Tuesday, June 15, 2021 12:52 PM

हिंद महासागर में गिरा चीन के रॉकेट का मलबा, नासा ने बताया गैर-जिम्मेदार

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने शनिवार को कोविड-19 मरीजों के इलाज को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं। इनके मुताबिक अब कोविड हैल्थ फैसिलिटी में भर्ती के लिए कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट अनिवार्य नहीं होगी। केंद्र सरकार ने बताया कि मरीजों को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है। इससे कोरोना से संक्रमित लोगों का तुरंत इलाज शुरू हो सकेगा। पहले अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कोविड की पॉजिटिव रिपोर्ट या फिर सीटी-स्कैन की जरूरत होती थी। कोरोना मरीजों को कोविड सुविधाओं में भर्ती करवाने के लिए राष्ट्रीय नीति में संशोधन किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना का  कांग, तमिलनाडु में क्रिश्चियन मेडिकल कालेज के ही डायरेक्टर डा. जेवी पीटर शामिल हैं। इनके अलावा मेदांता हॉस्पिटल के चेयरपर्सन और एमडी डा. नरेश त्रेहन, फोर्टिस अस्पताल में क्रिटिकल केयर मेडिसीन के डायरेक्टर डा. राहुल पंडित, सर गंगाराम अस्पताल की डिपार्टमेंट ऑफ सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट की डायरेक्टर डा. सौमित्र रावत, आईएलबीएस के सीनियर प्रोफेसर डा. शिव कुमार सरीन और हिंदुजा हॉस्पिटल के डा. जरीर एफ उडवाडिया शामिल हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि भारत एक ऑक्सीजन सरप्लस वाला देश है। भारत की क्षमता सात हजार मीट्रिक टन की है, लेकिन अभी भारत में 10 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

दो लाख से ज्यादा कैश पेमेंट को भी मंजूरी

कोरोना से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजन को राहत देने के लिए सरकार ने एक और फैसला लिया था। कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे अस्पताल, डिस्पेंसरी और कोविड केयर सेंटर्स अब दो लाख रुपए से ज्यादा का पेमेंट भी कैश ले सकेंगे। यह छूट 31 मई तक रहेगी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि इस तरह के इंस्टीच्यूट को मरीज और पेमेंट करने वाले का पैन या आधार कार्ड लेना होगा। साथ ही मरीज और पेमेंट करने वाले के बीच रिश्ते की जानकारी भी लेनी होगी।

दिल्ली - विदेशों में मजबूती के बीच बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में अधिकतर खाद्य तेलों में टिकाव रहा। तेलों के साथ चीनी के दाम भी स्थिर रहे। दाल-दलहनों में साप्ताहिक तेजी रही जबकि गेहूं में नरमी देखी गई। तेल तिलहन : विदेशों में मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का जुलाई वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 556 रिंगिट चढ़कर 4,425 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच गया। जुलाई का अमेरिकी सोया तेल वायदा भी 1.96 सेंट की बढ़त के साथ सप्ताहांत पर 64.35 सेंट प्रति पाउंड बोला गया।

स्थानीय बाजार में सरसों तेल, सूरजमुखी तेल, मूँगफली तेल, सोया तेल और पाम ऑयल में टिकाव रहा। ग्राहकी आने से वनस्पति का भाव 147 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया। सप्ताहांत पर सरसों तेल 16,116 रुपये, मूंगफली तेल 19,413 रुपये, सूरजमुखी तेल 19,047 रुपये, सोया रिफाइंड 15,385 रुपये, पाम ऑयल 13,187 रुपये और वनस्पति तेल 13,626 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।

नई दिल्ली चीन के अनियंत्रित हुए राकेट लॉन्ग मार्च का मलबा रविवार को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर गया और इसके मालदीव के पास हिंद महासागर में गिरने की खबर है। इसके बाद से अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष मलबे को लेकर जिम्मेदार मानकों को पूरा करने में विफल रहने के लिए चीनी प्रशासन को फटकार लगाई है। पूर्व सेनेटर और नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि चीन अपने अंतरिक्ष मलबे के बारे में जिम्मेदार मानकों को पूरा करने में विफल हो रहा है। चीन के मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग कार्यालय ने बताया कि चीन के लॉन्ग मार्च 5बी राकेट के अवशेष बीजिंग के समयानुसार सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर गए और वे 72.47 डिग्री पूर्वी देशांतर और 2.65 डिग्री उत्तरी अक्षांश में समुद्र के एक खुले क्षेत्र में गिरे।

ज्यादातर अवशेष पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश के दौरान ही जल गए। चीन ने इस राकेट की मदद से अंतरिक्ष में बनाए जाने वाले अपने तियांगोंग स्पेस स्टेशन का पहला हिस्सा भेजा था। इस राकेट में 29 अप्रैल को दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान में विस्फोट हो गया था। इससे पहले पेंटागन ने मंगलवार को कहा था कि वह चीन के उस विशाल राकेट का पता लगा रहा है, जो नियंत्रण से बाहर हो गया और उसके इस सप्ताहांत तक पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने की संभावना है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने इस हफ्ते मीडिया को बताया था कि राकेट के अवशेष जब पृथ्वी की वायुमंडल में प्रवेश करेंगे तो वे जल जाएंगे। चीन आगामी हफ्तों में अपने अंतरिक्ष केंद्र कार्यक्रम के लिए और राकेट भेज सकता है, क्योंकि उसका उद्देश्य अगले साल तक इस परियोजना को पूरा करने का है।