मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के लिए आज का दिन बहुत खास, यहां से हुई महान बनने की शुरुआत

नई दिल्ली — अगस्त की 14 तारीख, साल 1990। भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच का आखिरी दिन था। और इस दिन सचिन तेंडुलकर ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था। सचिन ने जब यह शतक लगाया तो उनकी उम्र 17 साल 112 दिन थी। वह मोहम्मद अशरफुल और मोहम्मद मुश्ताक (के बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं। मैनचेस्टर में सचिन ने 9-14 अगस्त 1990 के बीच खेले गए इस मुकाबले में 119 रनों की पारी खेली थी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्राहम गूच, माइकल आर्थटन और रॉबिन स्मिथ की सेंचुरी की बदौलत 519 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था।

जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रवि शास्त्री और नवजोत सिंह सिद्धू की सलामी जोड़ी जल्दी आउट हो गई। दिलीप वेंगसरकर भी छह रन बनाकर आउट हो गए। भारत का स्कोर तीन विकेट पर 57 रन था। इसके बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन के 179 और संजय मांजरेकर के 93 ने भारत को मुश्किल से निकाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 189 रन जोड़े। सचिन ने भी पहली पारी में 68 रन बनाए। भारत का स्कोर 432 तक पहुंचा। पहली पारी में सचिन आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज थे।

इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 320/4 पर घोषित कर दी। एलन लैंब ने 109 रन बनाए। भारत के सामने दूसरी पारी में 408 रनों का लक्ष्य था। भारतीय टीम ने दूसरी पारी में भी नियमित अंतराल पर विकेट खोए। 183 के स्कोर पर उसके छह बल्लेबाज पविलियन लौट चुके थे, लेकिन सचिन (119) ने मनोज प्रभाकर (67) के साथ मिलकर मैच ड्रॉ करवाने में अहम भूमिका निभाई।

यह सचिन के शतकों के शतक की शुरुआत थी। टेस्ट क्रिकेट में सचिन ने 51 और वनडे इंटरनेशनल में 49 शतक लगाए। टेस्ट में सचिन का बेस्ट स्कोर 248 नॉट आउट है। यह उन्होंने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में बनाया था। वहीं, वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले वह पहले पुरुष क्रिकेटर भी थे। 2010 में ग्वालियर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 200 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

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