Tuesday, June 15, 2021 11:30 AM

ममता ने फिर लिखी मोदी को चिठ्ठी, कहा, कोरोना की जरूरी दवाओं से हटाएं टैक्स

सबसे बड़ा फैसला; सिर्फ तीन घंटे ही खुलेंगी जरूरी सामान की दुकानें

लॉकडाउन जैसी सख्ती

 प्रदेश सरकार ने बढ़ाई बंदिशें, कल से होंगी लागू

 जरूरी सामान की दुकानें खोलने के लिए तीन घंटे समय डीसी करेंगे तय

मस्तराम डलैल — शिमला

जयराम सरकार ने हिमाचल में कोरोना चेन को ब्रेक करने के लिए 10 मई से लॉकडाउन जैसी सख्त बंदिशें लागू करने का फैसला लिया है। कोरोना मामलों की संख्या और इससे होने वाली मृत्यु में हो रही तीव्र वृद्धि के मद्देनजर सरकार ने हिमाचल में जारी कोरोना कर्फ्यू के तहत 10 मई सुबह छह बजे से कुछ और सख्त पाबंदियां लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में सबसे बड़ा जो निर्णय है कि हिमाचल में दैनिक जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें बंद रहेंगी। दैनिक जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं की दुकानें दिन में केवल तीन घंटे ही खुली रहेंगी।

इसका समय संबंधित उपायुक्तों द्वारा निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सार्वजनिक परिवहन आगामी आदेशों तक बंद रहेगा और निजी वाहनों को आपात स्थितियों में ही आवाजाही की स्वीकृति होगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू के प्रभावी कार्यान्वयन में अपना पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से घर में ही रहने और अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने का आग्रह  किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने और प्रदेशवासियों के जीवन और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन परमार, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव शुभाषीश पांडा और स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उपस्थित रहे, जबकि मुख्य सचिव अनिल खाची, जिला कांगड़ा, मंडी और सोलन के उपायुक्तों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।

दिल्ली- कोरोना महामारी से निपटने में सरकार और लोगों की मदद के लिए इस्कॉन दिल्ली ने द्वारका के डीडीयू कॉलेज में कोविड केयर सेंटर स्थापित किया है। यहां कोरोना संक्रमित लोगों को जरूरी शुरुआती इलाज निशुल्क दिया जाएगा। इस कोविड केयर सेंटर में टीआर लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड मरीजों को मेडिकल केयर देगी। इस्कॉन दिल्ली ने इस कार्य में सहयोग के लिए साउथ वेस्ट दिल्ली के प्रशासन का आभार जताया। साथ ही टीआर लाइफसाइंसेज को विशेष दिशानिर्देश प्रदान करने के लिए जनकपुरी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जनकपुरी का भी धन्यवाद किया। इस सेंटर में 200 आक्सीजन बेड हैं। यहां डॉक्टर, नर्स, ऑक्सीजन सपोर्ट, जरूरी दवाओं, जांच, इम्युनिटी बढ़ाने वाले पोषक भोजन और अन्य जरूरी वस्तुओं की भी व्यवस्था की गई है। इस कार्य में सहयोग दे रहे इस्कॉन के वालंटियर्स ने कहा, ‘हम सिर्फ बीमारी के इलाज में नहीं, बल्कि मरीज को पूरी तरह ठीक करने में भरोसा करते हैं, जिससे वे स्वस्थ और सक्रिय हो सकें। इसीलिए इस कोविड केयर सेंटर में जरूरी दवाओं और इलाज के साथ-साथ ऐसी गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है, जिनसे कोई व्यक्त शारीरिक एवं मानिसक रूप से स्वस्थ रहे।’ शारीरिक बीमारी के साथ-साथ आजकल लोग मानसिक रूप से भी बहुत तनाव में हैं। इसलिए इस्कान दिल्ली ने इस कोविड केयर सेंटर में योग, मंत्र ध्यान और कुछ अच्छे काउंसलर्स की भी व्यवस्था की है, जिससे लोगों की मानसिक शांति सुनिश्चित होगी। मन की शांति लोगों को जल्दी ठीक होने में मदद करती है। यह सेंटर शारीरिक स्वास्थ्य ठीक करने के साथ-साथ मानसिक सुकून भी देता है, जो इस मुश्किल वक्त से पार पाने के लिए बहुत जरूरी है।मंडी से विप्लव सकलानी 

मंडी शहर की लगातार बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अब मंडी पुलिस आईटीएमएस यानी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिसे आने वाले दिनों में अमलीजामा पहनाया जाएगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में नंबर प्लेट रीडर कैमरा व सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहन की नंबर प्लेट का फोटो क्लिक होकर ई-चालान घर पहुंच जाएगा।

