Sunday, October 25, 2020 01:19 AM

मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के मिल रहे बेहतरीन परिणाम

राजगढ़-प्रदेश सरकार द्वारा किसानों और बागबानों को बंदरों और जानवरों से बचाव हेतु मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संचालित बाड़ वरदान सिद्ध हो रही है। जंगली जानवरों, बंदरों और अन्य पशुओं द्वारा आए दिन फसलों को चटकर जाने से अधिकतर किसान परेशान थे, लेकिन जिन किसानों ने सौर ऊर्जा संचालित बाड़ लगाई। उन्हें जंगली जानवरों की समस्या से पूरी तरह से निजात मिल गई है।

जिला सिरमौर के राजगढ़ खंड की ग्राम पंचायत रानाघाट के शरगांव कुमाली गांव की तारा देवी भी उनमें से एक है जो इस योजना से लाभान्वित हुई है। खेतों में लगाई गई फसलों को जंगली जानवरों, बंदरों और अन्य पशुओं द्वारा बार-बार नष्ट करने से तंग आकर उन्होंने खेती न करने की ठान ली थी। उनका कहना है कि खेतों में मेहनत के साथ लगाई गई फसलों को  जंगली जानवर, बंदर तथा अन्य पशु चटकर जाते थे और उनके हाथ में अनाज का एक दाना भी हाथ नहीं आता था। इसी बीच उनके मोबाइल पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से भेजे गए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के संबंध में संदेश पढ़ने के बाद उनके मन में खेती करने की दोबारा से उम्मीद जगी। संपर्क करने पर कृषि विकास अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों और बागबानों को अपने खेतों की बाड़बंदी करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर 80 प्रतिशत और सामूहिक स्तर पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। तारा देवी ने लगभग पांच बीघा कृषि भूमि पर इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संचालित करंटयुक्त बाड़ लगाने के लिए आवेदन किया और  वर्ष 2018-19 में तारा देवी ने लगभग 2,56,825 रुपए की लागत से खेतों के चारों ओर 2295 मीटर सौर संचालित करंटयुक्त बाढ़ लगाई।

उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से 2,05,460 रुपए का अनुदान दिया गया, जबकि तारा देवी ने सौलर संचालित बाड़ लगाने के लिए अपनी जेब से मात्र 51,365 रुपए ही खर्च किए। उनका कहना है कि सोलर बाड़ के अनेक फायदे हैं। बाड़ में हल्का सा सौर आधारित करंट होने के कारण कोई भी जानवर इसके नजदीक नहीं आता है और यदि कोई जानवर खेत में प्रवेश करने की कोशिश करता भी है तो बाड़ के संपर्क में आते ही वह तुरंत दूर भाग जाता है और दोबारा नजदीक आने की कोशिश नहीं करता है। सोलर बाड़ लगाने के बाद उन्हें विशेष रूप से बंदरों से बहुत राहत मिली है। तारा देवी का कहना है कि उन्हें जहां बंदरों, जंगली जानवरों तथा अन्य पशुओं के आतंक से निजात मिल चुकी है, वहीं मक्की तथा अन्य सब्जियों का उत्पादन भी व्यापक स्तर पर कर रही हैं। उनके खेतों में फसल सुरक्षित रहने से अच्छी पैदावार होने के साथ उनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ हुई है। उन्होंने इस योजना का लाभ प्रदेश के किसानों व बागबानों के खेतों तक पहुंचाने और बंदरों, जंगली जानवरों तथा अन्य पशुओं से उन्हें राहत प्रदान करने लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।

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