Sunday, May 09, 2021 07:13 PM

नयनादेवी : दुल्हन की तरह सजे मां के दरबार

पुलिस प्रशासन ने दी चेतावनी; कहा, नियमों की अवहेलना हुई तो होगी कार्रवाई

कार्यालय संवाददाता—बिलासपुर प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनदेवी जी में होटल, गेस्ट हाउस संचालक रुकने वाले हर श्रद्धालु का रिकार्ड मेटेंन करें। अन्यथा नियमों की अवहेलना पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसके चलते सभी संचालक नियमों का पालन करें। प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनादेवीजी में 13 से 22 अप्रैल तक चैत्र नवरात्र मेला होंगे।

इसमें प्रदेश के अलावा अन्य बाहरी राज्यों के श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान श्रद्धालु गेस्ट हाउस या फिर होटल में भी रुकते हैं। जिसके चलते इन श्रद्धालुओं का रिकार्ड मेंटेन करना जरूरी है। पुलिस प्रशासन की मानें तो यदि निरीक्षण के दौरान किसी तरह की कोताही पाई जाती है, तो नियमों की अवहेलना होने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताया जा रहा है कि कई बार लोग इस तरह की कोताही होने पर कमियों का लाभ भी उठाते हैं। आपराधिक गतिविधियों को भी बड़ी आसानी से अंजाम देते हैं। जो कि पुलिस प्रशासन के साथ ही अन्य स्थानीय लोगों के लिए समस्या पैदा करते हैं। लेकिन इस बार हर श्रद्धालु का रिकार्ड मेंटेन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे मालिकों को निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति आपके होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे पर रुकता है उसका पहचान पत्र, आधार कार्ड की प्रति अपने पास रखना सुनिश्चित करें और होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे के रजिस्टर में प्रॉपर एंट्री करें। ताकि किसी भी अनहोनी के समय डाटा का प्रयोग किया जा सके। उधर, इस बारे में डीएसपी नयनादेवी अभिमन्यु ने कहा कि सभी होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे मालिकों को रिकार्ड मेटेंन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों की अवहेलना सहन नहीं होगी।

109 साल की सुखदेई ने रविवार शाम ली अंतिम सांस, गांव में शोक की लहर

निजी संवाददाता-भराड़ी ग्राम पंचायत मरहाणा के गांव भ्योल में 109 वर्षीय सुखदेई देवी पत्नी स्वर्गीय कृपा राम स्वतंत्रता सेनानी रविवार शाम छह बजे के करीब स्वर्ग सिधार गई। उनके निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है। क्योंकि वह क्षेत्र की सब से ज्यादा उम्र की महिला थी। इनके तीन बेटे और चार बेटियां हैं और सभी बच्चों की शादियां कर चुके हैं। भरा पूरा परिवार छोड़कर 109 वर्षीय सुखदेव इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। सोमवार दिन में उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

उनके बड़े बेटे जगदीश प्रसाद सेवानिवृत्त तहसीलदार व पोत्रों ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनके तीन बेटे जिनमें जगदीश प्रसाद सेवानिवृत्त तहसीलदार, डा. मदन लाल शर्मा सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हसबेंडरी, डा. व रमेश कुमार सेवानिवृत्त आयुर्वेद है और चार बेटियां हैं उनमें से एक बेटी की लगभग तीन वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। सुखदेई के छह पोते और पोतियां तथा 13 दोहते-दोहतियां हैं। सभी शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हो चुके हैं। बहुत बड़े परिवार को छोड़कर सुखदेई ने इस दुनिया को अलविदा की। इस मौके पर एसडीएम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी होने के नाते प्रशासन द्वारा जो भी उचित मुआवजा दिया जाता है वह परिवार को दे दिया जाएगा। उनकी अंतिम विदाई में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर ग्राम पंचायत मरहाणा के प्रधान जगत सिंह ठाकुर, उपप्रधान रवि कुमार, ग्राम पंचायत भराड़ी के प्रधान प्यारे लाल शर्मा, सीता राम, लेख राम, कृष्ण चंद, डा. नरेंद्र शर्मा, देवेंद्र शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, रामनाथ शर्मा, राजेश शर्मा, महेंद्र शर्मा, राकेश कुमार वार्ड सदस्य, ज्ञान चंद, दीनानाथ, दीपराज, नंदलाल, राजकुमार, देवराज सहित सैकड़ों लोगों ने अंतिम विदाई में भाग लिया।