पुलिस ने इस सिस्टम को एनआईसी के साथ एकत्रित किया है और वाहन के पंजीकरण, प्रमाण पत्र, आरसी का डाटा अब नियंत्रण कक्ष में ऑटोमैटिक चालान जारी करने के लिए उपलब्ध रहेगा। पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि 20 मई से फिलहाल अभी तीन तरह के ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट के अब ऑटोमैटिक ऑनलाइन चालान होंगे।

शिमला- हिमाचल सरकार ने राज्य में कोरोना के तेजी बढ़ रहे मामलों के मद्देनज़र राज्य में लागू कर्फ्यू के तहत 10 मई सुबह छह बजे से कुछ और सख्त पाबंदियां लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य में कोरोना की स्थिति की समीक्षा को लेकर आज यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। दस मई से राज्य में दैनिक जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अलावा सभी दुकानें बंद रहेंगी। दैनिक जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं की दुकानें दिन में केवल तीन घंटे ही खुलेंगी और इनका समय सम्बंधित जिला उपायुक्तों द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक परिवहन आगामी आदेशों तक बंद रहेगा और निजी वाहनों को आपात स्थितियों में ही आवाजाही की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगोें से कोरोना फैलने से रोकने के लिए कर्फ्यू के प्रभावी कार्यान्वयन में अपना पूर्ण सहयोेग देने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से घर में ही रहने और अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने और प्रदेशवासियों के जीवन और सुरक्षा के मद्देनजर लिया है।

पटना- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आज कहा कि राज्य में कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार का अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने रविवार को कहा कि कोरोना संक्रमण के बढते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार बिहार को आवश्यक सामग्री और जीवन रक्षक दवाओं के अलावा ऑक्सीजन की आपूर्ति भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों बिहार को केंद्र सरकार से 150 ऑक्सीजन कांसेंट्रेटर, तीन लाख 90 हजार एंटीजन किट, 90 डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, 212 बाइपैप मशीन एसिसरिज के साथ और 7409 रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुआ है। श्री पांडेय ने बताया कि कोरोनाकाल में राज्य के लोगों को बेहतर उपचार देने के उद्देश्य से तीन महीने के लिए अस्थायी तौर एक हजार विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्साकर्मियों, नर्सों, पारा मेडिकल स्टाफ और लैब टेक्निशियन की नियुक्ति जिलों में शुरू हो जायेगी । सभी जिलों और मेडिकल काॅलेज एवं अस्पतालों में 10 मई को वाॅक-इन-इंटरव्यू के आधार पर डाॅक्टरों की नियुक्ति की जायेगी। वहीं रविवार से शुरू 18 से 44 वर्ग के आयु वाले लोगों के टीकाकरण को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। लोगों के पंजीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। कुल 624 केंद्रों पर राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 15 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज जिलों में भेजा गया है । केंद्र से रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोटा 16 मई तक बढ़ाकर एक लाख 50 हजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य आवश्यक उपकरण एवं दवा भी केंद्र सरकार से मांगा गया है।

दिल्ली - विदेशों में मजबूती के बीच बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में अधिकतर खाद्य तेलों में टिकाव रहा। तेलों के साथ चीनी के दाम भी स्थिर रहे। दाल-दलहनों में साप्ताहिक तेजी रही जबकि गेहूं में नरमी देखी गई। तेल तिलहन : विदेशों में मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का जुलाई वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 556 रिंगिट चढ़कर 4,425 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच गया। जुलाई का अमेरिकी सोया तेल वायदा भी 1.96 सेंट की बढ़त के साथ सप्ताहांत पर 64.35 सेंट प्रति पाउंड बोला गया।

स्थानीय बाजार में सरसों तेल, सूरजमुखी तेल, मूँगफली तेल, सोया तेल और पाम ऑयल में टिकाव रहा। ग्राहकी आने से वनस्पति का भाव 147 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया। सप्ताहांत पर सरसों तेल 16,116 रुपये, मूंगफली तेल 19,413 रुपये, सूरजमुखी तेल 19,047 रुपये, सोया रिफाइंड 15,385 रुपये, पाम ऑयल 13,187 रुपये और वनस्पति तेल 13,626 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।

