Tuesday, April 13, 2021 08:52 AM

पर्यटन को नई उड़ान, बजट में टूरिज़्म निखारने के लिए कई अहम योजनाएं

विशेष संवाददाता — शिमला

प्रदेश में एचपीटीडीसी के एक होटल में ‘आयुर्वेदिक वेलनैस केंद्र’ तथा एक होटल को ‘डेस्टिनेशन वेडिंग लोकेशन’ में रूप में विकसित किया जाएगा। लाहुल-स्पीति को ईको टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए पहल करते हुए 2021-22 में सिस्सू में पर्यटक सूचना केंद्र तथा कला, संस्कृति और साहसिक खेल केंद्र का निर्माण किया जाएगा। उदयपुर, जिस्पा और काजा में वे साइड ऐमिनिटीज सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। लाहुल में नई स्कीइंग साइट का चयन होगा और आइस स्केटिंग रिंक स्थापित होगी। स्पीति में आइस हॉकी को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। लाहुल-स्पीति के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोज़गार के लिए प्रशिक्षण मिलेगा। पर्यटन को कोविड-19 से पूर्व की स्थिति में लाने के लिए एक मल्टी मीडिया पब्लिसिटी कैंपेन चलाया जाएगा, जिसमें स्थानीय आकर्षणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण 218 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सांस्कृतिक केंद्र बड़ागांव, मनाली, सांस्कृतिक केंद्र, जंजैहली, विजय हाई स्कूल, मंडी का जीर्णोद्धार किया जाएगा। कनवेंशन सेंटर मंडी, धर्मशाला तथा क्यारीघाट, पार्किंग, ज्वालामुखी, चामुंडा मंदिर परिसर, कांगड़ा का जीर्णोद्धार, बैंटनी कैसल शिमला का जीर्णोद्धार होगा। ऑर्ट एंड क्राफट सेंटर कांगड़ा, आर्टिफिशियल क्लिमंबिंग वॉल मनाली, लाइट एंड साउंड शो शिमला, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर भलेई माता, चंबा, पैराग्लाइडिंग सेंटर, बीड़ बिलिंग, हाटेश्वरी मंदिर सौंदर्यीकरण, हाटकोटी, शिमला, कांगनीधार, रामपुर और बद्दी में हेलिपोर्ट बनेगा।

यहां रोप-वे

बहुप्रतीक्षित धर्मशाला-मेकलोडगंज रोप-वे आगामी वर्ष में आने वाले टूरिस्ट सीजन से पहले ही पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा। धर्मशाला शहर के समीप सरकारी भूमि उपलब्ध है, जिस पर निजी पर्यटक बसों के लिए पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा। युवाओं को पर्यटन से जोड़ने और स्वरोज़गार को बढ़ावा देने के लिए एक हज़ार युवाओं को टूरिस्ट गाइड, पर्वतारोहरण, साहसिक खेल गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पर्यटन में निजी क्षेत्र में कार्य कर रहे कर्मियों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी।

मंडी में शुरू होगा शिव धाम का काम

मंडी में ‘शिव धाम’ पर्यटन स्थल स्थापित करने की घोषणा हुई थी, जिसके तहत इसके दूसरे चरण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसमें 12 ज्योतिर्लिंग, प्रशासनिक भवन, सड़क, पार्किंग आदि सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 150 करोड़ रुपए व्यय किए जाने का अनुमान है। 2021-22 में 40 करोड़ रुपए का व्यय किए जाने का प्रस्ताव है। इच्छुक होम स्टे इकाइयों को प्रचार-प्रसार और ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के लिए एचपीटीडीसी तथा पर्यटन विभाग की वेबसाइट से जोड़ा जाएगा।

हिमाचल में बनेंगी  पर्यटक सड़कें

सीएम जयराम ठाकुर बोले, पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों के लिए योजना में होंगे  जरूरी सुधार  जारी रहेगी इंट्रस्ट सबवेंशन स्कीम

 शिमला -पर्यटन क्षेत्र में कारोबारियों के लिए चलाई जा रही इंट्रस्ट सबवेंशन स्कीम को सरकार ने जारी रखा है। सभी हितधारकों से चर्चा करके इस योजना में आवश्यक सुधार तथा संशोधन किए जाएंगे, जिससे यह योजना पर्यटन से जुड़े अधिकांश वर्गों तक पहुंच सके। मांग के अनुसार इस योजना में समुचित बजट का प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लंबे समय से सुनते आ रहे हैं कि हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यह सच है, परंतु यह भी सत्य है कि इन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए जिस सोच और विश्वास की आवश्यकता थी, उसकी कमी रही। यही कारण है कि हम वर्षों तक प्रदेश में नए पर्यटक स्थलों का विकास नहीं कर पाए। सरकार ने ‘नई राहें-नई मंजिलें’ योजना बना कर पर्यटन विकास के मार्ग को प्रशस्त किया है। ‘नई राहें-नई मंजिलें’ योजना को विस्तार देते हुए और उसमें नए आयाम जोड़ते हुए 2021-22 में प्रधानमंत्री द्वारा तीन अक्तूबर, 2020 को अटल टनल, रोहतांग देश को समर्पित करने के तुरंत बाद से लाहुल में पर्यटकों की आमद में अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखी जा रही है। अटल टनल के दोनों ओर प्रतिकूल और अनियोजित विकास को नियंत्रित करने के लिए नगर एवं ग्राम योजना विभाग द्वारा एक विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।

अटल सुरंग देखने के लिए आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए, जून-2021 से पहले, पार्किंग, हिमाचली हस्तशिल्प एवं परंपरागत उत्पादों का बिक्री केंद्र व यथासंभव ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीण पर्यटन को बल देने के लिए 2021-22 में पहले चरण में 15 स्थानों को, गैर जन-जातीय जिलों में एक-एक तथा प्रत्येक जन-जातीय विकास परियोजना क्षेत्र में एक-एक स्थान को, पर्यटक आकर्षण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कार्य को स्थानीय भागीदारी से किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं तथा महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। चुनी हुई सड़कों को व्यवस्थित तथा चरणबद्ध तरीके से ‘पर्यटक सड़क’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सड़कों पर निजी भागीदारी से टूरिस्ट फे्रंडली इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए चिन्हित मार्गों को साइकिलिंग रूट के रूप में प्रचारित करने के लिए वर्ष भर में पहाड़ी सड़कों पर साइकिलिंग एक्सपेडिशन आयोजित किए जाएंगे।