Friday, September 25, 2020 10:01 AM

निजी हाथों में न जाए रक्षा शस्त्र उद्योग

कार्यालय संवाददाता — बिलासपुर

केंद्र सरकार द्वारा रक्षा शस्त्र निर्माण करने वाले उद्योगों का निजीकरण नहीं करना चाहिए। केंद्र सरकार का यह निर्णय देश में अराजकता का माहौल पैदा करने वाला होगा। यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी का सदस्य एवं नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामलाल ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों में कार्यरत करीब 80 हजार कर्मियों ने 12 अक्तूबर को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। बाकायदा इसके लिए केंद्र सरकार को सूचित भी किया गया है। अभी तक देश के रक्षा मंत्री के कानों में जूं तक नहीं रेंग पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो जाएगा। रामलाल ठाकुर ने कहा कि 28 जुलाई को हुई बैठक में सचिव रक्षा उत्पादन ने आश्वासन दिया था कि तीनों फेडरेशनों की बातों को रक्षा मंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा।

इसके बावजूद अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई भी उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश की आन-बान-शान कही जाने वाली इन आयुद्ध फैक्टरियों को निजी हाथों में बेचना देश की गरिमा के साथ एक भद्दा मजाक होगा। रामलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पर पैसे कमाने का अंधा भूत सवार हो गया है और उस भूत के लिए देश में अस्त्र-शस्त्र बनाने वाली फैक्टरियों को बेचने से भी केंद्र सरकार गुरेज नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि उक्त उद्योगों की यूनियनें अपने कर्मियों के समर्थन में अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम तैयार करने जा रही है, जिसका खामियाजा भविष्य में भुगतना पड़ सकता है। रामलाल ठाकुर ने कहा कि देश मे हर तरफ सीमाओं पर विवाद की स्थिति बनी हुई है और दूसरी तरफ देश की आयुद्ध फैक्टरियों के निजीकरण का मसौदा तैयार कर केंद्र सरकार देश में अस्थिरता व अराजकता का माहौल बनाने में लगी हुई है, जो कि सरासर गलत है, इसका विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश में अराजकता का माहौल बनाने के बजाय देश की जनता के हितों के लिए प्रयास करने चाहिए।

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