तलवाड़ा के किसानों ने पेश की बागबानी की अनोखी मिसाल, एक पौधे से मिलेंगे 40 से 50 किलो फल

सीता राम शर्मा-बम्म बिलासपुर जिला की ग्राम पंचायत तलवाड़ा के ग्रामीण किसानों ने सामूहिक बागबानी अपनाकर एक अनोखी मिशाल पेश की है। उद्यान विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्त्वावधान में 50 किसानों ने मिलकर 160 बीघा जमीन में एक बहुत ही वैज्ञानिक तौर-तरीकों से सुंदर व आकर्षक बगीचा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। पंचायत में गठित शिवा कृषक एवं बागबान विकास समूह तलवाड़ा के किसानों प्रधान बंसी राम, उपप्रधान सवर्ण सिंह, सचिव मदन मोहन, सलाहकार अशोक कुमार, राजेंद्र सिंह, रचना देवी, पुष्पा देवी, अनिता देवी, अजीत सिंह, नंद लाल, कृष्ण सिंह, रमेश कुमार, धर्म सिंह, ज्ञान चंद, प्रदीप कुमार, मंजु देवी, सुनीता देवी आदि ने बताया कि अगस्त 2019 में डेमो उदाहरण के रूप में एक हेक्टेयर भूमि में संगतरा उच्च श्रेणी पौधारोपण किया गया जो सफल व उत्साहजनक निकला। उसके बाद में इसे प्रोजेक्ट में लेकर अगस्त 2020 से उद्यान विभाग ग्यारह हेक्टेयर भूमि में बागीचा लगाने में जुट गया है। इस समय 160 बीघा जमीन में संगतरा उत्तम प्रजाति के पौधे लगा दिए गए हैं।

किसानों की मानें तो इस एकता की अनोखी पहल से भूमि विकास व अपनी खेती अपना काम, सोलर लाइट फैंसिंग बाढ़ बंदी, जंगली जानवरों बंदरों सुअरों, लावारिस पशुओं से छुटकारा, सिंचाई की ड्रिप सिंचाई व जल भंडारण, बेड बनाने व निराई-गुड़ाई मनरेगा योजना में, पौधे व खाद खेतों तक नि:शुल्क, प्राकृतिक आपदा के लिए बीमा व नुकसान का मुआवजा, बीड़ बन्ने से छेड़छाड़ नहीं तथा किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए सामूहिक योजना शुरू की गई है। एक बीघे में 120 पौधे, एक पौधा 40-50 किलो फल प्रदान करेगा। इसका प्रत्येक कार्य समूह की देखरेख में ही होगा। इस बारे तलवाड़ा पंचायत प्रधान धनी राम वर्मा ने बताया कि 160 बीघा जमीन में लग रहा सामूहिक बागबानी प्रोजेक्ट किसानों की तकदीर बदल देगा। उधर, इस बारे उद्यान विभाग कुठेड़ा व हटवाड़ में कार्यरत विकास अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि इस क्लस्टर रूप में किसानों को विभाग की ओर से प्रत्येक योजना का लाभ दिया जा रहा है। वहीं, भूमि विकास, बाड़बंदी, पौधारोपण, खाद, स्वरोजगार, सिंचाई व्यावस्था के सभी प्रबंध किए गए हैं। (एचडीएम)

उपायुक्त ने पशुपालन विभाग को रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश

कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर लंबे समय से बारिश न होने के चलते इस बार किसानों को पशु चारे को लेकर समस्या झेलनी पड़ सकती है, लेकिन किसानों की इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन भी चिंतित है। जिसके चलते जिला प्रशासन ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। सोमवार को बिलासपुर में उपायुक्त रोहित जम्वाल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो इस मसले का लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पर्याप्त रूप से वर्षा न होने के कारण फसलों और घास को काफी नुकसान हुआ है। जिसके कारण पशुओं के लिए चारे की कमी हो सकती है।

उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि पशु चारातुड़ी की कमी से निपटने के लिए सूखे के कारण फसलों को जो नुकसान हुआ उसका प्राक्कलन तैयार करें और उसकी रिपोर्ट भेजें। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि जिला में पशुओं के चारे के लिए जो वास्तविक मांग है। उसकी रिपोर्ट फील्ड अधिकारियों से एकत्रित करके शीघ्र प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। बता दें कि पिछले करीब तीन माह से प्रर्याप्त बारिश नहीं हुई है जिसके चलते जिला में तमाम फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिला में करीब साढ़े 37 करोड़ के नुकसान का अनुमान है, इसमें अकेले गेहूं की फसल को करीब 32 करोड़ का नुकसान हुआ है। करीब 80 प्रतिशत गेहूं की फसल पर्याप्त बारिश न होने के चलते प्रभावित हुई है, जिससे अब किसानों को पशुचारे की चिंता सताने लगी है। इस अवसर पर उप निदेशक पशु पालन डा. लाल गोपाल, डा. विनोद कुंदी, उपनिदेशक कृषि डा. केएस पटियाल, डीआरओ देवी राम, सहायक नियंत्रक वित्त एवं लेखा रविंद्र कुमार उपस्थित रहे।

महासभा ने बिलासपुर में बैठक कर तैयार की 20 अप्रैल के राज्य स्तरीय प्रदर्शन की रणनीति

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—बिलासपुर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है। एससी एसटी व ओबीसी की तर्ज पर सवर्ण आयोग का गठन करने की मांग को लेकर 20 अप्रैल को शिमला में एक बड़ा प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है जिसमें महासभा को राष्ट्रीय जनता पार्टी सत्य का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। महासभा का कहना है कि वह सरकार के विरोध में नहीं हैं बल्कि इस वर्ग की अनदेखी से आहत हैं और इसलिए सवर्ण आयोग का गठन करने या फिर सभी आयोगों को निरस्त कर सभी जाति वर्ग के लिए एक ही आयोग गठित करने के पक्षधर हैं। आरक्षण का आधार कोई जाति विशेष नहीं बल्कि आर्थिक होना चाहिए। महासभा के राज्य अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने जिला परिषद हाल में आयोजित बैठक में कहा कि पिछले लंबे समय से सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर संघर्षरत हैं।

उन्होंने बताया कि शिमला में 20 अप्रैल को एक बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है जिसमें महासभा राज्य की जयराम सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांग को प्रभावी तरीके से उठाएगी और सवर्ण आयोग के गठन को लेकर जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया जाएगा। इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता पार्टी भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करवाएगी। उन्होंने बताया कि महासभा सरकार के खिलाफ नहीं है बल्कि गलत नीतियों का विरोध जरूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रति किसी भी प्रकार का कोई भी द्वेष भाव नहीं है लेकिन वह सभी वर्गों के लिए एक समान अधिकार चाहते हैं। यदि सरकार सभी आयोग निरस्त कर एक ही आयोग बनाए तब तो बहुत बेहतर कदम होगा अन्यथा एससीएसटी व ओबीसी की तर्ज पर स्वर्ण आयोग का गठन करने में क्या दिक्कत है। भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि महासभा दलितों या इस वर्ग के उत्थान के लिए गठित आयोग के खिलाफ भी नहीं है बल्कि वह चाहते हैं कि दलितों सहित बाकी जाति वर्ग भी एक ही बैनर तले आएं और सभी के लिए एक समान अधिकार को लेकर एक ही आयोग के गठन के लिए सरकार से आग्रह किया जाए ताकि समाज में फैले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके। इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष रत्न ठाकुर, प्रदेश महामंत्री विशाल और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य बलवान ठाकुर इत्यादि मौजूद रहे।