नई दिल्ली चीन के अनियंत्रित हुए राकेट लॉन्ग मार्च का मलबा रविवार को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर गया और इसके मालदीव के पास हिंद महासागर में गिरने की खबर है। इसके बाद से अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष मलबे को लेकर जिम्मेदार मानकों को पूरा करने में विफल रहने के लिए चीनी प्रशासन को फटकार लगाई है। पूर्व सेनेटर और नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि चीन अपने अंतरिक्ष मलबे के बारे में जिम्मेदार मानकों को पूरा करने में विफल हो रहा है। चीन के मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग कार्यालय ने बताया कि चीन के लॉन्ग मार्च 5बी राकेट के अवशेष बीजिंग के समयानुसार सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर गए और वे 72.47 डिग्री पूर्वी देशांतर और 2.65 डिग्री उत्तरी अक्षांश में समुद्र के एक खुले क्षेत्र में गिरे।

ज्यादातर अवशेष पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश के दौरान ही जल गए। चीन ने इस राकेट की मदद से अंतरिक्ष में बनाए जाने वाले अपने तियांगोंग स्पेस स्टेशन का पहला हिस्सा भेजा था। इस राकेट में 29 अप्रैल को दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान में विस्फोट हो गया था। इससे पहले पेंटागन ने मंगलवार को कहा था कि वह चीन के उस विशाल राकेट का पता लगा रहा है, जो नियंत्रण से बाहर हो गया और उसके इस सप्ताहांत तक पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने की संभावना है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने इस हफ्ते मीडिया को बताया था कि राकेट के अवशेष जब पृथ्वी की वायुमंडल में प्रवेश करेंगे तो वे जल जाएंगे। चीन आगामी हफ्तों में अपने अंतरिक्ष केंद्र कार्यक्रम के लिए और राकेट भेज सकता है, क्योंकि उसका उद्देश्य अगले साल तक इस परियोजना को पूरा करने का है।

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिला के उचकागांव थाना क्षेत्र के नरकटिया गांव में बारात में चिकन के साथ लिट्टी नहीं देने पर हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रुप से जख्मी हो गए। मृतक राजेंद्र सिंह थे, जबकि गोलीबारी में जख्मी राहुल कुमार सिंह, रिशु कुमार सिंह और रोहित कुमार सिंह को इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल के एमर्जेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार के सदस्य तीनों जख्मी लोगों को इलाज के लिए गोपालगंज अस्पताल से गोरखपुर के लिए लेकर रवाना हो गए।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि राजेंद्र सिंह के पड़ोस में एक बारात आई हुई थी। बारात में चिकन के साथ लिट्टी नहीं देने को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद में गोलीबारी हो गई। गोलीबारी में राजेंद्र सिंह समेत चार लोगों को गोली लग गई। इलाज के लिए चारों लोगों को गोपालगंज सदर अस्पताल के एमर्जेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने राजेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

एजेंसियां — कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे कोविड-19 महामारी से लडऩे में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दवाइयों पर सभी तरह के करों और सीमा शुल्क में छूट देने का अनुरोध किया। बनर्जी ने मोदी से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा मजबूत करने और कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए उपकरण, दवाओं तथा ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने का भी अनुरोध किया। ममचा ने पत्र में लिखा कि बड़ी संख्या में संगठन, लोग और परोपकारी एजेंसियां ऑक्सीजन सांद्रक, सिलेंडर, कंटेनर और कोविड संबंधित दवाएं दान देने के लिए आगे आई हैं। कई दान देने वालों ने इन पर सीमा शुल्क, एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी से छूट देने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार का रुख किया है।

बनर्जी ने कहा कि चूंकि इनकी कीमतें केंद्र सरकार के कार्य क्षेत्र में आती है तो मैं अनुरोध करती हूं कि इन सामान पर जीएसटी/सीमा शुल्क और अन्य ऐसे ही शुल्कों तथा करों से छूट दी जाए, ताकि कोविड-19 महामारी के कुशल प्रबंधन में उपरोक्त जीवनरक्षक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सके। ममता बनर्जी देश में इस संक्रामक रोग को फैलने से रोकने में नाकाम रहने के लिए केंद्र पर निशाना साधती रही हैं। वह समान टीकाकरण नीति की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुकी हैं। बंगाल का कहना है कि टीका उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को तत्काल कदम उठाने चाहिए और ये टीके राज्यों को मुफ्त में दिए जाने चाहिए। इससे पहले शुक्रवार को भी ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को चि_ी लिखी थी। बनर्जी ने पत्र में आरोप लगाया था कि बंगाल में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी राज्य के हिस्से की ऑक्सीजन को केंद्र सरकार अन्य राज्यों में डायवर्ट कर रही है।

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