Tuesday, April 13, 2021 10:37 AM

ट्राली के टायर तले पिसा मजदूर

बिलासपुर में चर्चा का विषय बनी अजीबोगरीब स्थिति, संततुल्य व्यक्तित्व संजीव शर्मा का अंतिम संस्कार रुका

अश्वनी पंडित — बिलासपुर

बिलासपुर में एक अजीबोगरीब स्थिति चर्चा का विषय बन गई है। संत तुल्य व्यक्तित्व संजीव शर्मा पप्पा को डाक्टरों ने तो गत गुरुवार दोपहर के बाद ऋषिकेश (हरिद्वार) में हृदय गति रुकने से मृत घोषित कर दिया था, लेकिन संत समाज इससे सहमत नहीं है। कुछ संतों का मत है कि संजीव अभी इस दुनिया से विदा नहीं हुए हैं, उनकी प्राणवायु वापस उनके शरीर में आ सकती है। इसलिए अब एक पहुंचे हुए संत इंदौर से बिलासपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मेरे आने तक रुक जाइए। संजीव की प्राणवायु वापस उनके शरीर में प्रवेश करवाई जाएगी। यदि यह संभव हो गया, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। यहां बता दें कि डाक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद संजीव शर्मा को बिलासपुर पहुंचाया गया है, जहां शनिवार को उनके अंतिम संस्कार की तैयारी थी, लेकिन दोपहर पौने तीन बजे यह फैसला हुआ है कि उन महान संत को आने दिया जाए, वह चल पड़े हैं।

वह हवाई मार्ग से आएंगे। चंडीगढ़ से उन्हें यहां तक सड़क मार्ग से लाया जाएगा। शनिवार देर रात तक बिलासपुर पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए संजीव शर्मा के घर में जितने भी लोग इकट्ठे हुए थे, उन्हें संजीव की बड़ी बहन ने हाथ जोड़कर विनती की है कि संत महाराज को आने दिया जाए। शायद उनके भाई ठीक हो जाएं। वैसे जानकारी के मुताबिक इन दिनों संजीव शर्मा हरिद्वार में काला बाबा जी की सरायं का काम करवा रहे थे। उनके साथ उनके गुरु भाई भी थे। गुरुवार को उन्होंने घूमने का प्रोग्राम बनाया था, वे सब ऋषिकेश की तरफ चले गए थे। संजीव शर्मा ने उन्हें कहा कि तुम सब नीलकंठ महादेव जा आओ, मैं यहां गरुड़ चक्की में अपने एक परिचित संत महात्मा की कुटिया में जाऊंगा। तभी वे सब नीलकंठ चले गए। संत लगभग 80 साल के वृद्ध हैं। उन दोनों की आपस में नमस्कार हुई। संजीव शर्मा संत के मंदिर की परिक्रमा करने लग पड़े। परिक्रमा करने के बाद वह बाहर बिछाई चट्टाई पर बैठे और लेट गए। जोर-जोर से उनकी सांस आने लगी। उनकी धड़कन बढ़ गई। यह देख संत बाहर निकले, तो संजीव शर्मा इतनी देर में प्राण छोड़ चुके थे। संत ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया, पुलिस भी वहां पहुंच गई थी। संत ने संजीव के फोन से उनके घर फोन कर पता दिया।उधर, नगर परिषद अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप ने बताया कि कोई पहुंचे हुए संत बिलासपुर आ रहे हैं। ऐसे में संजीव शर्मा के अंतिम संस्कार को रविवार के लिए टाल दिया गया है। (एचडीएम)

इंतजार...स्थगित की अंतिम यात्रा

काला बाबा कल्याण दास जी महाराज ट्रस्ट के कुछ सदस्यों और संजीव के गुरु भाइयों ने एक आपात बैठक कर फैसला लिया कि संजीव शर्मा की समाधि बनाई जाएगी। बिलासपुर का प्रबुद्ध वर्ग कहता है कि संजीव शर्मा पेंट कमीज पहनने वाले एक उच्च कोटि के संत थे। वहीं फैसला हुआ कि इंदौर से उन संत महाराज की प्रतीक्षा की जाए और यह अंतिम यात्रा रविवार तक के लिए स्थगित की जाए।

दौलतपुर चौक के डंगोह खास में खैर कटान में लगे कश्मीरी की गई जान

स्टाफ रिपोर्टर — दौलतपुर चौक

क्षेत्र के डंगोह खास में एक कश्मीरी मजदूर की दर्दनाक मौत का मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के डंगोह खास में खैर कटान का कार्य चला हुआ था और शुक्रवार देर शाम को ठेकेदार के पास खैर कटान में लगे मजदूर एक अप्लाइड फॉर ट्रैक्टर ट्राली में खैर की लकड़ी जंगल से लोड करके लेकर आए और ट्राली पर बैठे एक कश्मीरी मजदूर मोहम्मद रफीक कालस पुत्र अब्दुल कालस निवासी केवीपुरा (जम्मू कश्मीर) ने चलते ट्रैक्टर से उतरने के लिए छलांग लगा दी, परंतु वह छलांग लगाते अनियंत्रित हो गया और पैर फिसलने के कारण उसका सिर ट्राली के टायर के नीचे आ गया।

आनन फानन में उसके साथी उसे दौलतपुर चौक के एक निजी अस्पताल ले आए, परंतु ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी तरसेम सिंह ने मृतक के शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। उधर, थाना प्रभारी एसएचओ दर्शन सिंह ने बताया कि पुलिस ने ट्रैक्टर चालक सतीश कुमार पुत्र रमेश चंद निवासी दियोली के खिलाफ मामला दर्ज करके कर कार्रवाई शुरू कर दी है।