, उल्टी होती है।

उतेजक व्यवहार और एयरफोबिया के संकेत मिलते हैं। रैबीज एक वायरस है, जो संक्रमित जानवरी के काटने से फैलता है। इसको रोकने और बचाव की जानकारी विस्तार से दी गई। इस अवस पर सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आशावर्कर उपस्थित रहीं।  वहीं, स्वास्थ्य विभाग खंड जरी की ओर से खंड स्तरीय विश्व रैबीज दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जरी डा. राजेश जरियाल ने की। इस अवसर पर उपस्थित कर्मचारियों तथा अन्य लोगों को रैबीज के लक्षण, बचाव, रैबीज टीकाकरण की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर पशु चिकित्सालय मणिकर्ण के वेटिरनरी आफिसर डा. अमन वर्मा ने पालतू कुत्तों को रैबीज टीकाकरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रैबीज टीकाकरण बहुत जरूरी है। जरी की हैल्थ एजुकेटर बिमला ने बताया कि रैबीज से बचाव का एकमात्र तरीका यही है कि कुत्ते, बिल्ली, बंदर, गिलहरी, लोमड़ी आदि के काटने या खरोंच लगने पर पहले दिन, तीसरे दिन व सातवें दिन एंटी रैबीज टीके लगवाए जाएं।

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