Tuesday, December 07, 2021 04:36 AM

हमीरपुर में फिर चमकने लगा मनियारी का व्यापार

कालेज खुलने और त्योहारी सीजन से मिलने लगी राहत; दुकानों पर खरीरदारी को उमडऩे लगी भीड़, फिर पुराने स्वरूप में लौटने लगा कारोबार

सुरेंद्र ठाकुर—हमीरपुर

कोरोना काल में मनियारी व्यापार की सबसे बुरी हालत हुई है। शादियों सहित अन्य समाराहों पर प्रतिबंध लगने के बाद मनियारी की दुकान करने वालों के लिए रोजाना 500 रुपए सेल करना भी मुश्किल हो गया था। कोरोना काल ने जहां सभी व्यवसायाओं पर विपरीत असर डाला है वहीं मनियारी व्यापार भी इससे अछूता नहीं रहा। आलम यह था कि हमीरपुर शहर में मनियारी व्यापार की रोजाना होने वाली सेल 10 फीसदी तक सिमट कर रह गई थी। कोविड काल में कई छोटी मनियारी की दुकानों पर ताले तक लग गए। बात हमीरपुर शहर की करें, तो यहां पर ही रोजाना मनियारी व्यापारी कुल मिलाकर 20 से 25 लाख रुपए का बिजनेस करते हैं। कोरोना काल में यह बिजनेस एक लाख तक सिमट कर रह गया। कई दुकानदार अपनी दुकानों पर रखे हुए कर्मचारियों को तनख्वाह देने में भी असमर्थ हो गए थे। यही कारण रहा है कि कोविड काल में कई कर्मचारियों की नौकरी तक चली गई। बड़े मनियारी व्यापारियों के पास तो आठ से दस कर्मचारी काम करते हैं। इन्हें भी अपने कर्मचारियों का वेतन देना बड़ी चुनौती बना हुआ था।

हालांकि अब जाकर हालात सुधरना शुरू हो गए हैं। बता दें कि हमीरपुर शहर में ही मनियारी की दर्जनों दुकानें है। कोरोना काल में समारोहों पर प्रतिबंध लगने के बाद से ही मनियारी व्यापार पूरी तरह ठप हो गया। बाजार में लोगों की मूवमेंट न के बराबर होने के चलते मनियारी से जुड़ा व्यापारी वर्ग खासा चिंतित रहा। मनियारी का व्यापार एक समय शून्य तक आ पहुंचा था तथा व्यापारियों के चेहरों पर चिंता तथा मायूसी साफ दिख रही थी। हालंाकि अब शादी समारोहों के आयोजन किए जा रहे हैं। ऐसे में मनियारी का काम करने वालों ने राहत महसूस की है। कालेज खुलने के बाद शहर में हो रही मूवमेंट से व्यापार पुराने स्वरूप में लौटना शुरू हो गया है। हालांकि अभी भी उतना व्यापार नहीं हो पा रहा जितना कोरोना काल से पहले हुआ करता था। वर्तमान में शादी समारोह हो रहा हैं, बाजारों में लोगों की मूवमेंट होने से व्यापार सुधरने लगा है। (एचडीएम)

दुकानदारों ने कुछ इस तरह बयां किए हालात

दुकानदार राजेश कपिल का कहना है कि कोरोना काल से पहले त्यौहारी सीजन में 20 से 25 हजार रुपए तक की सेल होती थी। कोविड काल में तो 500 रुपए प्रतिदिन सेल करना भी चुैनाती बन गया था। हालांकि अब फिर से व्यापार पुराने स्वरूप में लौटना शुरू होगया है।

साविन कपिल का कहना है कि कोरोना काल से पहले 25 से 30 हजार रोजाना सेल थी। कोरोना काल में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मनियारी विक्रेता रिंकू का कहना है कि वर्तमान में व्यापार में सुधार होने लगा है। कोरोना काल में परिवार का पालन-पोषण कर पाना भी बड़ी चुनौती बना हुआ था।