Tuesday, April 13, 2021 11:11 AM

एक साल बाद अप्रैल में खुलेंगे मनाली के कई होटल

स्टाफ रिपोर्टर-आनी उपमंडल आनी की डिंगिधार पंचायत के स्नेथा गांव में एक महिला दासी को ढांक से गिरने के बाद चोटें आईं, लेकिन घायल महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए स्नेथा गांववासियों को महिला को कुर्सी पर बिठा कर कंधे पर उठाकर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर का पैदल सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। स्नेथा गांव के अनिल आर्य ने बताया कि महिला पशुओं के लिए चारे के घास काटने के बाद वापस लौट रही थी, तो पांव फिसलकर गिर गई और चोटें आईं, जिसे प्राथमिक उपचार को दलाश स्थित सीएचसी पहुंचाना पड़ा, लेकिन आजादी के साढ़े सात दशकों बाद भी डिंगिधार पंचायत का 35 परिवारों और करीब 150 आबादी वाला स्नेथा गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है, जिसके चलते स्नेथा गांव तक सड़क जैसी जीवन रेखा न होने के कारण आज भी मरीज को सड़क तक पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ती है।

स्नेथा गांववासी अनिल आर्य, गंगी देवी, सूरत राम, निशा, गंगा राम, प्रकाश, संतोष, रोशन लाल आदि का कहना है कि हालांकि इस मांग को पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से भी कई बार सरकार के समक्ष रखने का प्रयास हुआ, लेकिन बात न बनी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द ही सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि गांव तक एंबुलेंस पहुंच सके। वहीं इस बारे में जिला परिषद कुल्लू के नवनिर्वाचित चेयरमैन पंकज परमार ने बताया कि उन्होंने स्नेथा गांव तक सड़क का प्रावधान करने के लिए चार लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कर दी है। जल्द ही स्नेथा गांव को सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाएगा।

आयुर्वेद के बहु-उद्देश्यीय चिकित्सा शिविर में लोगों ने करवाई जांच, नि:शुल्क दवाइयां भी बांटीं

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू जिला आयुर्वेद विभाग कुल्लू द्वारा गुरुवार को कुल्लू उपमंडल की भुट्टी-जरड़ ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में 204 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। बहु-उद्देशीय इस शिविर में डा. मनीष सूद, डा. नेहा, डा. वंदना तथा डा. रूबी हाजरा जिनकी अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता है ने लोगों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों की जांच करके उन्हें नि:शुल्क दवाइयां प्रदान कीं। शिविर के प्रभारी डा. मनीष सूद ने कहा कि शिविर में प्रात: काल से ही बड़ी संख्या में लोगों का तांता लगा रहा। 40 लोगों ने जोड़ों के दर्द 75 लोगों ने रक्त की जांच तथा 50 लोगों ने आग्नेय कर्म एवं मर्म चिकित्सा करवाई।

डायबिटिज व रक्तचाप की जांच करवाने को लेकर बहुत से लोग गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि पंचकर्म, आग्नेय कर्म व मर्म आयुर्वेद की मुख्य उपचार पद्धतियां हैं और लोग बड़ी संख्या में इन उपचारों के लिए अस्पताल में आते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में अब ऐसी औषधियां तैयार कर ली गई हैश् जो जल्द से मरीज की बीमारी को जड़ से समाप्त कर देती है। आयुर्वेद में ऐसी बीमारियों का उपचार मौजूद है, जो किसी अन्य उपचार पद्धति में नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जीवन शैली को आयुर्वेद के तौर-तरीकों के अनुसार रखें। इससे उन्हें जीवन में किसी प्रकार की गंभीर ब्याधी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग डायबिटिक हो रहे हैं और अनेक का रक्तचाप असामान्य है। यह सब हमारी जीवन शैली व मानसिक तनाव के कारण है। उन्होंने कहा कि वायरस अथवा बीमारियों से बचने के लिए व्यक्ति को अपनी इम्यूनिटि अच्छी रखनी चाहिए। इसके लिए भी आयुर्वेद के तौर तरीकों को अपनाने की उन्होंने सलाह दी। वहीं, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा निकट भविष्य में जिला के अन्य भागोंं में भी नि:शुल्क बहु-उद्देशयीय शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से घरद्वार के समीप ऐसे शिविरों में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। शिविर में स्थनीय ग्राम पंचायत की प्रधान हर्ष ठाकुर, उपप्रधान नीरज, वार्ड सदस्य अमरा व बिंदु सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू कोविड-19 के चलते सबसे अधिक आर्थिक मार यहां पर्यटन कारोबारियों को झेलनी पड़ी है। मनाली में बहुत से ऐसे होटल हैं, जो पिछले मार्च 2020 से बंद पड़े हैं। वहीं, अनेक होटल मालिकों ने फैसला लिया है कि वे अपना होटल मार्च के बाद अप्रैल माह के शुरुआती दौर में खोलेंगे और एसओपी का पूरा पालन करेंगे। यहां मनाली के 79 वर्षीय होटल मालिक राम कृष्ण ठाकुर निवासी प्रीणी की मानें तो जब से कोरोना फैला है और हिमाचल में लॉकडाउन लगा वह अभी तक बाजार घूमने के लिए पिछले लंबे समय से नहीं गए हैं। राम कृष्ण ठाकुर ने कहा कि लोग लापरवाह हो गए हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन करता नजर नहीं आता। सभी लोग भीड़ में बिना मास्क के घूमते हैं। अब तक महाराष्ट्र, पंजाब में भी कोरोना का सेकेंड फेस आ चुका है तो लोगों को भी लापरवाह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को भी चाहिए कि वह बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को बिना कोविड टेस्ट से प्रवेश न दे। उन्होंने कहा कि उन्होंने 22 मार्च 2020 से अपना होटल प्रीणी में बंद रखा है। अगर स्थिति ठीक रही तो ही वह अप्रैल में होटल खोलेंगे। प्रीणी के होटल मालिक राम कृष्ण ठाकुर कहते हंै कि अब स्थिति और भी नाजुक है। लोगों को संभलने की जरूरत है। लाहपरवाह लोग न बनें, जिस कारण से सभी को नुकसान झेलना पड़े। 79 वर्षीय राम कृष्ण ठाकुर ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे बाहर जाते समय मास्क जरूर पहने, ताकि सभी लोग स्वस्थ रह सकें। वहीं, होटल मालिक बुद्धि सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, रजत आचार्य, अनुपमा, अरुण शर्मा, अनिल मनचंदा का कहना है कि वहे भी मार्च के बाद अपना होटल खोलेंगे। क्योंकि बहुत से होटलों की बुकिंग महाराष्ट्र व पंजाब से अधिक रहती है। इसलिए जिस तरह से स्थिति अभी बनी हुई है। उसे देखते हुए उन्होंने फैसला लिया है कि होटल खोलने में जल्दबाजी नहीं करेंगे।