नयनादेवी में नवरात्र के दौरान सीसीटीवी कैमरे रखेंगे कड़ी नजर, मेले को लेकर प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

निजी संवाददाता-नयनादेवी हर वर्ष की भांति इस बार भी चैत्र नवरात्र विख्यात तीर्थ स्थल नयनादेवी में मंगलवार से आरंभ हो रहे हैं। इस संदर्भ में यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी इंतजाम पूरे करने के लिए मंदिर न्यास तथा नगर प्रशासन अपने-अपने कार्यों में जुट गए हैं। कोरोना महामारी के चलते 13 से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की आने की उम्मीद है। न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम नयनादेवी सुभाष गौतम को मेला अधिकारी तथा डीएसपी अभिमन्यु को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। नयनादेवी में सोमवार को न्यास अध्यक्ष एवं मेला अधिकारी सुभाष गौतम ने बताया कि इस बार भी मंदिर न्यास ने 100 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों को नियुक्त किया है जो कि मंदिर में सभी कार्यों तथा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के सभी मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देगी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ सारे कार्यों को सही अंजाम देने के लिए कहा। उन्होंने श्रद्धालुओं की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के सभी कर्मचारियों को अपनी-अपनी ड्यूटी निभाने को कहा है तथा यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि मंदिर ने पांच क्यूआरटी गाडिय़ां हर वक्त मौजूद रहेगी तथा तीन एंबुलेंस भी मेले के दौरान उपलब्ध रहेंगी।

उन्होंने कहा कि नवरात्र में तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र लगाए गए हैं तथा इसके अतिरक्त घ्वांडल में तथा नयनादेवी में स्वास्थ्य केंद्र खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्त्वों पर नजर रखने के लिए लगभग 110 सीसीटीवी कैमरें कोलां वाला टोबा से लेकर नयनादेवी क्षेत्र तथा भाखड़ा डैम रोड़ तक हर गतिविधि पर नजर रखेंगें। यात्रियों को कोरोना महामारी के चलते पैकिंग फूड ही उपलब्ध होगा, जबकि लंगर में बैठने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर क एक नयनादेवी दुल्हन की तरह सजाया गया है। उधर, नयनादेवी परिषद की अधिकारी प्रीतिमा राय ने कहा कि इस बार भी नगर परिषद अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर रख लिया है तथा इन नवरात्र में कुल 68 सफाई कर्मचारी नगर में सफाई का काम संभालेंगे। परिषद ने सभी दुकानदारों से आग्रह किया है कि वे पसरी हुई दुकानों को अपने क्षेत्र में कर लें, ताकि यात्रियों के आने जाने हेतु रास्तों में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा बाद में शिकायत आने पर सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी व्यक्ति पार्किंग शुल्क निर्धारित से ज्यादा लेता है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उधर, रज्जु मार्ग के प्रशासन ने भी यात्रियों की सुविधा हेतु भी प्रबंध पूरे कर लिए हंै तथा पूर्ववत की भांती यात्रियों के सेवा हेतु सुबह आठ बजे से शाम तक रज्जु मार्ग चलेगा। यात्रिओं की गाडिय़ों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी उपलब्ध है। उधर नवरात्रों के चलते हिमाचल पुलिस ने भी पंजाब के बॉर्डर कोलां वाला टोबा में भाखड़ा बांध में तथा कैंचीमोड़ पर भी चौकसी बढ़ा दी है तथा पुलिस लगातार आने जाने वाली गाडिय़ों को चैक करके ही नयनादेवी के लिए भेजा जा रहा है।