Friday, September 24, 2021 04:33 AM

मोदी की मंत्री ने किसानों को बताया मवाली, बवाल, टिकैत बोले, ऐसी बातें अफसोसजनक 

जंतर-मंतर पर किसान संसद, सरकार बातचीत करने को तैयार

ब्यूरो — नई दिल्ली

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर किसान संसद शुरू कर दी, 13 अगस्त तक यानी मानसून सत्र खत्म होने तक 200 किसान रोजाना यहां स्पीकर और डिप्टी स्पीकर चुनेंगे और साथ में अहम बिलों पर चर्चा करेंगे। उधर, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार किसानों के साथ खुले मन से बातचीत को तैयार है। यदि किसान बिंदुवार तरीके से कानून में मौजूद समस्याएं सरकार को बताएं, तो सरकार उनका समाधान करेगी। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने प्रदर्शनकारी किसानों को मवाली बता दिया, जिसपर सियासत गरमा गई। कांग्रेस ने उनके बयान पर तीखा विरोध जाहिर करते हुए लेखी के इस्तीफे की मांग की है।

दरअसल प्रेस कान्फें्रस में मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ये किसान नहीं मवाली हैं। इसका संज्ञान लेना चाहिए। जो कुछ 26 जनवरी को हुआ, वह शर्मनाक था। वे आपराधिक गतिविधियां थीं। उसमें विपक्ष की ओर से चीजों को बढ़ावा दिया गया। आप जिन्हें किसान बोल रहे हैं, वे मवाली हैं। इस बयान के तुरंत बाद विपक्ष लेखी पर हमलावर हो गया। दिल्ली में चार बार विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मुकेश शर्मा ने लेखी को अपने बयान पर मांफी मांगने को कहा। उन्होंने ट्वीट किया कि शर्म करो! मीनाक्षी लेखी जी किसान मवाली नहीं, बल्कि अन्नदाता है! इसलिए माफी मांगो या इस्तीफा दो। लेखी के बयान पर किसान नेता राकेश टिकैत ने अफसोस जताते हुए कहा कि लेखी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करने वाले मवाली नहीं, किसान हैं। किसान के बारे में ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। किसान देश का अन्नदाता है।