Saturday, August 08, 2020 11:33 AM

मंडी में यूरिया का अकाल, किसान बेहाल

दो हफ्तों से किसान सेल्ज सेंटरों के लगा रहे चक्कर; नहीं मिल रही खाद, आंदोलन की दी चेतावनी

गोहर – मंडी जिला में दो सप्ताह से चल रहे यूरिया खाद के अभाव से किसानों में हाहाकार मच गया है। यदि दो चार दिनों के भीतर जिला के सभी नौ सेल्ज सेंटर मे यूरिया खाद नहीं पहुंची, तो किसानों की मक्की की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बताया जाता है कि यूरिया खाद का यह अभाव मात्र मंडी जिला ही नहीं अपितु समूचे प्रदेश भर मे चल रहा है। हिमफेड के अधिकारियों का कहना है कि सरकार व खाद सप्लाई करने वाली कंपनी के एग्रीमेंट की तिथि 30 जून को समाप्त हो चुकी है। उसके बाद संबंधित विभाग द्वारा मामला सरकार के ध्यान में लाने के बाद आगामी कार्रवाई की जा रही है। बता दें इस समय हिमफेड ने मंडी जिला के अंतर्गत गोहर, जोगिंद्रनगर, लौंगणी, संधोल, भांभला, डैहर, लुणापानी, करसोग व सुंदरनगर में अपने गोदाम स्थापित किए हैं, जहां से संबंधित सहकारी सभाओं व निजी डिपो होल्डरों के माध्यम से किसानों को हर सीजन में लगने वाली खाद मुहैया करवाई जाती है। अब पिछले 15 दिनों से मंडी जिला के तमाम नौ गोदामों में यूरिया खाद का लगातार अभाव चल रहा है, जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है।  गुस्साए किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों व हिमफैड को चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर गोहर में यूरिया खाद मुहैया नहीं हो पाई तो उन्हें आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। कृषि विभाग के गोहर मे तैनात एसएमएस डा. डीसी चौहान से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गोहर क्षेत्र में लगने वाली यूरिया खाद की लगभग पांच हजार बैग की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के हजारों किसानों के लगातार बढ़ते दबाव को लेकर यहां के पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने भी अब किसानों की इस समस्या को गंभीरता से ले लिया है। गोहर पंचायत समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह ठाकुर, बासा पंचायत की प्रधान कमला शर्मा, गोहर पंचायत के उपप्रधान ज्ञान चंद चौहान खारसी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश मल्होत्रा, कोटला-खनूला पंचायत की प्रधान इदिंरा देवी, देलग पंचायत के प्रधान भीमाराम, स्यांज पंचायत की प्रधान भामावति, छपराहण पंचायत की प्रधान पूजा, थरजूण पंचायत के उपप्रधान डोला राम, मझोठी पंचायत की प्रधान देविंद्रा देवी, ज्ञानचंद, पंचायत समिति के पूर्व सदस्य यदोपति सहित स्वयं सेवी संगठनों से जुड़े लोगों नें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि वे गोहर क्षेत्र में हर सीजन के दौरान चल रही खाद की किल्लत को लेकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें।

क्या कहते हैं गोहर के किसान

किसानों-बागबानों का कहना है कि उन्हें पिछले कई वर्षों से हर सीजन के दौरान लगने वाली हर प्रकार की खाद समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती। इससे जहां एक ओर उनकी फसल उत्पादन में लगातार गिरावट आ रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आर्थिक तौर पर भी बेहद नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर, हिमफेड के मंडी स्थित एरिया मैनेजर कर्ण कुमार भारद्वाज ने स्वीकार किया कि आजकल गोहर समेत समूचे मंडी जिला में यूरिया खाद की सप्लाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने खाद को लेकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं। लिहाजा दो दिन के भीतर मंडी जिला के सभी किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध हो जाएगी।

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