Sunday, July 25, 2021 09:03 AM

मिडल क्लास की रसोई चौपट, देश में महंगाई अब तक के उच्चतम स्तर पर

देश में महंगाई अब तक के उच्चतम स्तर पर, 12.94 फीसदी हुई थोक मुद्रास्फीति

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के लगातार बढ़ते दामों के मद्देनदर देश में थोक महंगाई दर अब तक के सर्वाधिक स्तर पर आ गई है। देश में थोक महंगाई दर मई महीने में 12.94 फीसदी पहुंच गई। थोक मुल्य सूचकांक के मुताबिक भारत में थोक मुद्रास्फ्रीति की दर में बढ़ोतरी की शुरुआत वित्त वर्ष 2022 में बड़े पैमाने पर हुई। अप्रैल महीने से ही इसमें बढ़त जारी थी, जब यह मार्च के 7.39 फीसदी और फरवरी के 4.17 फीसदी से मुकाबले अप्रैल में बढ़कर 10.94 फीसदी हो गई थी। गौर करने वाली बात यह है कि मई 2020 में यह माइनस 3.37 फीसदी रही थी। होल सेल प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर लगातार पांचवें महीने चढ़ी है। सरकार की ओर से थोक महंगाई पर कहा गया कि क्रूड पेट्रोलियम, मिनिरल ऑयल्स के चलते महंगाई बढ़ी है।

क्योंकि इससे पेट्रोल, डीजल, नेप्था और मेन्युफेक्चरिंग प्रोडक्ट्स महंगे हुए। नतीजतन, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस साल मई में महंगाई तेजी से बढ़ी। फ्यूल और पावर बास्केट में मई के दौरान महंगाई 37.61 फीसदी बढ़ी है, जो अप्रैल में 20.94 फीसदी बढ़ी थी। वहीं, मेन्युफेक्चर्ड प्रोडक्ट्स भी मई में 10.83 फीसदी महंगे हुए हैं। हालांकि, फूड आर्टिकल में महंगाई से राहत मिली है। मई में ये 4.31 फीसदी सस्ते हुए हैं, जबकि प्याज के दाम बढ़े हैं। प्याज के दाम 23.24 फीसदी बढ़े हैं। (एचडीएम)

खुदरा महंगाई छह महीने के शीर्ष पर

नई दिल्ली। खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने और आवक सख्त होने से मई 2021 में खुदरा मूल्यों पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर छह महीने के उच्चतम स्तर 6.30 प्रतिशत पर पहुंच गई। अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 4.23 प्रतिशत रही थी।